कोविड के बाद online education के क्षेत्र में बहुत कुछ बदला। technology आई, opportunity बढ़े, लेकिन इसके साथ एक खतरनाक प्रवृत्ति भी बढ़ी।
Fake views, fake watching , खरीदी हुई लोकप्रियता, PR और बनावटी छवि के दम पर करोड़ो छात्रों को प्रभावित किया गया। गरीबी, संघर्ष और emotions को इस तरह बेचा गया कि लोगो ने उसे सत्य मान लिया। धीरे-धीरे शिक्षा पीछे छूटती गई और व्यक्तित्व की पूजा शुरू हो गई।
Podcast, interview और social media के reels & shorts के माध्यम से कुछ लोगों की ऐसी छवि गढ़ी गई मानो वे सबसे से ऊपर हों। स्थिति यहाँ तक पहुँच गई कि उनसे असहमति जताना या उनसे सवाल पूछना भी अपराध जैसा माना जाने लगा।
लेकिन क्या बड़ा होने का अर्थ यह है कि आपसे प्रश्न नहीं पूछे जा सकते?
क्या लोकप्रियता जवाबदेही का विकल्प है?
क्या करोड़ों लोगों की पहुँच मिल जाने के बाद गलतियों पर चर्चा बंद हो जानी चाहिए?
और यदि कोई आवाज़ उठाए, तो क्या उसे उसी ताकत, प्रभाव और पैसे के दम पर दबा देना उचित है जो जनता ने ही आपको दिया है?
लोकतंत्र हो, शिक्षा हो या समाज - प्रश्न पूछना सुधार की पहली शर्त है।
व्यक्ति कितना भी बड़ा क्यों न हो जाए, उसे प्रश्नों से बड़ा नहीं होना चाहिए।
मुझे सबसे अधिक चिंता किसी एक व्यक्ति की नहीं है। चिंता उस माहौल की है जहाँ लोग सत्य से अधिक छवि को, तर्क से अधिक प्रचार को और जवाबदेही से अधिक लोकप्रियता को महत्व देने लगे हैं।
कभी-कभी लगता है कि पैसा कमाने की दौड़ में कुछ लोगों ने सिर्फ अपने सिद्धांत नहीं, अपना ज़मीर तक गिरवी रख दिया।
और सबसे दुखद बात यह है कि इसका मूल्य उन छात्रों ने चुकाया जो सच और दिखावे के बीच का अंतर नहीं समझ पाए ।
यदि लीक का स्रोत नहीं पकड़ा जाएगा, तो Telegram बंद कर दीजिए, कल WhatsApp होगा, परसों कोई और माध्यम होगा।
बीमारी का इलाज चाहिए, थर्मामीटर तोड़ने से बुखार नहीं रुकता।
हेल्थ इंश्योरेंस वाले ADD तो बड़े भारी दिखाते हैं।
परिवार को जब ज़रूरत है तो 65,000 की हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी लेने के बाद भी क्लेम करने पर रिजेक्शन का झटका लगा।
कंपनी सामान्य भुखार बता कर रिजेक्ट कर रही है।
आज सड़कों पर उतरा मूलनिवासियों का जनसैलाब।
हम इस देश से इस मनुस्मृति रूपी ईवीएम को हटाकर रहेंगे जिसने हमारे हक अधिकारों को छीना है और हमें गुलाम बनाने का काम किया।
#चुनाव_आयोग_पर_महामोर्चा
जंतर मंतर में पहुच रहे है आंदोलनकारी।
यह आंदोलन देश और लोकतंत्र को बचाने के लिए है।
भारत मुक्ति मोर्चा के इस आंदोलन से देश का भविष्य उज्वल होगा!
#चुनाव_आयोग_पर_महामोर्चा
Jantar Mantar Ground New Delhi.
Protest March On Election Commission of India. Leadership: Hon. Waman Meshram (National President Bharat Mukti Morcha)
#चुनाव_आयोग_पर_महामोर्चा