काही माणसं काळाच्या पडद्याआड जातात, पण त्यांच्या आठवणी, त्यांचे विचार आणि त्यांचं कार्य काळालाही अमर करून जातं...
मा. अजितदादा यांच्या प्रथम जयंतीनिमित्त भावपूर्ण विन���म्र अभिवादन! 💐🙏
यह खालिस्तानी आतंकवादी कुलविंदर सिंह मल्ही है,
जो जुलाई 1987 में पंजाब में लालड़ू बस नरसंहार के पीछे के मुख्य साजिशकर्ताओं और हत्यारों में से एक था।
मल्ही और उसके खाली शैतानी कमांडो फोर्स के आतं कियों ने चंडीगढ़ से ऋषिकेश पवित्र स्नान के लिए जा रही बेगुनाह पंजाबी हिंदुओं से भरी एक बस को अगवा कर लिया था।
उन्होंने बिना कोई मौका दिए बेरहमी से गोलियां चलाईं निहत्थे पुरुषों के अलावा महिलाओं और बच्चों समेत 38 तीर्थ यात्रियों की निर्मम हत्या कर दी गई तथा कई घायल हुए
बाद में पुलिस ने इस दरिंदे को मार गिराया था।
आज कनाडा में उसे "हीरो" और "शहीद" के तौर पर महिमा मंडित किया जाता है ।
टोरंटो के एक गुरुद्वारे के लंगर हॉल में हथियार के साथ उसकी तस्वीर गर्व से लगाई गई है।
आपको और आपके परिवार को ईद-उल-अज़हा की ढेरों शुभकामनाएँ! यह मुबारक दिन आपके जीवन में अपार खुशियाँ, शांति, और समृद्धि लेकर आए,अल्लाह आपकी सभी दुआएँ और कुर्बानियाँ कुबूल करे..!
@mataonline@NavnathBanBJP सर ग्रामपंचायत पोट निवडणीकीत आमच्या विरुद्ध का निवडणूक लढवली म्हणून आज 6.30 च्या सुमारास गोविंद विनायक फड, बालाजी विनायक फड, साहिल गोविंद फड, गणेश बालाजी फड, अक्षय पाटलोबा फड, ओमकेश पाटलोबा फड, रमेश भीमराव फड यांनी तुषार फड, संदीप फड, कृष्णा चाटे यांना जीवे मारण्याच्या
इतिहास बताता है कि जहाँ नैतिकता और अर्थशाश्त्र के बीच संघर्ष होता है वहां जीत हमेशा अर्थशाश्त्र की होती है . निहित स्वार्थों को तब तक स्वेच्छा से नहीं छोड़ा गया है जब तक कि मजबूर करने के लिए पर्याप्त बल ��ा लगाया गया हो .