देश में जब कोई मरा हुआ व्यक्ति भगवान से बड़ा दिखने लगता हो। तब देश का क्या ही भला होगा। जो लोग आज कल भगवान को गाली देते है उनको बस मैं एक ही बात बोलूंगा। मारना तो तुमको भी है। ऐसे भी क्या मरना की लोग ये भी न बोले कि भगवान तुम्हारी आत्मा को शान्ति दे।🙏🙏
फ़ॉलोवर्स की गति देखिये।
30 घंटे में 20 लाख से अधिक लोग इस मुहिम से जुड़ चुके है।
अभी भी मौक़ा है, अगर कोई राजनीतिक दल आरक्षण जैसे मुद्दे को उठा ले, तो केंद्र में 400 सीट लाने से उसे दुनिया की कोई ताक़त नहीं रोक सकती।
“यह अभी बस आग़ाज़ है” 🔥👍
सामान्य वर्ग को किसी से डरने की आवश्यकता नहीं है। तुम्हारे पास है क्या खोने को? न आरक्षण है, न ही कोई जाति के नाम पर तुम्हारे सामान्य वर्ग के पीड़ित, दलित, शोषित, वंचित, आदिवासी, पिछड़ों को न ही कोई सरकारी अनुदान मिलता है, न ही कोई सुविधा है।
उल्टा काले कानून और अलग से तुम्हारे ऊपर हैं। तुम्हें इसीलिए किसी भी राजनीतिक पार्टियों का समर्थन और गुलामी शोभा नहीं देती। तुम डरो मत। डरे वे जिनके पास खोने को कुछ हो, लेकिन वे तो डरते नहीं। तुम क्यों व्यर्थ में आरक्षण और अनुसूचित जाति-जनजाति अधिनियम के दुरुपयोग के विरुद्ध बोलने से डरते हो?
क्या होगा तुम्हारे साथ? अत्याचार और गलत के विरुद्ध बोलने पर कारागार होगा? वे तुम कारागार के बाहर भी कारागार से अधिक कैद में रहते हो तमाम काले कानूनों के भय से।
निपटा दिए जाओगे? तो अमर होकर कौन आया है? और तुम तो सनातनी हो न। तुम्हारी आत्मा तो अमर है अच्छे कार्यों के लिए। यदि निपटाए जाओगे तो ईश्वर तुम्हें अगला जन्म और अच्छा देगा। यदि दोबारा आना चाहोगे तो नया जन्म मिलेगा। यदि मोक्ष चाहोगे, ईश्वर के पास रहना चाहोगे तो ईश्वर तुम्हें ब्रह्मांड में एक तुम्हारे हिसाब से दुनिया देगा, जहाँ के तुम राजा होगे।
तुम्हारे पास तो मरने के पश्चात् भी तुम्हारे लिए ईश्वर एक ऐसी दुनिया बनाकर रखा है जहाँ तुम राज करोगे और वहाँ तुम्हारे लिए हर वह व्यवस्था है जो तुम इच्छा मात्र कर दोगे।
इसीलिए हमारे सामान्य वर्ग के जो दलित हैं, आदिवासी हैं, पिछड़े हैं, पीड़ित हैं, वंचित हैं, उनकी लड़ाई लड़ो, उनकी आवाज़ उठाओ, जिससे ईश्वर की डायरी में तुम्हारे अच्छे कर्म दर्ज हो सकें।
यहाँ मैं सामान्य वर्ग को यही कहूँगी कि जो धनवान हैं, सत्ता में हैं, व्यवसाय कर रहे हैं, वे केवल सामान्य वर्ग के ही दलित, पिछड़े, निर्धन, पीड़ित, वंचित, शोषित की सहायता करें, क्योंकि बाकी जातियों के दलित-पीड़ित की सहायता करने के लिए संविधान है, सरकार है और सारे विपक्ष भी उनके साथ हैं, साथ में उनके साथ अनगिनत उनकी जातियों के जातिवादी नेता हैं।
