🚨सनातनी प्रमोशन🚨
200 फॉलोवर्स इंस्ट्रक्शन फॉलो करने से बढ़ते
1 Rt करके अपनी 🆔 कमेंट में मेंशन करे
2 Rt & Reply List खोलकर आपस में फॉलो करें
3 प्रमोशन लिस्ट 9 बजे आएगी
Follow Must👉 @ocjain4
नोट: Follow & Notification On
@CMOfficeUP@myogiadityanath कहीं भी किसी को भी एप्लीकेशन दे दो कोई सुनवाई नहीं होती है आईजीआरएस केवल भ्रमित करने वाला ऐप बनके रह गया है, एक गरीब छात्रा की पढ़ाई का सहारा पेंशन बनने वाली थी, उसकी भी कोई सुनवाई नहीं हो पा रही है।
@CMOfficeUP@myogiadityanath कहीं भी किसी को भी एप्लीकेशन दे दो कोई सुनवाई नहीं होती है आईजीआरएस केवल भ्रमित करने वाला ऐप बनके रह गया है, एक गरीब छात्रा की पढ़ाई का सहारा पेंशन बनने वाली थी, उसकी भी कोई सुनवाई नहीं हो पा रही है।
#कानपुर
अभी तक दिव्यांगों को नहीं मिली है पेंशन
दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी को दिया ज्ञापन
पेंशन न आने पर दिव्यांग नहीं मनाएंगे होली
#Kanpur#abcnewsmedia
@WeUttarPradesh यहीं यशोदा नगर बाईपास के पास विराट नगर (वृंदावन लॉन के पास) अंग्रेजी शराब दुकान द्वारा अवैध रूप से चल रही कैंटीन में भी इस तरह की घटनाएं आम बात है,कई बार शिकायत करने पर भी कोई सुनवाई नहीं।अप्रिय घटना घटने की संभावना हमेशा बनी रहती है।शाम की भीड़ तो देखने लायक होती है @Uppolice
आधार फ्री में अपडेट करने की डेडलाइन फिर बढ़ी
◆ अब 14 जून 2025 तक नहीं देनी होगी फीस
◆ पहले यह डेडलाइन 14 दिसंबर 2024 थी
#UIDAI | Aadhaar Update | Deadline
वक़्फ़ की बातें चिल्ला-चिल्ला कर @BJP4India ने महाराष्ट्र का चुनाव जीता। अब JPC में विपक्ष ने विरोध किया कि समय बहुत कम दिया गया तो इसी सत्र में पास करवाने की जगह 2025 के बजट सत्र के अंतिम दिन तक इसे समय देने की घोषणा कर रहे हैं।
यह माँग ओम बिड़ला के समक्ष रखी जाएगी। ये पार्टी पतित है। NRC पर इनकी धोखेबाजी हिन्दू समाज देख रहा है और बांग्लादेशी घुसपैठिए लगातार बढ़ ही रहे हैं। बांग्लादेश में हिन्दुओं की बिना NRC स्थिति कैसी है, वो हमें आज पता चल ही रहा है।
CAA लाते-लाते इन्हें पाँच वर्ष लग गए और वक़्फ़ पर माहौल बना कर समय-मैथुन चल रहा है इनका। रैलियों में बकचोदी करवा लो इनसे, सारी दहाड़ माइक पर ही निकलती है, चार विपक्षी सांसद चिल्लाते हैं, इनकी गाँऽ फट जाती है।
क्या पार्टी को नहीं पता था कि विपक्ष हल्ला करेगा? क्या विपक्ष पिछले पाँच वर्षों से हर सत्र में हल्ला नहीं कर रहा? क्या इसी सरकार ने सौ से अधिक सांसदों को निलंबित नहीं किया था? फिर अब क्यों हिचकिचा रहे हो?
क्या हर संसद सत्र इन्हीं के भय में ‘स्थगित की जाती है’ के नाम पर ब्लैकमेल होता रहेगा? क्या संसद सुचारू रूप से चलाना सरकार का दायित्व नहीं है? क्या हुआ 114% एफिसिएंसी से संसद चलाने के दिनों का? विपक्ष नहीं चलने दे रहा तो बाहर करो हरामखोरों को!
इन्हें मार्शलों से फिंकवाओ नहीं, कैमरा बंद कर के डंडों से इन्हें सुजाओ। या इन्हें संसद के मीडिया साइड वाले गेट पर पिंजरे में बंद कर दो। सरकार ब्लैकमेल हो रही है! गजब नौटंकी है। इसी के लिए वोट दिया था हमने?