पटरियों से चलने वाले मजदूरों का कहना है कि पुलिस जानवरों की तरह सड़क पर मारते हैं तो उनसे बचते हुए पटरी से जाने को मजबूर हैं। दिन भर के रिपोर्टिंग के बाद जब शाम को @ravishndtv के लिए रिपोर्टिग करने लगे तो पुलिस ने रोकने की कोशिश की। पूरे वीडियो की लिंक:
https://t.co/hbXYwVKZLU
घर लौटने के लिए रास्तों में भटक रहे उप्र के मज़दूरों के लिए सरकार खाने-पीने का प्रबंध क्यों नहीं कर रही है?
सरकार के दावों से सच्चाई कोसों दूर है, जैसे ये बेबस मज़दूर अपने घरों से...
कांवड़ यात्रा के दौरान जगह -जगह विश्राम स्थल बनते हैं-- सर्व सुविधा युक्त --- भोजन -भजन रहता है इन यात्रियों के लिए --- अगर हम ऐसा ही इस संकट काल में मजदूरों के लिए करदेते तो शायद वे पटरी पर कट कर मरने से बच जाते --
All students studying in foreign r not millionaire, some r middle class and poor also.
Airfare charges are double, for quarantine per day 3k for 14days.
In this crisis how we are going to pay that big amount.
@vijayanpinarayi @PMOIndia@HardeepSPuri#HalfAirfareforStudents
कांग्रेस अध्यक्ष ने रेल किराया का मुद्दा उठा कर बहुत सही स्टैंड लिया। जो मज़दूर जाना चाहते हैं उनको मेडिकल टेस्ट कर जाने देना चाहिए। ये प्रवासी मज़दूरों का हक़ है : @RahulGandhi
तबलीगी जमात वाला मीडिया का पूरा तमाशा उजड़ चुका है। जमात के मरकज़ से क्वारंटीन के लिए लाए गए 3,013 में से सभी लोग अब घर लौटने के लिए तैयार हैं। सिर्फ 2 की मौत हुई है और आरोप है कि वह भी लापरवाही के कारण।
जमात के लोगों को उतना ही कोरोना इनफ़ेक्शन था, जितना किसी और को।