वक़्त
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वक़्त
किसी का नहीं होता
आज तुम्हारा है
कल मेरा होगा।
तुम इतराना मत
ना मैं घबराऊँगी
क्योंकि,
समय पलटता है
लोग पलट जाते हैं
आज तुम्हारी
जय जयकार करेंगे
कल तुम्हें भी
कटघरे में घसीटेंगे।
~वंदना वात्स्यायन
#Time@Hindinama2@kavishala@Hindi_Kavitaa
विजयदशमी/ मैथिलीशरण
शक्ति दो भगवान् हमें कर्तव्य का पालन करे,
मनुज होकर हम न परवश पशु-समान जिएँ-मरें।
विदित विजय-स्मृति तुम्हारी यह महामंगलमयी,
जटिल जीवन-युद्ध में कर दे हमें सत्वर जयी॥
- विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएँ!
#Dussehra2025#Vijayadashami2025#DurgaPuja2025
Heartfelt thanks to the incredible #UPAJGURU team for making the first-ever direct shipment of Maldah mangoes from Bhagalpur to New York a reality! 🌱🥭
Special gratitude to Ravi ji—a visionary who believes in possibilities & empowering farmers. 🙏
As @BiharUsa , we thank
लंगड़ा आम
एक ऐसा स्वाद जो यादों को ताज़ा कर दे।
एक ही स्वाद में, चार पीढ़ियों की कहानी याद आ गई।
बचपन की यादें, आम के बगीचे में बिताए पल
बीस साल की दूरी, एक पल में मिट गई,
लगा जैसे अपने बगीचे से सीधा घर आया है।
Thank you @RaviSonigng ji and #UPAJGURU for making it possible .
अमेरिका में BJANA के स्वर्ण जयंती समारोह के दौरान जब अपनों से मुलाकात हुई — दिल भर आया।
जिस अपनत्व, स्नेह और सम्मान से लोगों ने मेरा स्वागत किया, वह मेरी कल्पना से परे था। सचमुच, अभिभूत हूँ।
विदेश की धरती पर बिहार-झारखंड के लोग जिस मेहनत, ईमानदारी और प्रतिभा से अपनी पहचान बना रहे हैं —वही मारी माटी की असली ताक़त है।
अपने भाषण में मैंने यही बात साझा की कि अब समय आ गया है — जब हम सब मिलकर अपनी जन्मभूमि के विकास में भी भागीदार बनें। यही होगी सच्ची 'वापसी'।
और हाँ, एक पल को भी महसूस नहीं हुआ कि मैं अमेरिका में हूँ — हर मुस्कान, हर आलिंगन में बस ‘मिनी पटना’ का एहसास होता रहा।
यह सिर्फ एक समारोह नहीं था — यह भावना थी, जुड़ाव था, और बिहार-झारखंड की आत्मा का उत्सव था। @yadavalok और संजीव सिंह जी का दिल से धन्यवाद् , आपलोगों ने अपनों के बीच जो आमंत्रित जो किया |
#BJANA50Years #Super30 #AnandKumar #BiharJharkhand #IndianDiaspora #PrideOfIndia #MiniPatna #GoldenJubilee
अब तो वापस लौट आया हूँ |
लेकिन आज भी टाइम्स स्क्वेयर की वो शामें याद आ रही हैं — जब अपने बिहारी भाइयों के साथ वहाँ की रौशनी में अपनापन चमक रहा था।
वो ठहाके, वो बातें, वो गर्व — सब आज भी दिल में हैं |
#bjana50years#bjana#Super30
You and I were a world,
A world of,
our own hues,
Our own dreams,
Our own joy
Our own pain.
Now, with your departure,
The colors have faded,
Dreams have become harsh reality,
Joy has fled,
And only left with
silence of solitude!
~Vandana Vatsyayan
@GeetChaturvedi की अनूठी गद्य-पुस्तक “अधूरी चीज़ों का देवता” का पुरस्कृत होना हमारे लिए हर्ष और संतोष का विषय है। इसे पाठकों ने अपार स्नेह दिया है। अब तक इसके दो संस्करण हो चुके हैं। तीसरे परिवर्धित संस्करण की प्रेस-कॉपी इन दिनों तैयार की जा रही है। हम सबको बधाई।
जीवन अस्थिर अनजाने ही, हो जाता पथ पर मेल कहीं,
सीमित पग डग, लम्बी मंज़िल, तय कर लेना कुछ खेल नहीं।
दाएँ-बाएँ सुख-दुख चलते, सम्मुख चलता पथ का प्रमाद —
जिस-जिस से पथ पर स्नेह मिला, उस-उस राही को धन्यवाद 🙏🙏🙏🙏
[शिवमंगल सिंह ‘सुमन’]
#ThanksgivingDay2024