@Swiggy@biryanibykilo This is sick and disgusting! Serving cockroaches in biryani? When did this become the new norm? Such low quality food, and for such high payment this is what one gets! Who will be answerable for this sick thing? Cant think of ordering from Swiggy!!!
अगर टर्नआउट 1.07% यानी 1.64% नहीं बढ़ा होता तो बीजेपी डेढ़ सौ भी नहीं पहुंचती, समझिए पूरा गणित
बीजेपी को 2019 के मुकाबले 0.74% वोट घटा सीटें घट गईं 63
कांग्रेस को 2019 के मुकाबले 1.74% वोट बढ़ा तो सीटें बढ़ गईं 47
चुनाव के तीन दौर के बाद 1.07 करोड़ टर्नआऊट बढ़ा। अगर ये वोट बीजेपी के साथ नहीं जुड़े होते तो बीजेपी की ताकत घटकर डेढ़ सौ क आसपास आ जाती।
टर्नआउट रातों रात बढ़ने की लड़ाई छोड़ी नहीं जानी चाहिए। इस वोट नेे बीजेपी को महाराष्ट्र, असम, ओडिशा, कर्नाटक, यूपी, बिहार सब जगह बीजेपी को बचाया है।
#Turnout #BJP #Congress #Maharashtra #Assam #Odisha #UP #Bihar #BJP #Congress #INDIA #NDA
देश के जहरीले हालात के लिए गोदी मीडिया कैसे जिम्मेदार है ? ऐसा क्या कर दिया गोदी मीडिया ने ?
जवाब,)- जहर की खेती !
गलत
सही जवाब)- जहर की खेती करने वालों को रोकने के बजाय उसी खेत में खाद डालने का काम गोदी मीडिया ने किया । नतीजा देश में नफरती चिंटुओ की फसल लहलहा रही है ।
यह अहंकार, यह बदतमीज़ी, यह छिछोरापन, यह घटियापन!
आप जब चिल्लायी थी सदन में “सुनो सोनिया, सोनिया गांधी, जवाब दो सोनिया गांधी “ तो कांग्रेस के एक एक कार्यकर्ता ने उस दंश को महसूस किया! जिस महिला के औदात्य, गरिमा में कभी लेशमात्र भी तल्ख़ी नहीं दिखी उन्हें तुम “सुनो सोनिया” कह कर जो चीख रही थी वह राजनीति में घटियापन था .
प्रियंका जी ने स्क्रिप्ट लिखी, राहुल जी ने बिना एक बार तुम्हारा नाम लिये एक कार्यकर्ता से हरवा दिया !
अब जब ख़ाली हो तो अपनी ज़ुबान पर गौर फ़रमाना! तुम्हारी हार जब हम सभी की जीत लग रही तो तुमने 10 साल कुछ नहीं कमाया!
सुनो स्मृति तमीज़ से नाम लेना अगली बार !
#SmritiIrani
गांधी फिल्म आने से पहले दुनिया में महात्मा गांधी को कोई नहीं जानता था।
- पीएम श्री नरेंद्र मोदी
यह किसी आम व्यक्ति के नही हमारे प्रधानमंत्री जी के बोल है, भारत का पीएम इतना अज्ञानी कैसे हो सकता है?
यह पत्रकारिता की दुर्गति हैं कि वहां पर तीन पत्रकार मौजूद होने के बावजूद प्रधानमंत्री जी से काउंटर सवाल नहीं कर सके कि आप ऐसा कैसे कह सकते हो कि दुनिया में महात्मा गांधी को कोई नहीं जानता था?
विश्व के अनेकों देशों में महात्मा गांधी जी की मूर्तियां लगी है। गांधी जी के सत्य और अहिंसा के सिद्धांत को दुनिया के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में पढ़ाया जाता है, उनके नाम पर सैकड़ों संस्थान हैं, गांधी जीवन पर शोध होते हैं और विश्व गुरु कह रहे हैं फिल्म आने के बाद दुनिया ने उन्हें पहचाना।
गांधी जी का व्यक्तित्व क्या किसी फिल्म का मोहताज है?
मूर्खता का आत्मविश्वास सर्वोपरि होता है- हरिशंकर परसाई
मोदी जी, तुसी न जाओ..
4 जून को EVM से जिन्न निकलेगा। नतीजे चौकाने,डराने वाले होंगे।पर जिन्न का रंग भगवा होगा, या तिरंगा। डरेगा कौन, किन वजहो से??
