- Brahmin Ruchi Tiwari was molested openly.
- Those bhimtas wanted to parade her naked.
- She was touched inappropriately.
Govt took no action. But now when Ajeet Bharti defended his family and replied to those bhimtas in their own language, He got an SC/ST act.
जितनी तुम लाठी से मारोगे, उतने सवर्ण ज्यादा बाहर निकलेगा....
Narendra Modi हिटलर, तुम्हारी लाठी कम पड़ जाएगी,लेकिन सवर्ण नही
अब ये आंदोलन देशव्यापी बन गया है, लाठी उसे रोक नही पाएगी!
बेहद दुखद दिल्ली की सड़कों पर सवर्ण समाज के युवाओं को बस से उतार कर
दिल्ली पुलिस द्वारा मारा जा रहा है ।
ये कोई आंकवादी नहीं देश धर्म के लिए बलिदान देने वाले यही लोगों के पूर्वज थे।।
जिनको ये सरकार शोषणकर्ता बनाए है।
#RHA
हिंदू बँट गया है। पूरा हिंदू समाज टुकड़ों-टुकड़ों में बाँट दिया गया है। और अब सवाल सिर्फ एक है इस बँटवारे का फ़ायदा किसे होने वाला है?
UGC का ये 2026 वाला इक्विटी रेगुलेशन लाया गया। नाम रखा गया “प्रोमोशन ऑफ इक्विटी”। लेकिन असल में क्या किया? जाति आधारित भेदभाव की परिभाषा सिर्फ SC, ST और OBC तक सीमित कर दी। सवर्ण छात्र, सवर्ण प्रोफेसर, सवर्ण कर्मचारी इनको उस परिभाषा से बाहर कर दिया। यानी अगर किसी सवर्ण के साथ जाति के नाम पर भेदभाव हो, तो वो शिकायत भी नहीं कर सकता। दीवारों पर “सवर्णों का नरसंहार” लिख दिया जाए, नारे लगें, तो भी वो “कास्ट बेस्ड डिस्क्रिमिनेशन” नहीं माना जाएगा। ये कैसा न्याय है?
सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी, सरकार कह रही है “रीकंसider कर रहे हैं”, लेकिन नुकसान तो हो चुका। हिंदू समाज के अंदर फिर से वही पुरानी दीवारें खड़ी हो गईं। एक तरफ दलित-पिछड़े, दूसरी तरफ सवर्ण। एक तरफ “शोषित”, दूसरी तरफ “शोषक”। हिंदुत्व की बात करने वाले लोग भी चुप। संघ वाले भी “उगलते बन रहा न निगलते” वाली भाषा बोल रहे हैं। मतलब साफ है वोट बैंक बचाना है।
सोचो जरा। 10 प्रतिशत EWS आरक्षण दे दिया, तो क्या सवर्ण खुश हो गए? नहीं। क्योंकि असली समस्या आरक्षण की प्रतिशतता नहीं, असली समस्या ये मानसिकता है कि हिंदू समाज को जाति के नाम पर हमेशा बांटे रखना है। मुसहर का बच्चा आज भी भूखा है, लेकिन कुछ चुनिंदा जातियों के नेता आरक्षण का सारा मलाई खा रहे हैं। क्रीमी लेयर नहीं लगाएंगे। मेरिट की कोई गारंटी नहीं देंगे। और फिर कहेंगे “हिंदू एक हैं”।
फ़ायदा किसे हो रहा है?
