सामान्य वर्ग से महिपाल सिंह मकराना का आह्वान
करणी सेना प्रमुख महिपाल सिंह मकराना जी ने चंडीगढ़-पंचकूला पहुंचकर सामान्य वर्ग से एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “आपके पुरखों की शौर्यगाथाओं से इतिहास भरा पड़ा है। हरियाणा का जाट समाज भी सवर्ण वर्ग में आता है। समर्थन देना है तो दीजिए, नहीं देना है तो मत दीजिए, लेकिन अपने बच्चों के भविष्य की चिंता जरूर कीजिए।”
मकराना जी ने कहा कि क्षत्रिय समाज पहले भी मजबूत था, आज भी मजबूत है और आगे भी मजबूत रहेगा। उन्होंने मौजूदा संघर्ष को “आर-पार की लड़ाई” बताते हुए सामान्य वर्ग से साथ आने की अपील की।
जो वकील अपने चैंबर में जज बनाने के लिए कुख्यात है, वो भोंसड़ीवाला भी मर्यादा पर ज्ञान चोद रहा है। लाल जंघिए में आर्गुमेंट करने वाले लोग, जिनके इनकम टैक्स के पेपर दीमक चर जाते हैं, वो साले मोरेलिटी का हमें ज्ञान देंगे?
साले सही पैसे दूँ तो रिरियाता हुआ ‘जी सर’ बोल कर तू मुझे डिफेंड करने आ जाएगा।
पुनः कहूँगा, जिन हराम के पिल्लों को लगता है कि मेरी (या किसी भी व्यक्ति की) माँ-बहन किसी अनपढ़-गँवार-जातिवादी कीड़े के डिजिटल भोग की विषयवस्तु है, मैं उनकी पिछवाड़े में बाँस डाल कर खड़ा कर दूँगा।
मेरे लिए मेरे परिजनों का सम्मान सर्वोपरि है, और उस पर कोई कॉम्प्रोमाइज नहीं। चाहे वो भारत का प्रधानमंत्री हो या अमेरिका का राष्ट्रपति, मुझे झाँट भर फर्क नहीं पड़ता तुम्हारी पहचान क्या है।
मैं अपने प्रत्युत्तर में तीक्ष्ण, तीव्र और डिस्प्रपॉर्शनेट ही रहूँगा।
RHA रिज़र्वेशन रिफ़ॉर्म मूवमेंट' आरक्षण सुधार आंदोलन ने सरकार के सामने अपनी 8 मांगें रखी है।
ये रही सभी 8 मांगें। 👇
1. जनरल कैटेगरी के लिए राष्ट्रीय आयोग जनरल कैटेगरी का प्रतिनिधित्व करने और उनके समाधान के लिए एक राष्ट्रीय आयोग (NCGC) का गठन किया जाए।
2. SC/ST में क्रीमी लेयर: SC/ST आरक्षण में 'क्रीमी लेयर' का प्रावधान लागू किया जाए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि आरक्षण का लाभ हर समुदाय तक पहुँचे।
3. एक परिवार, एक आरक्षण, एक बार: लाभों के समान वितरण के लिए 'एक परिवार, एक आरक्षण' और 'एक बार आरक्षण' का सिद्धांत लागू किया जाए।
4. न्यूनतम कट-ऑफ मार्क्स अनिवार्य किए जाएं और यह सुनिश्चित हो, कि ओपन कैटेगरी के लिए सीटें उपलब्ध रहें।
5. आरक्षण के 75 वर्षों की समीक्षा करते हुए एक 'श्वेत पत्र' (White Paper) जारी किया जाए, जिसमें यह देखा जाए कि किन समुदायों को कितना लाभ मिला है और क्या उद्देश्य पूरे हुए हैं। समय-समय पर समीक्षा के साथ 'सनसेट क्लॉज़' (एक निश्चित समय के बाद समीक्षा/समाप्ति का नियम) लागू किया जाए।
6. प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण पर कोई चर्चा नहीं: प्राइवेट सेक्टर में कोई आरक्षण नहीं होना चाहिए; प्राइवेट सेक्टर में रोज़गार योग्यता और क्षमता पर आधारित है
7. UGC के इक्विटी नियमों (Equity Regulations) को वापस लिया जाए या जनरल कैटेगरी (GCs) को भी उनके दायरे में शामिल किया जाए।
8. SC/ST एक्ट की समीक्षा और दुरुपयोग से बचाव: SC/ST एक्ट की समीक्षा की जाए, जिसमें अनिवार्य प्रारंभिक जांच, कम गंभीर आरोपों में ज़मानत, और झूठे मामलों व इस एक्ट का दुरुपयोग करने वाले पर कठोर कार्रवाई हों।
@alok_ajay अजय आलोक जी सबसे बड़े नस्ली बेवफा तो आप खुद हैं,जो अपनों का नहीं वो किसी और का क्या हो होगा?? आप ही जैसे लोगों को वर्ण शंकर कहा गया है।आपने उड़ता तीर ले लिया है...और सबसे बड़ा डैमेज बीजेपी को आप करेंगे...आप लोगों ने राजनीत के चलते देश और समाज को बांट दिया है...
@ANINewsUP ओम प्रकाश राजभर जी में वो साहस है कि वो ये बात कह सकें।वास्तविकता में वही सच्चे दलित और पिछड़ों के हितैषी हैं।दलितों में आरक्षण की मलाई खा चुके लोग बार बार मलाई खा रहे हैं, उन्हीं के समाज के गरीब लोगों का हक खा जा रहे हैं।आरक्षण का वर्तमान स्वरूप गैर संवैधानिक है
@alok_ajay अजय आलोक जी आप मोदी जी के हितैषी बनने के चक्कर में उड़ता तीर ले लिए हैं।आप किस मुंह से कह रहे हैं कि आप सवर्ण हैं और सवर्ण किस अधिकार से आरक्षण के समीक्षा की बात कर रहा..सवर्ण समाज राष्ट्र का मार्गदर्शक रहा है, उसने खुद को मोमबत्ती की तरह जला के दूसरों को अवसर और प्रकाश दिया है
FIR slapped against @ajeetbharti after he responded to derogatory remarks made against his sister. Draconian clauses of SC/ST Act 3(1) and BNS sections 196(1)(c) and 351(3), carrying jail time of up to 5 years, have deliberately been used.
Stay safe, Ajeet. We stand with you.
नाज़ियों ने जिस तरह यहूदियों को चुन-चुन का मारा
ऐसे ही आज सवर्णों को चुन-चुन कर मारने की तैयारी चल रही है
कल जब मैं साधारण गृहस्थ थी और बीजेपी की कार्यकर्ता थी
तब भी मैंने इस काले कानून का विरोध किया
और आज जब मैं धर्म को समर्पित होकर चोला बदल चुकी हूँ मैं आज भी इसका विरोध करती हूँ
ये हिंदुओं का विभाजनकारी बिल है
हिंदुओं का डेथ वारंट है
यूजीसी तो हटाना ही होगा
और अगर हमारे संन्यासी,महिलाओं और बच्चों को हाथ लगाया
तो भयंकर विरोध होगा
तैयार रहिए
#यतिमाँप्रत्यंगिरागिरी
@narendramodi@AmitShah
माननीय प्रधानमंत्री जी,
झूठी शिकायत, झूठी FIR, झूठी जाँच और झूठी गवाही को गंभीर अपराध घोषित करने से बहुत सी समस्याओं का समाधान हो जाएगा
@PMOIndia@narendramodi