मुख्यमंत्री जी @DrMohanYadav51
बंडा सरकारी अस्पताल में 19 महीने के गरीब बच्चे की आँखों में डॉक्टर ने खांसी का ड्रॉप डाल दिया। बच्चे की रोशनी चली गई।
ये खबर ब्रेकिंग क्यों नहीं? क्योंकि बंडा है? क्योंकि बच्चा गरीब का है?
अब बोलिए, क्या कार्रवाई होगी?
उत्तर प्रदेश के IPS ब्रिटिश शासन के अंग्रेजों की नीति को अपना रहे हैं कि उनके खिलाफ आवाज उठाई तो उस व्यक्ति का दमन कर उसकी नौकरी छीन ली जाएगी।
लखनऊ के सुनील शुक्ला सिपाही ने जो पुलिस विभाग के कारनामे बताएं तो उस पर सोशल मीडिया पॉलिसी का हवाला देते हुए अब उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया है
UP के अधिकतर IPS लगातार सोशल मीडिया का उल्लंघन कर रहे हैं तथा भ्रष्टाचार के चलते IPS अपने पद के अनुरूप कार्य न कर अवैध कमाई से करोड़ों कमा रहे है
इनका भविष्य बहुत पहले दिया था मैंने,
अब इनकी नौकरी चली गई है, जल्द ही कोई झूठा केस भी लगाया जाएगा, और लगभग 3-4 अलग अलग तरह के केस लगेंगे, ताकि जल्दी से जेल के बाहर न निकल सकें।
सारी क्रांति घुसेड़ दी जाएगी।
उत्तर प्रदेश पुलिस के सिपाही सुनील कुमार शुक्ला को आखिरकार सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। आरोप यह है कि उन्होंने पुलिस आचरण नियमावली का उल्लंघन किया, लेकिन जनता के बीच यह सवाल गूंज रहा है कि क्या उनकी असली गलती उत्तर प्रदेश पुलिस के भीतर कथित भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के खिलाफ आवाज उठाना थी?
सुनील कुमार शुक्ला ने सोशल मीडिया पर दर्जनों वीडियो जारी किए, इंटरव्यू दिए, व्यवस्था पर सवाल उठाए, लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय उन्हें ही व्यवस्था से बाहर कर दिया गया। संदेश साफ है अगर सिस्टम पर सवाल उठाओगे, तो सिस्टम तुम्हें ही सजा देगा।
आज सुनील कुमार शुक्ला नौकरी हार गए होंगे, लेकिन उन्होंने डर के सामने झुकने से इनकार किया। अब सवाल जनता से है क्या भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले को दंड मिलना चाहिए, या भ्रष्टाचार पर सवाल उठाने वालों की बात सुनी जानी चाहिए?
आपकी राय क्या है? क्या यह कार्रवाई केवल अनुशासनात्मक है, या भ्रष्टाचार के खिलाफ उठी आवाज को दबाने का संदेश?
मेरी बर्खास्तगी ईस्ट इंडिया बीजेपी के विजय रथ के ताबूत की आखिरी कील साबित होगी.... बर्खास्त सिपाही सुनील शुक्ला बीजीपी को अल्टीमेटम
पुलिस महकमे में भ्रष्टाचार की आवाज उठाने वाले सिपाही सुनील कुमार शुक्ला को बर्खास्त कर दिया गया। क्रांति इतनी आसान नहीं होती। इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ती है। जैसे ईमानदार सिपाही सुनील कुमार शुक्ला ने चुकाई।
उत्तर प्रदेश पुलिस में भ्रष्टाचार उजागर करने वाले पुलिस कांस्टेबल को नौकरी से निकाल दिया गया,
अगर चुपचाप भ्रष्टाचार में साथ देता रहता तो प्रदेश के किसी भी शहर में एक तिमंजिला मकान और चौपहिया निकलवा कर मस्त जीवन जी रहा होता
यूपी पुलिस से बर्खास्त हो चुके सुनील शुक्ला अब बरेली के निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के साथ नज़र आ रहे हैं।
अब दोनों एक साथ मिलकर किसी नई पहल की चर्चा में है
यदि वे सार्वजनिक रूप से अपने उद्देश्य और योजनाओं की घोषणा करते हैं, तो उस पर व्यापक चर्चा हो सकती है।
Hello Cockroaches 🪳
अगर थाली बजा कर वाइब्रेशन पैदा करके कोरोना वायरस खत्म किया जा सकता है तो😊
क्यो ना एक बार फिर थाली बजा कर कुर्सी से चिपके हुए शिक्षा मंत्री जी को हटाया जाये?😳
प्रधानमंत्री के ट्रिक से उनके मंत्री को हटाना है।🚫
Dharmendra Pradhan must resign!
