ये जिस भी स्कूल में पढ़ती है उस स्कूल का नाम खराब होने वाला है अब CBSE बोर्ड में पढ़ती है लेकिन CBSE का फुल फॉर्म भी पता।
NEET प्रोटेस्ट में गई थी लेकिन NEET का फुल फॉर्म नहीं पता।
और ऊपर से गाली गलौच करने में महारथ हासिल है इसको।
देश के प्रधानमंत्री को गाली देना ,देवी देवताओं को गाली देना ,ब्राह्मणों को गालियां देना इन सबमे इसने PHD कर रखी है।
FOUR MONTHS FOUR DAYS SINCE JUDGE AMAN SHARMA TOOK HIS LIFE
ZERO ARRESTS
ZERO ACTION
ZERO SUSPENSION
No prime time media debates on abuse of power where both the accused - wife who is Judge, SIL an IAS officer are very powerful & have faced no action
35–40 करोड़ सवर्णों में कितने लोग UGC Rollback के समर्थन में आवाज उठाएंगे?
सवाल सिर्फ संख्या का नहीं, समान अधिकार और निष्पक्ष व्यवस्था का है। UGC की 2026 Equity Regulations को लेकर अगर किसी नियम पर चिंता है, तो उसका विरोध संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से होना चाहिए।
आप UGC Rollback की मांग का समर्थन करते हैं?
कमेंट में लिखें— “हाँ, UGC ROLLBACK” और अपनी राय तर्क के साथ रखें।
“कल कांग्रेस पार्टी की कार्यसमिति ने एक आश्चर्यजनक और देशविरोधी फैसला लिया है। उन्होंने अपनी पार्टी के 1937 के Resolution को फॉलो करते हुए महान वंदे मातरम् गीत के दो ही छंद गाने का फैसला लिया है।
मैं पूरे देश को याद दिलाना चाहता हूं, 1937 में कांग्रेस पार्टी ने मुस्लिम तुष्टिकरण के लिए वंदे मातरम् के दो टुकड़े कर देश के विभाजन की नींव डाली थी और वहीं से द्वि-राष्ट्र सिद्धांत को ताकत मिली थी। अंतत देश का विभाजन हुआ और पाकिस्तान का जन्म हुआ।
कांग्रेस का यह निर्णय केवल और केवल इनकी घोर तुष्टिकरण की नीति की पुष्टि करता है,
आज कांग्रेस पार्टी 1937 के अपनी पार्टी के Resolution को मान रही है और पार्लियामेंट के एक्ट को नकार रही है ?
-आदरणीय गृहमंत्री श्री @AmitShah जी
ये केरल में कांग्रेस सरकार के मंत्री है, ये तिरंगे का केक काट रहे है
यह पूरी तरह तिरंगे का अपमान है, शर्म कीजिए कांग्रेसियो कभी वंदेमातरम से तकलीफ, कभी तिरंगे को काट रहे,
@RahulGandhi क्या आपके पार्टी में यह भी वैध
है? तिर���गे से इतनी नफ़रत क्यों है?
अखिलेश यादव के राज में स्कूलों में शौचालय तक नही थे, बेटियों को शौच के लिए खेतों में जाना पड़ता था..
आज यूपी में कोई ऐसा स्कूल नही है, जहां शौचालय ना हो, यही फर्क है सपाई सरकार और भाजपा सरकार में।
"चमार मिष्ठान्न भंडार से कितने लोग मिठाई खरीदेंगे?"
-भीम आर्मी चीफ
अब कोई ये बताए कि जब देश में 85% बहुजन ही इनकी दुकान से मिठाई नहीं खरीद रहे हैं, तो इसमें GC क्या करेंगे?
ये तो साफ दिखाता है कि बहुजन ही आपस में भेदभाव करते हैं!
इसलिए फौरन बहुजनों का आरक्षण खत्म किया जाए 😂🙏
SOS 🆘 MUMBAI, NAVI MUMBAI
Respected CP @Navimumpolice@milindbharambe@CPMumbaiPolice@MumbaiPolice
I have been contacted by a poor family where daughter-in-law has filed
rape FIR against 62 yr old father-in-law now in 2026 saying incident happened in 2019,
gangrape FIR against husband & his friends now in 2026 saying incident happened in 2021,
DV and 498A case against husband's entire family - All in last 10 days across various police stations
No one in entire family including elderly women have been spared. This woman has filed complaint in 2023 also where not a word of this rape or gangrape was mentioned
This family is poor and can't afford to apply anticipatory bails in such heinous offences & so many FIRs lodged simultaneously
I PLEAD YOU FOR A FAIR INVESTIGATION
@DGPMaharashtra@Dev_Fadnavis
राजपूती आन पर मि���ने वाले हैं हम,
रण में दुश्मनों के काल हैं हम,
जो सिर झुकाकर जिए, वो ज़िंदगी क्या है,
स्वाभिमान और शौर्य की मिसाल हैं हम।
जय मां भवानी 🚩🙏
35से 40 करोड़ सवर्णों में कितने लोग UGC Rollback के समर्थन में आवाज उठाएंगे?
आज सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर देश में करोड़ों सवर्ण समाज के लोग हैं, तो उनमें से कितने लोग UGC Rollback और निष्पक्ष व्यवस्था की मांग के लिए ख��लकर अपनी आवाज उठाएंगे। हाल के महीनों में UGC की 2026 की Equity Regulations को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में विरोध और बहस देखने को मिली है।
यह लड़ाई किसी जाति या समाज के खिलाफ नहीं होनी चाहिए। मुद्दा होना चाहिए—समान अधिकार, निष्पक्ष व्यवस्था और कानून का किसी भी व्यक्ति के खिलाफ गलत इस्तेमाल न होना। अगर किसी नियम में किसी वर्ग को लेकर चिंता है, तो उसके खिलाफ संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से सवाल उठाना हर ��ागरिक का अधिकार है।
अब जरूरत है कि सवर्ण समाज केवल सोशल मीडिया पर पोस्ट देखकर आगे न बढ़े, बल्कि अपनी राय स्पष्ट करे। जो लोग UGC Rollback की मांग का समर्थन करते हैं, वे कमेंट में “UGC ROLLBACK” लिखें। जो लोग इसके विरोध में हैं, वे भी अपनी बात तर्क के साथ रखें। लोकतंत्र में असहमति भी उतनी ही जरूरी है जितना समर्थन।
��िसी को “दोगला” कहकर चुप कराने के बजाय हमें यह देखना चाहिए कि कौन व्यक्ति मुद्दे को समझकर अपनी राय बना रहा है। समाज की एकता तभी मजबूत होगी जब लोग भावनाओं के साथ-साथ तथ्यों और संविधान के दायरे में अपनी बात रखेंगे।
35 से 40 करोड़ का आंकड़ा हो या उससे कम-ज्यादा—असल ताकत संख्या बताने में नहीं, बल्कि शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से अपनी बात रखने में है।
तो बताइए—
क्या आप UGC Rollback की मांग का समर्थन करते हैं?
कमेंट में लिखें: “हाँ, UGC ROLLBACK”
और अपनी राय दूसरों तक भी पहुंचाएं।