इसीलिए सामान्य वर्ग के धनी व्यवसायी, नेता से अपील है कि आप केवल अपने वर्ग के ही दलित, पीड़ित, शोषित, वंचित, आदिवासी की सहायता करें, क्योंकि आपकी जाति के दलित, पीड़ित, शोषित, वंचित, पिछड़े, आदिवासी की सहायता करने के लिए न संविधान में कोई प्रावधान है, न ही किसी दूसरी जाति का कोई अन्य है।
उल्टा दूसरी जातियों के शक्तिशाली लोग आपके सामान्य वर्ग के दलितों, पीड़ितों, निर्धनों, पिछड़ों, आदिवासियों का अपमान करते हैं ब्राह्मणवादी और मनुवादी कहकर और उनके विरुद्ध काले कानून ऊपर से ले आते हैं और नकली, काल्पनिक, विचित्र कर की कहानी लिखकर आपके जाति के निर्धन, पीड़ित, वंचित, शोषित, दलित, आदिवासियों के विरुद्ध बोलते हैं कि इसके पूर्वजों ने तो विचित्र कर लिया है और उसके लिए काले कानून ले आते हैं, नकली कहानियाँ लिखकर।
Cockroach Janta Party ने जय जय जय जय जय भीम के नारे लगाकर अपने मुहिम में सारे विपक्षी दलों को एकजुट कर लिया था, हालांकि कांग्रेस ने CJP का विरोध किया लेकिन NEET के मुद्दे पर राहुल गांधी सड़क से सदन तक तटस्थ दिखे,
अब Reservation Hatao Andolan का मामला चर्चा में है, ये आरक्षण के ख़िलाफ़ एक मूवमेंट है जिसका कहना है की NEET से तो मात्र 20 लाख छात्र प्रभावित थे लेकिन
आरक्षण ने करोड़ों लोगों को प्रभावित की है, सामान्य वर्ग के न जाने कितनों के मेरिट के साथ साथ अन्याय हुआ है ?
तो सबसे बड़ा सवाल ये है की
क्या CJP की तरह RHA को राजनैतिक दलों का समर्थन मिलेगा ?
क्योंकि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे या कहें CJP की सफलता में विपक्ष कि बहुत बड़ी भूमिका रही है, ख़ास तौर पर राहुल गांधी की क्योंकि जब ‘PM आवास’ का घेराव हुआ उसके बाद से ही ये आंदोलन चढ़ता चला गया…
Just came to know that your kid studies in British university.
Same British who did atrocities on Indians.
And instead of asking for reparations from them, you are intending your kid to become British.
Sorry Sandeep ji,
Aapki to koi baat hi nahi sunni hamko.
Maaf karo🙏😂😂
औरंगजेब कहता था कि अपने को हिंदू ना बोलो मुस्लिम बोलो नहीं तो हम तुमसे जजिया लेंगे
आर्टिफिशियल दलित पिछड़ा कहता है कि तूम अपने को ब्राह्मण और ठाकुर ना बोलो
अगर बोलोगे तो हम तुमसे आरक्षण रूपी जजिया टैक्स लेंगे
क्या अंतर है इन आरक्षण वादियों और औरंगजेब में?