4 जून को तय होगा।
●●
मशीन से, या तिकड़म से, "आयेगा तो मोदी" की धमकी सच हो जाये, तो मजा ही आ जाये। लेकिन डर जाता हूँ, जब ऐसे विश्लेषण देखता हूं, जिसमे इंडिया की सरकार बन रही है।
मेरे लिए सबसे पसन्दीदा वह विश्लेषक है, जो बीजेपी को 230-40 सीट दे रहा है। फिर NDA के घटक मिलाकर, विपक्ष के छोटे दल तोड़कर, फिर मोदी सरकार बनने के आसार बतायें।
●●
तो क्या मुझे राहुल को पीएम और कांग्रेस सरकार बनाने की खब्त नही??
ऊहूँ। अभी घाव पका है..फूटा नही। इतनी जल्दी हिंदुस्तान के दिल पर मरहम लगाने की जरूरत क्या है?
●●
वैसे भी, कांग्रेस में मुद्दों, विचारधारा के स्तर पर, राहुल सहित इक्का दुक्का लोग ही दिखते हैं। नीचे अधिकांश लोचो-पोचो किस्म के ढीले लोग है।
इन्हें संगठन, सन्देश, आंदोलन और विचारात्मक स्तर पर समाज को मथ डालने की जरूरत, अब भी समझ नही आई है।
तो राहुल, दिग्विजय, कन्हैया कुमार जैसो को संसद गुंजाते देखना चाहता हूँ, लेकिन अभी भी गहलोतो, कमलनाथो, माकनो से उबकाई आती है। उन्हें इंतजार करने दें।
■■■
मोदी जी 300 पार आ जाएं, तो मजे का क्या ही कहना। तब तो सीधे स्टेज 2 होगा। पर मैं स्टेज वन, याने फिलहाल 240 वाले सिनेरियो पर देखता हूँ।
क्योकि तब मोदी नाक ऊंची नही, नीची करके सरकार चलाएंगे।
पर ज्यादा देर नही। ऐसी उनकी फितरत नही। जल्द ही डराने, धमकाने, ललचाने का दौर चलेगा।
●●
डायन 7 घर छोड़कर वार करती है, BJP नही। वो अपनो का नाश, पहले करती है।
तो सरकार के साथी, पाप का फल पहले भुगतेंगे। जैसे ही मुंह खोलेंगे, सत्ता में हिस्सा मांगेंगे, ब्लैकमेल करेंगे। कोई मामला उठेगा, और पार्टी का नेता जेल में..
फिर पार्टी में टूट, आधे सांसद अलग होकर बीजेपी में विलय। किसी के पीछे इडी, किसी के पीछे इनकमटैक्स, किसी के पीछे सोहराबुद्दीन, ...
●●
यह विपक्ष के साथ भी होगा। हर दल के नेता मॉर्निंग वाक पर निकलेंगे, और बीजेपी में शामिल होकर लौटेंगे। खासकर, छोटे दल..
सीटे 240 से 300 पहुचाने के लिए इतनी गन्दी, घटिया, नीच राजनीति होगी, की हम लोग पहले दो कार्यकाल वाले मोदी जी को देवमानुष समझेंगे।
●●
सरकार जमकर चलेगी, कूटकर चलेगी, पीटकर चलेगी। जनता को दौड़ा दौड़ाकर चलेगी। मगर यह एक लेजिटमेसी विहीन सरकार होगी।
आत्मविश्वासहीन, डरी हुई,
डराने वाली सरकार..
जिसकी देश को अभी सख्त आवश्यकता है। देश का आम नागरिक, विशेषकर वो पगला, जो पड़ोस के चार कमजोर लोगों को डराने का सुख प्राप्त कर रहा है।
उसके घर, वही आग पहुचनी चाहिए। आखिर डरा हुआ नेता, कब तक "हिन्दू खतरे में" होने का गाल बजायेगा? एक बार सचमुच खतरा, आपके दरवाजे पर गिरायेगा, कि नही??
तो मध्यप्रदेश भी मणिपुर बने,
यूपी भी कश्मीर बने।
●●
वे जहरीले पौधे, जो पिछले 10 साल में में रोपे गए, उनमे फूल आ गए हैं।अब तो झूमकर फसल आनी है।
याने पुरानी पूंजी जो उड़ाई जा रही थी, खत्म हो चुकी। टैक्स आल टाइम हाई है, राहतें आल टाइम लो।
रिजर्व बैंक का सरप्लस खा गये, जो जो बिक सकता था, बेचकर खा गए।
कर्ज का लेवल, नाक तक आ गया है। और लेने का रूम नही बचा, उल्टे किश्ते भरने का टाइम है।
आयात निर्यात के हाल नाजुक, रुपया बेहाल है।इन्फ्लेशन, महंगाई, जॉबलेसनेस, व्यापार में बड़ी कम्पनियों की मोनोपोली से गिरावट है।
स्वास्थ्य, शिक्षा का कचूमर निकल चुका। पब्लिक सर्विस कमीशन पेपर बनाते कम लीक ज्यादा करते हैं।
ये फसल कांग्रेस क्यो काटे?
