सोचिए, ऐसा क्या गुनाह किया था इन बच्चों ने कि इन्हें गोली मार दी गई?
इन्होंने सरकार से सिर्फ़ तीन चीज़ें माँगी थीं - शिक्षा, रोज़गार, और जवाबदेही।
एक छात्र के पैर की हड्डी AK 47 की गोली से टूट गई। सेना में जाकर देश की सेवा करने का उसका सपना भी उसी के साथ चला गया। दो और छात्रों के कंधों को गोली चीरती हुई निकल गई।
ये अपराधी नहीं थे। ये ग़रीब घरों के वो बच्चे थे जो अपने परिवार के सपने लेकर पढ़ने निकले थे - किसी को अच्छी नौकरी चाहिए थी, किसी को अपने घर के हालात बदलने थे।
गोली के घाव भर जाएंगे - पर जो डर इन बच्चों के भीतर बैठ गया है, उसका इलाज किस अस्पताल में होता है?
प्रधानमंत्री जी, मुख्यमंत्री जी - इनकी टूटी हड्डी तो जुड़ जाएगी। क्या इनका टूटा हुआ सपना आप लौटा सकते हैं?
Amit Shah is solely responsible for the police brutality against India’s students.
If he ordered the attack, he is culpable. If he was unaware, he is incompetent.
इरफान,
मेरे देश को बहुत ज़रूरत है तुम्हारी और तुम्हारे जैसे बहुत सारे नौजवानों की
तुम्हें अपने आस पास, अपने समाज की चिंता अपनी ख़ुद की परेशानियों से ज़्यादा है
इतनी दिक्कतों के बावजूद तुम्हारा संविधान में अटूट विश्वास हौसला देता है
तुम हिंदुस्तान हो 🇮🇳🇮🇳
@yadavakhilesh This man is amazing. What a remarkable perspective he has on New India. His explanation of democracy is incredibly clear, powerful and inspiring....
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हमारे education system को फिर से संवारने की दिशा में बहुत बड़ा कदम है।
शाबाश देश भर के छात्रों, आप सभी पर गर्व है।
सड़कों पर आ कर लोकतंत्र, संविधान और अपने भविष्य की रक्षा में डट कर खड़े होने वाले हर एक युवा, हर छात्र को बहुत-बहुत बधाई।
2 मांगें अभी भी बाकी हैं - प्रधानमंत्री छात्रों और भारत के भविष्य को सम्मान देते हुए माफ़ी मांगें और छात्रों पर हिंसा के दोषियों पर कार्रवाई हो।
ये समाज के दूसरे वर्गों किसानों, मजदूरों, गरीबों, हर वो व्यक्ति जिसे इस सरकार ने दबाया है, कुचला है - अपने सम्मान के लिए संवैधानिक तरीके से डटकर खड़े होने में ही असली साहस है।
इस सरकार को हटाने का वक्त आ गया है।
डरो मत!
मेट्रो बंद करो।
रास्ते बंद करो।
दुकानें बंद करो।
Internet बंद करो।
खाना बंद करो।
अपना हक़ मांग रहे छात्रों के ख़िलाफ़ सरकार ने ये क्रूर कदम उठाए।
बस एक चीज़ बंद नहीं कर पाए, मोदी जी - पेपर लीक।
Mr. Modi, our students are demanding Dharmendra Pradhan’s resignation.
Don’t insult their intelligence with this pathetic midnight video.
1. Sack Pradhan.
2. Punish those who beat students.
3. Apologise
You are the one who has harmed the future of our youth the most.
You allowed and encouraged the total capture and destruction of our education system - and protected every person responsible for it.
The students’ demands are clear:
1. Sack Dharmendra Pradhan.
2. Apologise to the students.
3. Take action against those who assaulted them.
आपने ही हमारे युवाओं के भविष्य को सबसे ज़्यादा नुकसान पहुंचाया है।
आपने न सिर्फ हमारी education system पर पूरा कब्ज़ा होने और उसे बर्बाद होने दिया, उसे बढ़ावा भी दिया - और इसके ज़िम्मेदार हर व्यक्ति को संरक्षण दिया।
छात्रों की मांगें साफ़ हैं:
1. धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाएं।
2. छात्रों से माफ़ी मांगे।
3. छात्रों के साथ हिंसा करने वालों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करें।
प्रधानमंत्री मोदी भारत के इतिहास के सबसे युवा-विरोधी प्रधानमंत्री हैं - इतने युवा विरोधी कि एक नाकाम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी नहीं ले सकते।
152 पेपर लीक। 7.5 करोड़ छात्र पीड़ित। और सज़ा एक दोषी को भी नहीं। सजा किसे मिली? मेहनती युवाओं को।
और जब इन बच्चों ने शिक्षा के जायज़ सवाल उठाए - तो जवाब में मिली लाठी और हिरासत। लीक करने वाले अपराधी आज़ाद - और वाजिब मुद्दे उठाने वाले छात्र घसीटे जाते हैं, पीटे जाते हैं।
यह सरकार सिर्फ़ युवाओं को नाकाम नहीं कर रही - उनपर टूट पड़ी है।
@Diplomat_APAC Iran will never forget the betrayal by India during its most difficult time, especially while fighting for survival. A day will come when India will have to pay a huge price for this.
@yadavakhilesh Let the Uttar Pradesh folks enjoy this free bull fight and no ticket is needed. This kind of entertainment is highly appreciated in 'Gobar Patti' and proudly sponsored by 'Bhakt Patti' 🤣🤣