तुम बिना हमारी बात समझे यह मान लिये कि हमारा आंदोलन केवल एससी/एसटी आरक्षण के विरोध तक सीमित है। ऐसा बिल्कुल नहीं है।
हमारा उद्देश्य किसी एक वर्ग विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि भारत में लागू सभी प्रकार की आरक्षण एवं विशेष संवैधानिक व्यवस्थाओं पर समान मानदंडों के आधार पर पुनर्विचार और सुधार की मांग करना है।
यदि आपको लगता है कि 'अनुच्छेद 30' के अंतर्गत अल्पसंख्यक संस्थाओं को मिले विशेष अधिकारों और प्रावधानों पर भी गंभीर चर्चा होनी चाहिए, तो उस पर भी खुलकर बहस होनी चाहिए। किसी भी नीति को केवल इसलिए आलोचना से ऊपर नहीं माना जा सकता क्योंकि वह दशकों से लागू है।
हमारा आंदोलन किसी जाति, धर्म या समुदाय के विरुद्ध नहीं है। हम न तो एससी/एसटी समाज के शत्रु हैं और न ही किसी अल्पसंख्यक समुदाय के। हम केवल यह मानते हैं कि 21वीं सदी के भारत में समान अवसर, समान कानून और समान नीतियों पर खुली बहस होनी चाहिए।
किसी नीति पर सवाल उठाना संविधान या किसी समाज के विरुद्ध होना नहीं है। यदि आरक्षण या विशेष प्रावधानों की समीक्षा की बात होगी, तो वह सभी के लिए समान रूप से होनी चाहिए, न कि केवल किसी एक वर्ग के लिए।
इसलिए हमारे आंदोलन को जातीय या धार्मिक रंग देने के बजाय उसके वास्तविक उद्देश्य को समझिए। हमारा संघर्ष किसी व्यक्ति या समुदाय से नहीं, बल्कि नीतिगत सुधार के लिए है।
और ये कौन बतायेगा की उसी के बाद यहूदियों ने परमाणु बम बना दिया था 😅 ब्राह्मण जब अँग्रेजो की बंदूकों और गोलियों से नही डरे तो तुम्हारी धमकी से डर जाएंगे सारे ब्राह्मण और आरक्षण का विरोध करना बंद कर देंगे🤣
और क्या कर लिया हिटलर ने यहूदियों का! आज भी कोई टेक्नोलॉजी बनती है नई तो वह यहूदी ही बनाते है उसके बाद वही यहूदी आज इतना शक्तिशाली है पूरे विश्व को यहां तक अमरीका को भी चला रहा है!
और दूसरी बात यहूदियों की जनसंख्या और ब्राह्मणो की जनसंख्या में जमीन आसमान का अंतर है तुम्हारा बहेम दूर जाएगा
और जाहिल ये भी बता आज उसी हिटलर और उसके लोगो का समूल नाश हो हो गया और यहूदी आज भी पूरे विश्व मे राज कर रहे है।
बहम मत पालिये तुम हिटलर की अवैद औलादों का हिटलर वाला ही हाल होगा।
और रही हिटलर की बात तो वह समय दूसरा था यह समय दूसरा है तुम जैसे लोग आज से नही आदिकाल से ब्राह्मण के खिलाफ नफरत फैला रहे हो लेकिन कर कुछ नही पा रहे हो क्या? आगे भी नही कर पाओगे चाहे जितने हिटलर की औलाद बन लो
तुम्हारी तिलमिलाहट ही ब्राह्मणो की शक्ति का प्रमाण है। ब्राह्मण तुम हिटलर की औलादों से एक हजार साल आगे चल रहा है ब्राह्मण केवल भारत ही नही पूरे विश्व मे मंत्रालयो से लेकर वैज्ञानिक रिसर्चर तक है और अपने कंट्रोल में विश्व का इतना डिपार्टमेंट कर रखा है तुम हिटलर की औलादों की उतनी बुद्धि ही नही समझ पाओ। तुम ब्राह्मणो के खिलाफ आज एक बकवास करोगे पूरा विश्व मिलकर तुम्हे रगड़ेगा। और ब्राह्मण।अलग से रगड़ेगा।
आज ब्राह्मण बहुत शक्तिशाली और आगे है तुम्हारा बहेम दूर कर देगा तुम्हारा बाप दारू के ठेके पर बैठा रहेगा तो ब्राह्मण तो।कब्जा करेगा हर जगह तेरी औकात नही है ब्राह्मणो को रोकने से अपने समाज को देख कितनी जनसंख्या में दारू के ठेके पर भजन करते है😅
🚨 NEET स्टूडेंट का खुलासा –
“मैं जंतर मंतर गया और CJP लीडर्स से स्टेज मांगा, ताकि पेपर लीक का सॉल्यूशन बता सकूँ…
लेकिन मुझे मना कर दिया और वहाँ से भगा दिया 🤯
मैं हैरान रह गया… स्टेज सिर्फ राजनीतिक लोगों को दिया जा रहा था!”