भाजपा काटे, मोदी काटें।
●●
आसन्न दौर, घोर असंतोष का है।
घटिया राजनीति, भ्रटाचार, झूठ, प्रोपगंडे से ऊबी जनता, बारूद होती है। जोड़तोड़ से बनी, तानाशाह, बेशर्म, इलेजिटमेट सरकार इसमे चिंगारी का काम करेगी।
फिर आंदोलनों का दौर आना है। सड़कों पर छात्र, किसान, बेरोजगार, व्यापारी, शिक्षक, सैनिक, सबको उतरना है। इन पर गोलियां चलाना, बदनाम करना, झूठे मुकदमे..
सब करना पड़ता है।
भाजपा करे।
●●
दरअसल, 100+ सीटों के साथ कांग्रेस, आराम से बैक सीट ले। मोदी जी को लंगड़ी सरकार बनाने दे।
और फिर आराम से तेल देखे, तेल की धार देखे। सन्गठन वंगठन बनाये। थोड़े अच्छे भाषण देना सीखे। जनता को अच्छा वक्ता चाहिए, मजबूत सन्गठन, ठगवा प्रचार चाहिए।
क्योकि उसे अभी और जलील होना है। मलिन, खोखला, मोहताज होना है।
ऐसे में अगर इंडिया गठबन्धन सरकार बना ले, तो हालात बदल जाएंगे। लेकिन संघ-भाजपा जैसी शक्तियों के लिए जमीन में काफी उर्वरा शक्ति बची रह जायेगी।
●●
तो इसे कुछ साल और चूसकर, वे भारत धरा को खुद के लिए पूरी तरह बंजर न बना ले। तब तक..
तुसी न जाओ, मोदी जी
🙏
मंगलसूत्र, भैंस के बाद अब नया माल आया है.. 👇
ये लोग आपके बैंक खाते बंद कराके उसका पैसा छीन लेंगे.
घर की बिजली कनेक्शन काटकर अंधेरा कर देंगे.
मोदी पानी पहुंचा रहा है, ये आपके नल की टोंटी खोल ले जाएंगे.
- मोदी जी, आपकी हालत और गला खराब है, खांसी है. आराम करिए.
श्रीमती इंदिरा गांधी के पास नेहरु की विरासत थी, स्वर्गीय राजीव गांधी के पास इंदिरा जी की विरासत। लेकिन तुम्हारे पास बीते हुए वक़्त की कुछ स्मृतियाँ कुछ सुने सुनाए क़िस्से थे और एक माँ थी, जिसे सिर्फ़ और सिर्फ़ छोड़ना आता था, पहले अपना देश छोड़ा, फिर सत्ता छोड़ी, फिर तुम्हारे प्रति वो मोह छोड़ा जो पहले तुम्हारी दादी और फिर तुम्हारे पिता के जाने के बाद शायद और गहरा हो गया होगा।
मैं कल सोच रहा था कि तुमने बचपन में जो चश्मा लगाया था वो कब निकाल फेंका? कबसे तुमने बिना चश्मे के दुनिया को देखने की आदत डाली? किसी ने कहा कि राजीव जी के जाने के बाद तुमने बिना चश्मे के देखना सीख लिया था। मुझे लगता है यह अच्छा किया।आज तुम्हारा विडियो देख रहा था प्रवासी मज़दूरों से बात करते तो मुझे यक़ीन हुआ बिना चश्मे के तुम ज़्यादा बेहतर देख पा रहे हो, तुम्हारी आँखों के कोण बेहतर हैं।
मेरी और तुम्हारी उम्र में कुछ सालों का अंतर है तुम मुझसे उम्र में बड़े हो। मैं अक्सर तुम्हारे और तुम्हारी सरकार के ख़िलाफ़ आग उगलता हूँ कई बार तुम्हारे कहे, कई बार तुम्हारी ख़ामोशियों पर ग़ुस्सा आता है,कई बार तुम्हारे हथियार तुम्हारे तौर तरीक़ों से असहमत होता हूँ। लेकिन मुझे तुममें वो आग देखनी अच्छी लगती है जो केवल इसलिए है कि यह वक़्त ऐसा क्यों है? मगर अफ़सोस मैं यह आग ना तो देश के प्रधानमंत्री में देखता हूँ न तो उस किसी में जिनके हाथ में ताक़त है या फिर जो ताक़तवर बनना चाहते हैं।
