@Imdead108_ybc 🏧 for Sindur mangalsutra prostitution where husband and boyfriend both are kept and husband pays bills for immorality of wife . Thanx to high and superior koth@ 👞
@venom1s patriarchal क��तिया पूजन की नौटंकी वाली फ़र्ज़ी देवी जो लफ़ंगो के बिस्तर पर पड़ी है और तुलना हमारी आराध्य देवी माँ से चाहती है और सभी हिंदू कुतिया पूजन के नाम पर वैश्यायों की खेप को बढ़ावा देने का पाप करते हैं, इस मूर्खता से बचो कोई हमारी आराध्य से तुलना लायक नहीं हैं
@TeamHinduUnited जब सिंदूर मंगलसूत्र की आड़ में सुहागिन वैश्याएं पति और प्रेमी दोनों रखती,तो हाई/सुपीरियर कोठे इसको आजादी कहते alimony हमेशा पति को देना है,पत्नी किसी की लिव इन रखैल बनकर रह रही,फिर शादी वसूली का धंधा है सुहागिन वैश्यायों के लिए #justiceforatulsubhash
अपना सिक्का भी खोटा है भाई
@SonOfBharat7 जब सिंदूर मंगलसूत्र की आड़ में सुहागिन वैश्याएं पति और प्रेमी दोनों रखती,तो हाई/सुपीरियर कोठे इसको आजादी कहते alimony हमेशा पति को देना है,पत्नी किसी की लिव इन रखैल बनकर रह रही,फिर शादी वसूली का धंधा है सुहागिन वैश्यायों के लिए #justiceforatulsubhash
अपना सिक���का भी खोटा है भाई
@DeepikaBhardwaj जब सिंदूर मंगलसूत्र की आड़ में सुहागिन वैश्याएं पति और प्रेमी दोनों रखती,तो हाई और सुपीरियर कोठे इसको empowerment कहते और alimony हमेशा पति को देना पड़ता है अगर पत्नी किसी की लिव इन रखैल बनकर रह रही,फिर शादी तो वसूली का धंधा है सुहागिन वैश्यायों के लिए #justiceforatulsubhash
@venom1s जब सिंदूर मंगलसूत्र की आड़ में सुहागिन वैश्याएं पति और प्रेमी दोनों रखती,तो हाई और सुपीरियर कोठे इसको empowerment कहते और alimony हमेशा पति को देना पड़ता है अगर पत्नी किसी की लिव इन रखैल बनकर रह रही,फिर शादी तो वसूली का धंधा है सुहागिन वैश्यायों के लिए #justiceforatulsubhash
@NCMIndiaa जब सिंदूर मंगलसूत्र की आड़ में सुहागिन वैश्याएं पति और प्रेमी दोनों रखती,तो हाई और सुपीरियर कोठे इसको empowerment कहते और alimony हमेशा पति को देना पड़ता है अगर पत्नी किसी की लिव इन रखैल बनकर रह रही,फिर शादी तो वसूली का धंधा है सुहागिन वैश्यायों के लिए #justiceforatulsubhash
@DeepikaBhardwaj सदियों से patriarchal कुतिया पूजन नौटंकी के नाम पर किसी भी फीमेल ऑर्गन धारी पशु को हमारी आराध्य देवी माँ से तुलना का पाप करने वाले हिंदुओं ये समझ लो कि कुतिया पूजन में ख़ुद को देवी लक्ष्मी जैसा बोलने वाली अधिकतर सड़ी हुई फेमिनिस्ट चरित्रहीन होती हैं, सादर जुतांजलि
@venom1s सदियों से patriarchal कुतिया पूजन नौटंक��� के नाम पर किसी भी फीमेल ऑर्गन धारी पशु को हमारी आराध्य देवी माँ से तुलना का पाप करने वाले हिंदुओं ये समझ लो कि कुतिया पूजन में ख़ुद को देवी लक्ष्मी जैसा बोलने वाली अधिकतर सड़ी हुई फेमिनिस्ट चरित्रहीन होती हैं, सादर जुतांजलि
Just imagine a case where the mother of child is continuously absent & is disrespecting the court.
She is at Gurugram. But she filed all her cases in jaunpur .
Why? Just to harass?
Just imagine how courts entertain petitions of women without even validating the jurisdictions.
लेंसकार्ट का पोंगल विज्ञापन देखिए। पारंपरिक दक्षिण भारतीय पोशाक में मॉडल्स हैं, लेकिन माथे पर बिंदी, सिंदूर या कलाई पर कलावा तक नहीं।
यह कोई संयोग नहीं, बल्कि हिंदू सांस्कृतिक प्रतीकों को जानबूझकर हटाने की लगातार नीति है।
लेंसकार्ट हर विज्ञापन में हिंदू प्रतीकों से परहेज करता है, जो सनातन संस्कृति के प्रति पूर्वाग्रह दर्शाता है।
हिंदू समाज को ऐसे जानबूझकर अपमान पर ध्यान देना चाहिए।
Atul Subhash died 1.4 years ago.
Not just a suicide — It was a statement.
He named his wife, in-laws, and even Judge Rita Kaushik in his final letter.
He asked for his ashes to be flushed down a drain if justice was never served.
He begged that his child should never be handed over to his wife.
And today?
The judge he accused — promoted.
The child — handed to the same criminal wife.
The in-laws — out on bail.
His family — still knocking on doors that never open.
This is not irony.
This is the system working exactly as it is.
And yet, together we chant —
“Jai ho, Goddess of Justice.”
लेंसकार्ट ने हिंदू प्रशिक्षु ज़ील सोगासिया को शिखा काटने और तिलक हटाने का आदेश दिया। इनकार करने पर नौकरी से निकाल दि���ा।
यह साफ़ धार्मिक भेदभाव है। हिजाब-टर्बन की छूट, लेकिन हिंदू चिह्नों पर पाबंदी? CEO का 'पुराना दस्तावेज़' वाला बचाव झूठा लगता है।
ज़ील को तुरंत बहाल करो, वरना हिंदू बहिष्कार शुरू हो जाएगा। सनातन संस्कृति पर हमला बर्दाश्त नहीं होगा।