ये है असली चेहरा CJP का! असली छात्र को आवाज़ नहीं, सिर्फ पॉलिटिकल चेहरे और एजेंडा।
छात्र आंदोलन या राजनीतिक शो? आप तय करो।
अब आरक्षण पर बात होने लगी है, यह देश के लिए एक पॉजिटिव कदम है, अगर मेरिट नहीं होगी तो -40 वाले देश डुबा देंगे, -40 व्यवस्था को CIA, डीप स्टेट और उसके एजेंट सपोर्ट करेंगे क्योंकि वे भारत को बर्बाद करना चाहते हैं, सोचिए जब पूरी व्यवस्था में -40 होंगे तब इकोनॉमिक पॉलिसी कैसे बनेंगी? जो CIA और डीप स्टेट कहेगा उन्हीं पॉलिसी को इंप्लीमेंट कर दिया जाएगा, क्योंकि तब उनका प्रतिकार करने वाला उन्हें चैलेंज करने वाला उन्हें परखने वाला कोई होगा ही नहीं, जब आज वर्ल्ड बैंक से ले कर WEF का इतना दबदबा है कि वे अपनी पॉलिसी मनवा कर ही दम लेते हैं तो तब क्या होगा जब आपकी व्यवस्था में दिमागदार लोग होंगे ही नहीं? जब वे देश छोड़ कर उसी US में चाकरी कर रहे होंगे जो हमारे देश के खिलाफ पॉलिसी बनाता है ।
मेरिट देश के सर्वाइवल के लिए उतना ही जरूरी है जितना किसी व्यक्ति का सांस लेना, क्योंकि आपके हर फैसले पर इसकी छाप होगी, टूटी सड़कें गिरते पुल धड़कती इमारतें फेल होती हर सरकारी परियोजना इसका जीता जागता सबूत हैं, क्या इस से सिर्फ नॉन रिजर्व्ड को फर्क पड़ेगा? क्या रिजर्व्ड वालो के लिए सड़क पुल और इमारतें अलग बनी है? जब जनहानि होती है तो इसमें सभी शामिल होते हैं, वे भी जो कहते हैं -40 से देश चलवाओ उनके बच्चे भी शिकार बनते हैं, तो फिर ऐसी व्यवस्था को बढ़ावा क्यों देना जो कल आपके बच्चों की जान पर बन आए?
सत्ता की दलाली कर मलाई खाने वाले कह रहे हैं कुछ नहीं होगा ये सब बकवास बातें हैं, ऐसा इसलिए है क्योंकि ये अनपढ़ खुद कुछ कर नहीं सकते नेताजी के जूते उठा उठा कर ये करोड़ो के मालिक बन गए, इनके 2 नंबर के धंधे बंद हो जाएंगे, ये अपने फायदे के लिए देश को गर्त में धकेलने से भी बाज़ नहीं आ रहे, असली देशद्रोही यही लोग हैं, CIA और डीप स्टेट के एजेंट के रूप में काम करने वाले इन लोगों को पहचानिये
देश आपका है अब आपको तय करना है कि इसे उज्जवल बनाना है या गुलाम
Old OBC woman told the reality behind 75 years of reservation 🚨
"I'm a Yadav woman. My late husband belonged to the SC community. He was very handsome. He received many marriage proposals from his own community as he was IAS but he chose me because I was also very beautiful. Don't judge me by how I look now (laughs)
I'm here for my daughter's child, who is facing hardships in life because of the reservation. My grandchild who's weak in studies got college easily because of it. People here keep talking about discrimination but in many cases, they themselves discriminate. Once some people become financially well, they refuse to marry within their own community and instead look for a girl from the general category
My husband always visited temples, and no one could stop him. It is the poor who face the greatest discrimination, whether they belong to GC or the SC/ST. Reforming the reservation system is the need of the hour."
Every time a wealthy SC person receives the benefit of reservation, a poor from GC loses that opportunity. This is the reality of reservation 🙏