तुम चाहते तो तुम भी औरों की तरह कांग्रेस के 70 साल के अतीत और उसकी कही सुनी गयी गौरवमयी गाथा पर सीना ताने राजनीति कर सकते थे लेकिन तुम्हें पता है कि जब अतीत की बात होगी, अकाल आएगा, आपातकाल आएगा, साज़िशें भी आएँगी, आपरेशन ब्लू स्टार भी आएगा, कभी वीपी सिंह आएँगे, कभी नटवर सिंह आएँगे कभी नरसिम्हाराव आएँगे। तुमने अच्छा किया शुरुआत शून्य से की। अब जो कांग्रेस है उसका निर्माण तुमने किया है तुम निर्माण कर रहे हो, इसके निर्माण का श्रेय मैं तुम्हारे पूर्वजों को नही दे सकता।
तुम इस देश की सम्भावना हो, ऐसा इसलिए हरगिज़ नही है कि तुम गांधी परिवार से हो, इस सम्भावना का निर्माण तुमने ख़ुद किया है। फिर कहता हूँ क्या फ़र्क़ पड़ता है तुम प्रधानमंत्री बनो न बनो? तुम्हारी पार्टी की सरकार बने न बने? इतिहास तो लिखेगा न , मुझ जैसे ख़बरनवीस भी लिखेंगे जब चारों तरफ़ ख़ामोशी थी,वीरानी थी तुम बोल रहे थे, तुम सड़क पर चल रहे थे, हार रहे थे, मगर चल रहे थे। यह बातें एक युवा दूसरे युवा से कह रहा है। मैं यक़ीन दिलाता हूँ तुम कभी सत्ता में रहे तो तुम्हारे ख़िलाफ़ भी लिखूँगा।
बीजेपी सत्ता में आई तो तमाम विश्लेषक कहने लगे कि मोदी-शाह "अजेय चुनावी मशीन" हैं। अब उनको हराया नहीं जा सकता। वे यह कभी नहीं कहते थे कि जनता एक सरकार से नाराज होती है, दूसरी को लाती है। यह चक्र है जो चलता रहता है। वे भाजपा के अहंकार को ही दोहराने लगे कि अब भाजपा कभी नहीं हटेगी।
आज चुनाव फंस गया है। इंडिया गठबंधन मजबूती से लड़ रहा है। 400 पार का नारा देने वाले मोदी भैसों का नाम लेकर जनता को डरा रहे हैं। बहुमत के लाले पड़े हुए हैं।
आज कोई विश्लेषक क्यों नहीं कहता कि अजेय चुनावी मशीन में जंग लग चुकी है? क्या वे सारे विश्लेषण प्रायोजित थे?
उत्तर पूर्वी दिल्ली से कांग्रेस प्रत्याशी कन्हैया कुमार के समर्थन में नेहा सिंह राठौड़ ने विशाल जनसभा को संबोधित किया।
कन्हैया कुमार के समर्थन में उत्तर पूर्वी दिल्ली के लाखों लोग उमड़े।
#ShyamRangeela श्याम रंगीला
#ProstituteThanthiTV#DhruvRathee#HeavyRain The EU Shyam Rangeela
#LokbSabaElctions2024
अमेठी में रिकॉर्ड तोड़ मतों से दिख रही हार से स्मृति ईरानी बौखला गई हैं और बेशर्मी पर उतर आई हैं!
#अमेठी में पाल समाज ने भंडारे का आयोजन किया था। बताया जा रहा है कि बिना बुलाए सांसद स्मृति ईरानी कार्यक्रम में पहुंच गई थी। लोगों ने जब इसका विरोध किया तो सांसद महोदया धमकाने लगी और चुनाव बाद देख लेने की धमकी देकर चली गई!
देश का हर वर्ग संविधान विरोधी भाजपा सरकार और नरेंद्र मोदी से प्रताड़ित होकर INDIA गठबंधन को अपना समर्थन दे रहा है, तो भाजपाई तानाशाही पर उतर आए हैं, गुंडागर्दी कर लोगों को धमका रहे हैं!
