माननीय मुख्यमंत्री जी, CHO को केवल आश्वासन नहीं, उनके भविष्य की स्पष्ट रूपरेखा चाहिए। स्थायी CHO कैडर, ₹4,800 ग्रेड पे और PBI का मूल मानदेय में विलय पर सरकार अपना आधिकारिक रुख स्पष्ट करे। अब निर्णय का समय है।
@myogiadityanath@myogioffice#UPCHOPermanentCadre#UPCHO
📢 मुख्यमंत्री जी से बस इतना कहना है—
हमारे ज़मीर को कमज़ोर मत समझिए,
हमारी ख़ामोशी को मजबूरी मत समझिए।
हम जनता की सेवा करने वाले CHO हैं,
हमारे हौसले को कभी कम मत समझिये
परमानेंट, कैडर निर्माण, 4800 GP
@brajeshpathakup@myogiadityanath@AnupriyaSPatel@nhm_up@PMOIndia
संविदा स्वाहा! संविदा स्वाहा!!
📍 ईको गार्डन, लखनऊ
हवन-पूजन कर CHO ने संविदा व्यवस्था के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया और नियमितीकरण की मांग को बुलंद किया।
अब आश्वासन नहीं, सम्मानजनक भविष्य और स्थायी समाधान चाहिए!
पृथक CHO कैडर बनाओ, नियमितीकरण लागू करो!
#PermanentUPCHOs
### प्रेस विज्ञप्ति
### दीपावली से पहले CHOs के लंबित वेतन एवं इंसेंटिव भुगतान की मांग, AIACHO ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा को लिखा पत्र
नई दिल्ली, 12 अक्टूबर 2026। देशभर में कार्यरत सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHOs) के वेतन एवं Performance-Based Incentive (PBI) के भुगतान में होने वाली देरी को गंभीरता से लेते हुए All India Association of Community Health Officers (AIACHO) ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा जी को पत्र लिखकर दीपावली से पहले सभी लंबित भुगतानों को सुनिश्चित करने की मांग की है।
AIACHO ने अपने पत्र में कहा है कि हर वर्ष दीपावली के आसपास CHOs के वेतन एवं इंसेंटिव के भुगतान में देरी का मुद्दा सामने आता है। कई राज्यों में कर्मचारियों को महीनों तक अपने वेतन और इंसेंटिव का इंतजार करना पड़ता है। इससे CHOs और उनके परिवारों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है, विशेषकर त्योहारों के समय घरेलू खर्चों, बच्चों की शिक्षा और अन्य आवश्यक जिम्मेदारियों को पूरा करना कठिन हो जाता है।
AIACHO ने पत्र के माध्यम से केंद्र सरकार का ध्यान इस ओर आकर्षित किया है कि CHOs आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के जरिए देश के ग्रामीण एवं दूरदराज के क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग, टेली-कंसल्टेशन तथा विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके बावजूद समय पर वेतन एवं इंसेंटिव नहीं मिलना उनके मनोबल और आर्थिक स्थिरता को प्रभावित करता है।
AIACHO की प्रमुख मांगें
* दीपावली से पहले देशभर के CHOs के लंबित वेतन का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
* लंबित Performance-Based Incentive (PBI) का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए।
* प्रत्येक माह की 7 तारीख तक वेतन भुगतान सुनिश्चित करने संबंधी निर्देशों का प्रभावी अनुपालन कराया जाए।
* सभी राज्यों में लंबित वेतन एवं इंसेंटिव की स्थिति की समीक्षा कर समयबद्ध समाधान किया जाए।
* भविष्य में भुगतान में देरी रोकने के लिए उचित निगरानी एवं समन्वय व्यवस्था स्थापित की जाए।
AIACHO ने अपने पत्र में भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा 2 अगस्त 2023 को जारी पत्र, File No. 2.15015/32/2023-NHM-I, का भी संदर्भ संलग्न किया है।