- उन नेताओं को जो सिर्फ अपनी जाति का वोट बैंक पालते हैं।
- उन पार्टियों को जो जातिवाद वाला कार्ड खेलने के साथ-साथ हिंदू-हिंदू वाला कार्ड भी खेलती हैं।
- उन लोगों को जो सवर्ण युवक-युवती को “जातिवादी” साबित करके उनकी जगह हथियाना चाहते हैं।
और नुकसान किसे हो रहा है? पूरे हिंदू समाज को। क्योंकि जब घर के अंदर लड़ाई चल रही हो, तो बाहर का दुश्मन कितना भी कमजोर क्यों न हो, वो मजबूत हो जाता है।
मैं बार-बार कह रहीं हूँ व्हाइट पेपर लाओ। 70-80 साल के आरक्षण का हिसाब दो। कितने प्रतिशत लाभ सही जरूरतमंदों तक पहुँचा? कितने क्रीमी लेयर वाले बार-बार खा रहे हैं? मेरिट को क्यों कुचला जा रहा है? UGC वाले नियम में सवर्णों को भी सुरक्षा दो, नहीं तो ये नियम वापस लो।
हिंदू बँट गया है। ये बँटवारा कोई दुर्घटना नहीं है। ये योजनाबद्ध है। और जब तक हम सवर्ण, पिछड़े, दलित सब मिलकर ये नहीं कहेंगे कि “जाति से ऊपर हिंदू है”, तब तक ये खेल चलता रहेगा।
फ़ायदा किसी और को हो रहा है। नुकसान हम सबका हो रहा है।
ये समझो।
नरेंद्र मोदी जी SC/ST एक्ट के बारे में बता रहे हैं।
जो अंधभक्त बार-बार यह भूल जाते हैं,
मोदी जी उन्हें बार-बार याद दिलाते हैं कि 2015 में उनकी सरकार ने SC/ST एक्ट को किस तरह मजबूत किया था।
मोदी सरकार ने SC/ST एक्ट के तहत 22 के बजाय 47 कारणों पर मामला दर्ज किए जाने का प्रावधान किया।
किसी SC/ST एक्ट के आरोपी को अग्रिम जमानत न मिले, इसका भी प्रावधान मोदी सरकार ने किया।
SC/ST एक्ट के पीड़ित को मिलने वाली पीड़ित राशि (जिसे मैं प्रोत्साहन राशि कहता हूँ) बढ़ाने का काम भी मोदी सरकार ने किया।
नोट: यह वीडियो खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आधिकारिक अकाउंट से 13 अप्रैल 2018 को पोस्ट किया था।
ये नरेंद्र मोदी और अमित शाह के तथाकथित ‘मास्टरस्ट्रोक’ का ही परिणाम है कि आज देश के राजनीतिक विमर्श से हिंदुत्व लगभग गायब हो चुका है। पूरा विमर्श विपक्ष की तय की हुई पिच पर आकर ठहर गया है।
स्थिति इतनी गंभीर है कि अब इनके विनाश की आहट सुनाई देने लगी है। विकृत विचारों से लेकर विपरीत मानसिकता के व्यक्तियों तक को लगातार आयात करते-करते इन्होंने अपने ही वैचारिक घर को इतना दूषित कर दिया है कि उसकी मूल पहचान ही पूरी तरह से धुंधली पड़ गई है।
जिस हिंदुत्व के नाम पर सत्ता मिली, उसी को हाशिये पर पहुँचा देने से बड़ा राजनीतिक आत्मघात कुछ हो नहीं सकता। मुझे नहीं लगता इन्हें अब किसी तरह की गांधीगिरी, आंबेडकरवाद की अति वंदना, और भाषणों तक सीमित तथाकथित आदर्शवाद की तुकबंदी इनको बचा पाएगी। मूल में लौटने के सिवा कोई विकल्प बचा नहीं है लेकिन आगे बहुत बढ़ चुके हैं और समय भी इनके अनुकूल नहीं है।
किसी ने कल्पना भी नहीं किया होगा कि सामान्य वर्ग इनसे घृणा करना शुरू कर देगा लेकिन इन्होंने अपने सबसे संकल्पित वैचारिक समर्थक वर्ग को विवश कर दिया। जो आग इन्होंने लगाया है वह अब भयावह रूप में धधक रही है। पता नहीं क्या क्या जलेगा और क्या क्या बचेगा।
धन्यवाद!
Reservation Hatao Andolan में आए छात्रों को बेरहमी से पीटने का आदेश Delhi Police को क्या गृह मंत्रालय से मिला!
