बधाइयाँ दीदी, मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत् माह {December-24} की
सेवा मे श्री मान माननीय मुखमंत्री साहब जी सिर्फ ये मेसेज आया है maiya yojna ka paisa nahi आया है लीला देवी आधार ना.545712087302
सिर्फ एक किस्त आया है 1000rs अगस्त महिना का @HemantSorenJMM
@HemantSorenJMM बधाइयाँ दीदी, मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत् माह
सेवा मे श्री मान माननीय मुखमंत्री साहब जी सिर्फ ये मेसेज आया है maiya yojna ka paisa nahi आया है लीला देवी आधार ना.545712087302
सिर्फ एक किस्त आया है 1000rs अगस्त महिना का
@prdjharkhand@Jharkhand
@HemantSorenJMM बधाइयाँ दीदी, मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत् माह
सेवा मे श्री मान माननीय मुखमंत्री साहब जी सिर्फ ये मेसेज आया है maiya yojna ka paisa nahi आया है लीला देवी आधार ना.545712087302
सिर्फ एक किस्त आया है 1000rs अगस्त महिना का
@prdjharkhand@Jharkhand
बधाइयाँ दीदी, मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत् माह {December-24} की
सेवा मे श्री मान माननीय मुखमंत्री साहब जी सिर्फ ये मेसेज आया है maiya yojna ka paisa nahi आया है लीला देवी आधार ना.545712087302
सिर्फ एक किस्त आया है 1000rs अगस्त महिना का @HemantSorenJMM
@jrgbofficial
Sir. Khutta branch me hamesa link fail rahta h kya yaha par na light rahta h na hi link rahta h
Sir Sare publick bhari garmi me paresan rahta h
@jrgbofficial
झारखंड में निशुल्क एम्बुलेंस सेवा का धोखा दे देना सूचना नहीं, बल्कि @HemantSorenJMM सरकार की बेशर्म हकीकत है!
सूचना यह है कि, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड में एम्बुलेंस संचालन एजेंसी को टेंडर दिलाने में स्वास्थ्य मंत्री @BannaGupta76 से भी ज्यादा दिलचस्पी दिखाई, बजट का आकार भी बढ़ाया और अपने मनचाहे कंपनी को झारखंड के साढ़े तीन करोड़ जनता की जान के साथ खिलवाड़ करने का ठेका दे दिया l
करोड़ों रुपये मुँह में ठूस कर बैठे हेमंत सोरेन, बन्ना गुप्ता और कुछ विभागीय अधिकारियों की इतनी भी हिमाकत नहीं कि वो अक्षम एजेंसी पर कार्रवाई कर सकें l
हेमंत जी, कबाड़ में सड़ रहे सैकड़ों एम्बुलेंस की तरह अब आपके राजनीतिक चरित्र से भ्रष्टाचार की दुर्गंध आने लगी है l
संसद में सवाल के बदले घूस मामले का महुआ मोईत्रा प्रकरण बीते कई दिनों से देश-विदेश के समाचारों की सुर्ख़ियों में है। इस मामले में सर्वाधिक आश्चर्य ममता बनर्जी जी की चुप्पी को लेकर है।
मैं ममता दीदी के सामने कुछ सवाल रखकर यह पूछना चाहता हूँ आपकी @AITCofficial पार्टी की सांसद का ये कृत्य कितना नैतिक और सवैंधानिक है?
ममता दीदी! आप और मैं दोनों लंबे समय तक संसद के सदस्य रहे हैं और केंद्र में मंत्री भी रहे हैं। यह भी एक कटु सत्य है कि राजनीति में ज़्यादातर लोग आमलोगों, शुभेच्छुओं से मदद और दान लेकर सार्वजनिक जीवन के दायित्वों का निर्वाह करते हैं, लेकिन खुद के संसदीय अधिकारों को गिरवी रखकर, या बेच कर कोई सांसद ऐसी सौदेबाज़ी करे? इसकी तो कल्पना भी नहीं की ज़ा सकती।
आप अपनी अंतरात्मा से यह सवाल करें कि किसी उद्योगपति से महँगे तोहफ़े लेकर, हवाई यात्रा का लाभ लेकर और न जाने क्या-क्या लेनदेन कर उसे व्यवसायिक प्रतिद्वंदी के खिलाफ सवाल तैयार करने और संसदीय प्रणाली का दुरुपयोग करके टारगेट करने के लिये संसदीय अधिकार बेच देना कितना उचित है?
अपने संवैधानिक संसदीय अधिकारों, संसद की गरिमा और कार्यप्रणाली की सौदेबाज़ी के आरोपों से घिरी महुआ जी पकड़े जाने पर समाचार माध्यमों में अपने इस कृत्य को जस्टिफ़ाई करने का प्रयास करती फिर रही हैं और ममता दीदी आप चुप्पी साधे हुए हैं।
ममता जी, बेहतर होगा कि आप महुआ मोइत्रा जी से बिना विलम्ब इस्तीफ़ा दिलवाकर संसदीय प्रणाली का मान बढ़ाइये। उनसे कहिये कि वो जॉंच का सामना करें। और फिर ग़लत साबित न हों तो दुनियाँ को ढ़ाक पीट-पीट कर बताइये।
अपने संसदीय काल में हमेशा संसदीय परम्परा, प्रणाली एवं गरिमा का ख़्याल रखने वाली @MamataOfficial जी, हम आपसे बिना विलम्ब उचित कार्यवाही की अपेक्षा करते हैं।
@AHindinews@ANI@PTI_News@loksabhaspeaker@rashtrapatibhvn
झारखंड की पावन धरती पर एशियन महिला हॉकी चैंपियनशिप का होना बड़े ही गर्व की बात है. परंतु यहाँ के कुछ “तुगलकी सोच” के अधिकारी अपनी आदतों से बाज नहीं आ रहे है…
प्राप्त जानकारी के अनुसार झारखंड पुलिस के जवान सुबह से रात तक एक पाँव पर खड़े होकर पूरे आयोजन को सम्भाल रहे है. इन जवानों में ज़्यादातर झारखंड के आदिवासी-मूलवासी है जो कि सुबह से रात तक भूखे प्यासे रह कर भी झारखंड की साख बचा रहे है. कल आयोजन के दौरान इनमें से कुछ जवान थक कर थोड़ी देर के लिए दर्शकों की ख़ाली कुर्सी पर बैठ गये तो “एक IAS अधिकारी” अपना आपा खो बैठे…ये अधिकारी अपने पूरे दोस्त परिवार को आयोजन में वीवीआईपी ट्रीटमेंट दे रहे हैं पर जवानों को थोड़ी राहत मिलने से अफ़सरों का “ईगो हर्ट” हो गया.
हेमंत सोरेन जी…एक नज़र पुलिस के जवानों पर भी डालिये…मेहमानों की ख़िदमत में दूसरों का शोषण एवं निचले तबके के मेहनतकश कर्मचारियों को प्रताड़ित मत करने दीजिये……