संगठन ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से अनुरोध किया है कि वे संबंधित अधिकारियों एवं राज्यों को आवश्यक निर्देश दें, ताकि CHOs को दीपावली से पहले उनका बकाया भुगतान मिल सके और भविष्य में भी हर महीने समय पर वेतन एवं इंसेंटिव का भुगतान सुनिश्चित हो।
AIACHO का कहना है कि जो CHOs पूरे वर्ष देश की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए निरंतर सेवाएं दे रहे हैं, उन्हें अपने ही वेतन और इंसेंटिव के लिए महीनों इंतजार नहीं करना चाहिए। समय पर वेतन भुगतान कर्मचारियों का अधिकार और उनके मनोबल को बनाए रखने के लिए आवश्यक है।
पत्र दिनांक: 12 अक्टूबर 2026 | पत्र क्रमांक: AIACHO/PENDINGSALARYINCENTIVE/17/2026
@JPNadda@MoHFW_INDIA@PMOIndia
CHO की सेवा को स्थिरता और सम्मान देने के लिए स्पष्ट कैडर नीति जरूरी है। @brajeshpathakup जी, स्थायी CHO कैडर, ₹4,800 ग्रेड पे और PBI विलय पर आधिकारिक जवाब दें। अब समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाइए। जवाब जरूरी है।
🔥 15 दिन से #CHO का संघर्ष जारी
माननीय श्री Rajendra Prasad Chaudhary जी, #विधायक, विधानसभा रुधौली, जनपद बस्ती ने माननीय #मुख्यमंत्री जी को पत्र भेजकर CHO की मांगों के शीघ्र निस्तारण का अनुरोध किए।✊ अब उम्मीद है जल्द होगा #समाधान#CHOProtest #CHO#Regularization@myogiaditynath
“गाँव-गाँव स्वास्थ्य की अलख जगाते हैं,
12 सेवा पैकेजों से जन-जन तक स्वास्थ्य पहुँचाते हैं।
धूप हो, बारिश हो या सुविधाओं का अभाव,
CHO निभाते हैं सेवा का हर पड़ाव।
जो दूसरों के स्वास्थ्य की सुरक्षा करते हैं,
उनके अपने भविष्य की सुरक्षा कब होगी?
• सनत सिंह के अनुसार, आंदोलन शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से चल रहा है। विभाग के साथ शुरुआती बातचीत हुई है, लेकिन जब तक लिखित और ठोस सहमति नहीं बनती, धरना समाप्त नहीं होगा।
@CMOfficeUP@PMOIndia@JPNadda
आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर लटका ताला, मरीज बेहाल प्रदेशभर के CHO अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर हैं। सरकार जल्द संज्ञान लेकर नियमितीकरण, कैडर निर्माण, समान कार्य-समान वेतन ₹4800 ग्रेड पे लागू करे।
@myogiadityanath@brajeshpathakup@JPNadda@upnhm@CMOfficeUP@nhm_up
ECO garden lucknow se live माननीय मुख्यमंत्री जी, CHO को केवल आश्वासन नहीं, उनके भविष्य की स्पष्ट रूपरेखा चाहिए। स्थायी CHO कैडर, ₹4,800 ग्रेड पे और PBI का मूल मानदेय में विलय पर सरकार अपना आधिकारिक रुख स्पष्ट करे। अब निर्णय का समय है।
@myogiadityanath@myogioffice
#UPCHOPermanentCadre #UPCHO
@BJP4UP@ChiefSecyUP
आदरणीय मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, ग्रामीण स्वास्थ्य की रीढ़ बने CHOs के सेवा समर्पण को देखते हुए कैडर निर्माण एवं नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू करने की कृपा करें।
आपकी संवेदनशील सरकार पर हमें पूर्ण भरोसा है। 🙏🩺
@Brajeshabhiup @UPGovt#UP_CHO_Cadre_Nirman#CHOpermanent
सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी 18000 प्लस उत्तर प्रदेश मे है और वेल एजुकेटेड है पूरा टेक्निकल नॉलेज है ग्राउंड लेवल पर काम करते हैं 10 से 15000 जनसंख्या के बीच रहते हैं
योगी जी उनका सुरक्षित भविष्य बनाओ
#UPCHO#permanentCHO@myogiadityanath@nhm_up@brajeshpathakup
"ना रुकेंगे, ना झुकेंगे, अपना अधिकार हम लेकर रहेंगे!
मुख्यमंत्री साहब, सुनो हमारी मांगें, वरना आंदोलन यूं ही चलेंगे
@CMOfficeUP@PMOIndia@JPNadda@nhm_up