व्यावसायिक शिक्षा के खेल को समझें 82 से ज्यादा जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को स्थाई जॉब पॉलिसी के लिए पत्र लिखा जिसमें वर्तमान सरकार के मंत्रियो के भी लेकिन शिक्षा मंत्री की हठ धर्मिता ने पुनः शिक्षा में ठेका प्रथा के लिए बिड खोली है वो कंपनियां जो 14माह से वेतन नहीं दे रही हैं
राजस्थान शिक्षा संकुल के द्वारा वोकेशनल शिक्षा को चलाने के लिए 21 कम्पनी रखनी पड़ रही है ओर इसकी एक ही वजह है कि नेता, मंत्री ओर अधिकारी इन कंपनियों के माध्यम से अवैध वसूली कर सके
सही से जांच की जाए तो इन अधिकारियों ओर नेताओं का रिश्ता इन कंपनियों से निकलेगा
ये कंपनियां 6 से 14 माह तक वेतन नहीं देती है वोकेशनल शिक्षकों को फिर भी इनको नहीं हटा रही सरकार जबकि हरियाणा में कंपनियों को हटाकर स्थाई कर दिया
27 मई को सैलेरीको लेकर चौथी बार मीटिंग रखी गई है हर बार की तरह कचौरी,समोसा खाने के लिए
@rajeduofficial@skbishnoi164
व्यवसायिक शिक्षा का मखोल उड़ाती पर्ची सरकार की प्रशासनिक व्यवस्था
शिक्षको की रोजी रोटी पर संकट के साथ विद्यार्थियों का भविष्य भी अँधेरे में
आखिर कौन हैं इस लापरवाही का जिम्मेदार??
हाल ए बदहाल राजस्थान
@IYC
प्रदेश में हजारों व्यावसायिक शिक्षकों का 10 से 14 महीने से मानदेय अटका हुआ है। मानदेय वृद्धि व नियमितीकरण के लिए प्रदेश के 60 जनप्रतिनिधियों व भाजपा पदाधिकारियों से सरकार को सिफारिश करवाई जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला हैं.
@madandilawar@BhajanlalBjp@RajCMO