देश की जनता 4 जून को नरेंद्र मोदी और भाजपाइयों की तानाशाही का अंत कर INDIA गठबंधन की सरकार बनाएगी।
रायबरेली और अमेठी एक मामले में सबसे अलग है। वह है जागरूकता।यहां वॉट्सएप वाले रिटायर्ड अंकिल विलुप्तप्राय हैं। आम जनता उंगलियों पर गिना देती है कि किसने क्या किया है। अमेठी में ईरानी मैडम की यही सबसे बड़ी मुश्किल है। जनता पूछ रही है कि मैडम 13 रुपये किलो चीनी का वादा करके गई थीं, मिली क्यों नहीं।
अमेठी रायबरेली में भाजपा बुरी हार हारने जा रही है।
एसबीआई की ओर से कुल 22,217 इलेक्टोरल बॉन्ड बेचे गए। हर बॉन्ड के पीछे एक घोटाला है। कुछ नजीर देखिए-
केस नंबर 1
2 अप्रैल 2022 : फ्यूचर गेमिंग एंड होटल सर्विसेज की 409 करोड़ की संपत्ति ED ने अटैच की।
7 अप्रैल 2022 : कंपनी ने 100 करोड़ का इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदकर चंदा दिया। किसको दिया होगा? रेड फिर क्यों नहीं पड़ी?
केस नंबर 2
अप्रैल 2023 : मेघा इंजीनियरिंग ने करोड़ों का चंदा दिया।
मई 2023 : मेघा इंजीनियरिंग को 14,400 करोड़ का प्रोजेक्ट मिल गया।
इन्हें चंदा मिला, उन्हें धंधा मिला।
केस नंबर 3
18 अगस्त 2022 : सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के मालिक पूनावाला ने एक ही दिन में 52 करोड़ का चंदा दिया।
22 अगस्त 2022 : मोदी ने उनसे मुलाकात की। फिर क्या तमाशा हुआ, देश जानता है। कोविड वैक्सीन पर सीरम इंस्टीट्यूट को मोनोपोली बख्शी गई।
केस नंबर 4
खनन समूह वेदांता ने 400 करोड़ रुपये से ज्यादा के इलेक्टोरल बॉन्ड दान किए।
फिर सरकारी कंपनी BPCL वेदांता को सौंप दी गई।
सरगना को मिला चंदा, पंटर को मिला धंधा
केस नंबर 5
नवयुग इंजीनियरिंग कंपनी ने 90 करोड़ के बॉन्ड खरीदे।
यही कंपनी उत्तराखंड में सुरंग बना रही थी। 41 मजदूर 17 दिनों के लिए फंस गए।
मामले की जांच तक नहीं हुई।
केस नंबर 6
गाजियाबाद स्थित यशोदा हॉस्पिटल पर कोविड के दौरान जनता से वसूली के आरोप लगे। यशोदा पर छापा पड़ा।
यशोदा हॉस्पिटल ने 162 करोड़ बॉन्ड खरीदे और दान करके वॉशिंग मशीन में धुल गया।
केस नंबर 7
टोरेंट पॉवर नाम की कंपनी ने 86.5 करोड़ का चंदा दिया।
कंपनी को गुजरात में 47000 करोड़ का सरकारी प्रोजेक्ट मिल गया।
ठेके कौन देता है? फिर चंदा किसको मिला?
चंदा दो, धंधा लो।
केस नंबर 8
IRB Infrastructure नाम की कंपनी ने जुलाई 2023 में करोड़ों का चंदा दिया।
कंपनी को अगले कुछ महीनों में लगभग 6000 करोड़ का प्रोजेक्ट मिला।
केस नंबर 9
भाजपा सरकार ने मित्तल ग्रुप को गुजरात में सबसे बड़ा धंधा दिया।
मित्तल ग्रुप ने इलेक्टोरल बॉन्ड से भाजपा को चांप कर चंदा दिया।
केस नंबर 10
पुलवामा हमले के बाद Hub Power Company नाम की पाकिस्तानी कंपनी ने भारत में इलेक्टोरल बॉन्ड क्यों खरीदा और किसे चंदा दिया, इसकी जांच नहीं होगी। जैसे पुलवामा हमले की जांच कभी नहीं हुई।
केस नंबर 11
दिसंबर, 2023 : शिरडी साई इलेक्ट्रिकल लिमिटेड पर छापा पड़ा।
जनवरी 2023 : शिरडी साई ने छप्पर फाड़कर चंदा दिया।
#ElectoralBondsCase
#ElectoralBondScam