@AhteshamFIN बांदा में वन क्षेत्र कितना रह गया है?
पहले हर गांव में दर्जनों बाग होते थे जो वन क्षेत्र के अतिरिक्त, लेकिन अब इक्का दुक्का बाग ही नजर आते हैं।
फिर भी आसपास के जिलों का भी देख लें, रिसर्च कर लें।
@DrBS07 प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या जी में अनेक वरिष्ठ, धर्मनिष्ठ अधिकारियों ने वहां जमीनें ली थी। कुछ ने वहां के आश्रमों से संपर्क बढ़ाए थे।उनका इरादा सेवानिवृत्ति के बाद वहां कुछ समय बिताने का रहा होगा।
#UP में भीषण गर्मी के बीच सरकारी प्राइमरी स्कूल आज से खुल जाएंगे जबकि अधिकांश प्राइवेट स्कूल जुलाई में खुलेंगे।यूपी के मौसम के दृष्टिगत कुछ वर्षों पहले सरकारी स्कूल भी जुलाई में खुलते थे।अधिकारियों के इन बेतुके प्रयोगों के चलते सरकारी स्कूलों में बच्चों की लगातार कमी हो रही है।
'सिस्टम के रेंगते कछुए 🐢..और उड़ती 📁फाइलें' !
लखनऊ में 'प्रभावशाली' बिल्डर्स का तो ऐसा जलवा है..कि जनता दर्शन से CM तक पहुँचने वाली शिकायतें भी हवा💨 में गायब हो जाती हैं!
ग्राम समाज की ज़मीन पर कब्ज़ा, ग्रीन बेल्ट भी कर डाली.. साफ़..और ₹100 करोड़ के कथित खेल पर #RERA.. #LDA, #LMC और #DM दफ्तर के बीच फाइलें ऐसे घूम रही हैं.. जैसे 'म्यूजिकल चेयर' चल रहा हो।
तहसील प्रशासन कह रहा है भाई..."बिल्डर बड़ा है, कार्रवाई की तो नौकरी चली जाएगी!"
वाह रे! हमारा लाचार सिस्टम!
कुछ ऐसा ही हाल जानकीपुरम विस्तार स्थित सृष्टि/ स्मृति अपार्टमेंट के बीच अवैध रास्ते को लेकर रसूखदार अपना जलवा दिखा रहे.. और जिम्मेदार विभाग #LDA अमला..हाथ बांधे, मुंह पर पट्टी लपेटे..रसूखदारों की चरण वन्दना में लगा हुआ!
जब रक्षक ही भक्षक के रसूख से डरकर थर-थर कांपे...तो आम जनता न्याय के लिए आखिर किसके पैर पकड़े ? ..🙄
साहब समझ नहीं आ रहा.. ये सरकारी दफ्तर हैं या बिल्डर के प्राइवेट 'सर्वेंट क्वार्टर'? ..आखिर कब तक रसूखदारों के आगे बिना रीढ़ के ही दिखाई पड़ते रहेंगे..जिम्मेदार विभागीय अफसर..🤔
कब तक चलेगा..जनता टैक्स भरे और..रसूखदार बिल्डर मलाई खाए!
जनहित में त्वरित प्रभावी कठोरतम कार्रवाई अपेक्षित..@myogiadityanath@CMOfficeUP@ChiefSecyUP@AdminLKO@LkoDevAuthority@UPRERAofficial
🚨 लखनऊ के जानकीपुरम विस्तार में सरकारी सड़क और ग्रीन बेल्ट पर..'सिंडिकेट' का कब्जा!
क्या लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) का काम शहर का नियोजित विकास करना है..या रसूखदारों को अवैध रास्ते और भूखंड रेवड़ी की तरह बांटना?
जानकीपुरम विस्तार के सृष्टि और स्मृति अपार्टमेंट के बीच की यह कहानी देखकर तो यही लगता है।
क्या है पूरा मामला? (तथ्य दर तथ्य) 📌 आइए समझते हैं..
यहां नियम ताक पर..सड़क पर बन बनी दुकानें...सृष्टि और स्मृति अपार्टमेंट के बीच स्थित 18 मीटर संपर्क मार्ग के अंतिम छोर पर..कथित तौर पर ग्रीन बेल्ट को समाप्त कर अवैध रूप से LDA द्वारा व्यावसायिक भूखंड सृजित कर दिया गया.. जहां धड़ल्ले से अब दुकानें बनाई जा रही हैं।
अब इसमें बाउंड्रीवॉल तोड़ने का खेल देखिए.. इस मार्ग के अंत में एक वैध बाउंड्रीवॉल (सीमा दीवार) थी..आरोप है कि एलडीए प्रवर्तन विभाग के अभियंताओं से साठगांठ कर बिल्डर ने इसे ढहा दिया...ताकि पीछे स्थित निजी विकासकर्ता की कॉलोनी और CMS स्कूल के लिए अवैध आम रास्ता (शॉर्टकट) निकाला जा सके।
यहां तो विधायक के निर्देश की हवा उड़ाई जा रही.. क्षेत्रीय विधायक की शिकायत पर एलडीए उपाध्यक्ष के निर्देश के बाद जोन5 के अभियंताओं ने एक अस्थायी बाउंड्रीवॉल खड़ी तो की और कागजी पत्र भी जारी कर दिया..लेकिन कुछ ही समय बाद..सांठगांठ के बल पर उस दीवार को फिर से ध्वस्त कर दिया गया।
अब चल रहा अभिभावकों पर "अनैतिक दबाव".. अब इस सिंडिकेट में शामिल स्कूल प्रबंधन स्थानीय निवासियों (जिनके बच्चे वहां पढ़ते हैं) पर.. कथित रूप से दबाव बना रहा है कि वे इस अवैध रास्ते को खोलने के लिए लिखित सहमति दें। बच्चों की आड़ लेकर पूरी तरह असंवैधानिक इस प्रक्रिया को जायज ठहराने की कोशिश हो रही है।
हमारा सीधा सा❓ सवाल..सीधे जिम्मेदार महकमे से है...आखिर किसके रसूख और स्वलाभ के चक्कर में एक सुनियोजित आवासीय योजना की सड़कों और सीमाओं को बदला जा रहा है?
एक बार सरकारी निर्देश पर बनी बाउंड्रीवॉल को दोबारा तोड़ने वाले रसूखदार बिल्डर और सिंडिकेट पर एलडीए का बुल्डोजर शांत क्यों है?
अपार्टमेंट के निवासियों की सुरक्षा और मानसिक शांति की कीमत पर इस निजी कॉकस को फायदा क्यों पहुंचाया जा रहा है?
अपार्टमेंट के जागरूक नागरिक इस संगठित अतिक्रमण और अत्याचार के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।
अब देखना यह है कि @LkoDevAuthority प्रशासन इस कॉकस को तोड़ता है या रसूखदारों के आगे नतमस्तक रहता है..@CMOfficeUP@DrNeerajBora@ChiefSecyUP@LucknowDivision@AdminLKO@InfoDeptUP
#LDA #Encroachment #Corruption #LucknowNews
@sirjistp#ODF घोषित ग्रामों में यह बड़ी दिक्कत है, शौचालय निर्माण के लिए आया प्रधान और सचिव की #कट_मनी से बचा धन लाभार्थी अन्य कार्यों में खर्च कर देता है।
मौके पर कुछ नहीं लेकिन कागजों में सब दुरुस्त मिलता है।
लेकिन अधिकतर गांवों में #खेतों_की_मेड़े गवाही देती हैं कि वास्तविकता क्या है।