@nikhildubei सरकार को उल्टा टैक्स मिल रहा है इस सिस्टम से? NPCI अगले 50 साल तक UPI फ्री में चलवा सकता है अपने असेट्स से अगर सरकार उससे जो टैक्स लेती है वो लेना बंद कर दे तो।
@nikhildubei NPCI जो UPI को चलाती है(मतलब ऑपरेट करती है) उसके पास 8000cr के एसेट्स हैं, 6000cr कैश है, और लगभग 2000 cr का प्रॉफिट है, जिससे पिछले साल सरकार ने 1000cr का टैक्स भी ले लिया था? तो किस ऑपरेशनल कॉस्ट की बात कर रहे हैं आप महोदय? ऑपरेशनल कॉस्ट को तो छोड़िए..
India mein koi 5 minutes number Google kar le to doodh ka doodh paani ka paani ho jaye.
RBI surplus to Govt : ₹2.87 Lakh Crores (US$30 Bn)
Total listed bank profits : ₹4.11 Lakh Crores (US$42 Bn)
NPCI - which runs UPI pre tax ‘surplus’ : ₹ 1,888 crores (US$200 Mn)
To nuksaan kis ka ho raha hai UPI se aur kaunsi subsidy de rahi hai Govt UPI pe jo chubh rahi hai?
Cost of running ATMs and cash logistics in India is ₹30,500 crores (US$ 3.0 Bn). If you want to optimise shut ATMs and promote UPI instead.
Any levy on UPI is just tax collection. UPI is the one scientific achievement of India everyone acknowledges par ab tax ki bali chadhegi.
Bhai Chandra sahab ke ₹22,000 crores maaf nahi karte to India mein UPI agle 20 saal tak free chal jaata by government’s number of ₹8,000 crores subsidy.
Also NPCI - which runs UPI has ₹6,119 hard cash on its balance sheet and pre tax operating profit of ₹1,900 crores. NPCI apne cash pe and profits par zindagi bhar UPI free chala sakti hai. Government ka kuchh lena dena hi nahi hai. Government earned ₹1,000 crores tax from NPCI last year.
@AnandPa76091033@dibang बेस ईयर का नॉमिनल जीडीपी(करंट प्राइस पर) कैलकुलेट करने में कोई योगदान नहीं हैं, ये एक ग्रॉस वैल्यू है, बेस ईयर कोई भी हो नॉमिनल जीडीपी(करेंट प्राइस पर) हमेशा एक जैसी ही रहेगी क्यों कि वो करेंट प्राइस पर है, कांस्टेंट प्राइस पर नहीं, अर्थशास्त्री होने का दिखावा करना अंधभक्ति करने
Bro copied the standards for Ethanol policy from USA, but didn't copy their testing results and implementation.
Even today, E20 is not mandated in the USA. Standard American gas stations predominantly sell E10 fuel, which holds over 95% of the market share. Higher ethanol blends like E15 have only a 1–2% share.
The USA tested E15 and E20 across 86 vehicle models and 6 million miles (96 lakh miles) in 2011, based on which E15 was approved only for new cars that were E15 compliant, while older cars continued to get E10. E20 was not mandated due to engine wear concerns in non-compliant cars, which were in the majority in the USA. And most importantly, unlike India, the USA made their studies public.
So what kind of policymaking is this? If you want to copy, either copy everything: the standards, the test results, the implementation, the way ahead, or don't copy anything at all.
@AnupamNawada कोई बैंक कुछ भी फ्री सेवा नहीं देता है, एक बार जाकर आंकड़े देखो ज़रा, हज़ारों करोड़ रुपये तो बैंक बस मिनिमम balance न रखने के नाम पर पेनल्टी में वसूल लेते हैं।
@AnupamNawada केंद्र सरकार के जंतबको लूटने के नये-नए तरीक़े खोजने वाले कीड़े ने काट लिया है, वहां पर मवाद और सड़न हो गयी है, और कीड़ा बीजबीजा रहा है, और बार बार इनके खुजली कर रहा है ल।
Boss-D वालों तुम्हारी ही नीति आयोग की रिपोर्ट थी (जिसे तुम लोगों ने अब पोर्टल से ग़ायब करवा दिया है)।
👉इस प्रोग्राम को 2030 तक पूरा करना था फिर तुम्हें क्या जल्दी पड़ी इसको लागू करने की?
👉जो गाड़ियाँ #E20 (2023 से पहले की) के लिये नहीं बनी उनमें ज़बरदस्ती क्यों कर रहे हो?
👉यदि #E10 वाली गाड़ियों में #E20 डाला जा सकता था तो कंपनियों को #E20 वाली गाड़ियाँ क्यों बनानी पड़ी?
👉2023 (#E10 वाली गाड़ियों) से पहले की गाड़ियों से सरकार ने 15-साल का टैक्स वसूला तो उनको, उनके वाहन के अनुरूप ईंधन क्यों नहीं मिलना चाहिये?
👉रिपोर्ट्स की मानें तो इथेनॉल, पेट्रोल से भी अधिक मंहगा है तो मिला ही क्यों रहे हो?
👉इतना क्या चुल्ल मची है कि इथेनॉल को मिलाने के लिये विदेशों से मंगवाया जा रहा है, इससे देश के कौन से किसानों का भला हो रहा है?
👉जिस ब्राजील का तुम Macrohardon उदाहरण देते हो वे 1970 से इसकी तैयारी करते आ रहे थे फिर भी वे लोग, आज भी विकल्प दे रहे हैं और वैसे भी तुम ब्राज़ील जैसे बन चुके हो क्या?
👉CIAN Agro अचानक से सैकड़ों करोड़ का व्यापार कैसे कर गई जब ये गड़बड़ी व्यक्तिगत रूप से इस खेल में शामिल नहीं है तो?
👉प्रदूषण कम करने के नाम पर पेट्रोल में गन्ने का जूस ठेल दे रहे हो उससे गाड़ियों की जो चैया-मुद रही है इसके पैसे कौन देगा?
👉नीति आयोग की रिपोर्ट में लिखा रहे हो की मामूली खर्चा करके गाड़ियों के कल-पुर्जे बदले जा सकते हैं तो उन पुर्ज़ों का और उनको बदलने का मेहनताना कौन देगा, तुम्हारा बाप?
.
.
🤬🤬कुल मिलाकर बात ये है की बकरचैंटी बंद करो और शुद्ध तेल दिलवाओ और मिलावट बंद करो नहीं 2029 में तुम्हारी गाँव में बाँस कैसे देना है वह भी हम तय करेंगे🤬🤬