आरक्षण हटाओ आंदोलन में शामिल छात्रों पर दिल्ली पुलिस की कथित बर्बर कार्रवाई का वीडियो सामने आया है। छात्रों का आरोप है कि पुलिस ने गाली-गलौज करते हुए उनके साथ मारपीट की। आखिर छात्रों के खिलाफ इतनी सख्ती का आदेश किसने दिया? क्या गृह मंत्रालय से दिल्ली पुलिस को कोई निर्देश मिला था? पूरी घटना और छात्रों के आरोप जानने के लिए वीडियो देखें।
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@WokeFuneral@Harshdubey9956@DelhiPolice@sumitsharmagzb
I sincerely invite you to join this movement. If you are in Delhi, I would also request you to join us at the press conference tomorrow. This cause needs your support now more than ever.
"पहले मेरी शादी ब्राहमण, ठाकुर या गुर्जर समाज की बेटी से कराओ, तब ख़ुद को हिंदू मानूंगा"
भीम आर्मी के इन गुर्गों की ऐसी ही बातों का जवाब दिया था अजीत भारती ने जिसके लिये उन पर SC/ST एक्ट में मुक़दमा दर्ज हुआ है
@SonuNigamSingh@BhimArmyChief ये आदमी जाति के पीछे छिपता है ।
हकीकत मैं इसकी भाषा एक सड़क छाप गुंडे की है ।
इसको औरतो का कोई सम्मान नहीं है । शायद इसके घर मैं कोई माँ, बहन नहीं है ।
घास फूस की छत नहीं दिखती
मिट्टी की दीवारें नहीं दिखती
बारिश के मौसम में छत से टपकता पानी नहीं दिखता
दिखता है तो सिर्फ इनके नाम के अंत में लिखा हुआ शब्द - ब्राह्मण ।
अगर वास्तव में कोई इस दुनिया में secular है तो वो गरीबी है जो ना तो कोई धर्म देखती है ओर ना ही कोई जाती देखती है।
अगर आपके नाम के आगे ब्राह्मण,राजपूत या बनिया लिखा है तो आप संविधान की नजरों में जन्म से ही अमीर है,
में तो सरकारों से कहता हु आपको गरीबी मिटाने के लिए परिश्रम करने की जरूरत ही नहीं है देश में जितने भी गरीब है या जिन्हें आप पीड़ित ओर शोषित समझते हो उनके नाम के अन्त में ब्राह्मण, बनिया ओर राजपूत लिख दो वो अपने आप ही अमीर ओर बहादुर हो जाएंगे।
सवर्ण बच्चे अब मोदी के लिए आतंकवादी हो गए है
दिल्ली पुलिस कांस्टेबल के पास मिली कील लगी लाठी...
और ये लाठी बच्चों के लिए थी जो प्रोटेस्ट कर रहे थे...
क्या ये बच्चे आतंकवादी है जो इनको जान से मा... के लिए कील लगी लाठी लेकर आई दिल्ली पुलिस।
बंधुओ ये भीम आर्मी का गुंडा पुलिस के सामने कह रहा है कि मेरी शादी ब्राह्मण ठाकुर गुर्जर लड़कियों से करवाओ,
आखिर पुलिस ने उसे उसी समय गिरफ्तार क्यों नहीं किया,
क्या हम बेटियां इन बलात्कारी सोच के @BhimArmyChief
और उसके आर्टिफिशियल दलित गुंडों के आरक्षण का साधन है,
बताओ
@delhipolice
अजीत भारती ने जवाब दिया तो उन पर मुकदमा क्यों?
@amitshah
जबाव दो
https://t.co/cMCUrZqA3Y…
देखिए कैसे ये एक्ट पैसे कमाने का जरिया बन चुका है!
लोग फ़र्ज़ी केस कर के लखपति बन रहे हैं औऱ सरकार इस एक्ट के दुरूपयोग पर लगाम लगाने की बजाए, उल्टा मुआवजा 40% और बढ़ा रही है!
#StopMisuseOfSCSTAct