Abhinay Sir:
शिक्षा के लिए
- धर्मेंद्र प्रधान का बेटा USA में है
- निर्मला की बेटी USA में है
- सिंधिया का बेटा USA में है
- पीयूष गोयल का बेटा UK में है
जब उनके अपने बच्चे विदेशों में पढ़ते है, तो उन्हें हमारे शिक्षा सिस्टम की परवाह क्यों होगी?
किसी पेपर लीक का उन पर क्या असर पड़ेगा?
आज के सिपाही और शिक्षक 8-10वीं पास नहीं बहुत शिक्षित भर्ती होते हैं।
जिस शालीनता के साथ हकीकत बयां की सुनकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं।
DGP और मुख्यमंत्री को अबतक उन सभी स्थानों की फुटेज मंगाकर देखनी चाहिए अगर वे उसका निरीक्षण नहीं कर सकते।
व्यवस्था में जंग लग गयी है।
जिलों में घटिया आवास बड़े बड़े अफसरों के हैं और उसके निर्माण में बड़ा भ्र्ष्टाचार और घोटाले होते हैं।
बेरोजगारी के कारण लोग ऐसे दंश सहने को मजबूर हैं।
@myogiadityanath@dgpup
NEET 2026 की परीक्षा रद्द हो गयी।
22 लाख से ज़्यादा छात्रों की मेहनत, त्याग और सपनों को इस भ्रष्ट भाजपाई व्यवस्था ने कुचल दिया।
किसी पिता ने कर्ज़ लिया,
किसी माँ ने गहने बेचे,
लाखों बच्चों ने रात-रात भर जागकर पढ़ाई की,
और बदले में मिला, पेपर लीक, सरकारी लापरवाही और शिक्षा में संगठित भ्रष्टाचार।
यह सिर्फ़ नाकामी नहीं, युवाओं के भविष्य के साथ अपराध है।
हर बार पेपर माफिया बच निकलते हैं और ईमानदार छात्र सज़ा भुगतते हैं।
अब लाखों छात्र फिर से वही मानसिक तनाव, आर्थिक बोझ और अनिश्चितता झेलेंगे।
अगर अपनी तकदीर परिश्रम से नहीं, पैसे और पहुँच से तय होगा, तो फिर शिक्षा का मतलब क्या रह जाएगा?
प्रधानमंत्री का तथाकथित अमृतकाल, देश के लिए विषकाल बन गया है।
अब ये कहने की भी ज़रूरत नहीं कि चुनाव आयोग सीधे बीजेपी से निर्देश लेकर और बीजेपी के अंडर में काम कर रहा है। ये अब जग ज़ाहिर है और बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। कम से कम ऐसी भाषा के ट्वीट करके इतने अहम संस्थान की इज़्ज़त तो सरेआम मत उछालिये।
चाइना से फंडिंग ले रहा - पाकिस्तान
अमेरिका से फंडिंग ले रहा - पाकिस्तान
ईरान से सस्ता तेल ले रहा - पाकिस्तान
इजराइल से फायदा ले रहा - पाकिस्तान
हम पर अटैक कौन कर रहा - पाकिस्तान
नमस्ते ट्रम्प जिसने नहीं किया वो - पाकिस्तान
सबसे कम पढ़ा लिखा देश - पाकिस्तान
सबसे घटिया इकॉनमी वाला देश - पाकिस्तान
लेकिन ईरान USA वॉर में CEASEFIRE का क्रेडिट कौन ले रहा - पाकिस्तान
TRUMP अपनी पोस्ट में क्रेडिट जिसको दे रहा वो - पाकिस्तान
मतलब उनकी विदेश नीति हमसे अच्छी हो गयी? और हम उससे 100 गुना आगे हैँ और
हमारी बात तक नहीं है??
हमने असल में प्रधानमंत्री नहीं, इलेक्शन कैंपेन करने वाला आरएसएस का वर्कर चुना था क्या?
"नरेंद्र मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तो अपने से आधी उम्र की लड़की के पीछे पड़ते थे।"
यह कपिल मिश्रा कह रहे हैं, जो अभी दिल्ली बीजेपी में मंत्री हैं।