@KavyaKutir@Sunilpanwar2507@umda_panktiyaan तन्हाई की अपनी कहानी है।
जिसने तन्हाई को जाना,
जिसने तन्हाई को गले लगाया,
उसका अपना एक सुकून है।
तन्हाई तो नसीब वालों को मिलती है।
तन्हाई अब तन्हाई नहीं,
ये एक जुनून बन जाती है।
VACHAS VANI
@AlongImna उसका होना देश के लिए शायद अच्छा है
इंसान के हुनर की दाद होती है।
अच्छा करे या नकारात्मक बोले
उसकी बात होती है
जिसमें हुनर नहीं
उसके होने से
सच्चे का चयन सहजता से होता है
उसके होने से
नकारात्मकता का फैलाव भी कम होता है
उसमें हुनर नहीं
शायद उसका होना भी
देश के लिए अच्छा है। 😄
@sumitamisra हम बड़े भी हो जाएँ,
फिर भी
माँ के लिए
हम तो बच्चे ही रहते हैं।
हमारी पीड़ा का दर्द
उसको हमसे ज़्यादा होता है।
दर्द यहाँ एक का नहीं,
दो का होता है।
हमारा बदन भी तो
उसका ही अंश है।
माँ तो माँ होती है।
जो उसके साए में है,
वह तो
सबसे ज़्यादा भाग्यवान होता है।
His son was so attached to his tablet that his father resorted to drawing dark circles around his eyes while he slept, then told him the tablet was causing them 😭
हम सोचते हैं,
सोच के अनुरूप कर्म करते हैं।
कर्म का फल मिलता है,
आत्मचिंतन होता है,
अनुभव बनता है।
फिर वक़्त से क्यों कहें?
दोस्त, इतनी देर से क्यों आया?
अनुभव का ज्ञान
इतनी देर से क्यों बताया?
अपना जीवन तो
चरणबद्ध चलता है।
VACHAS VANI
@HarrishMishrra हम सोचते हैं,
सोच के अनुरूप कर्म करते हैं।
कर्म का फल मिलता है,
आत्मचिंतन होता है,
अनुभव बनता है।
फिर वक़्त से क्यों कहें?
दोस्त, इतनी देर से क्यों आया?
अनुभव का ज्ञान
इतनी देर से क्यों बताया?
अपना जीवन तो
चरणबद्ध चलता है।
VACHAS VANI
@KavyaKutir मेरा अपना नज़रिया
मेरा अपना जहाँ
तेरी कुछ बात मुझे भाती नहीं
शब्द मैंने दिया
तेरा व्यवहार सही नहीं
क्यों जानूँ तेरा नज़रिया
तेरा जहाँ
बस दिल ने कह दिया, तू सही नहीं
मुझे तेरा व्यवहार जमा नहीं
VACHAS VANI
@SushantBSinha Sushant ji, कईयों के लिए तो जश्न है। तारीफ़ के हक़दार हैं। यही तो हमारा संस्कार है। 😄
हाँ, ज़रा धीरे से हँसिएगा, iPhone खरीदने वाला सुन लेगा तो बुरा मान जाएगा। 😂
बाकी सब मस्त है।
क्या आपका नंबर लगा? 😄
VACHAS VANI
@sumitamisra कितनी सहजता से कह दिया
ज़िंदगी का फ़लसफ़ा बयाँ कर दिया
मैंने ये हाल जिया है
बातों को समझा है
अपना ज्ञान भी संभालता नहीं।
तनिक भ्रम आज भी रहता है
क्या कोई ऐसा कर सकता है
पल भर का नहीं
ज़िंदगी भर का ज़ख्म दिया।
हर नक़ाब के पीछे
तेरे मन में बसाया चेहरा
रहता नहीं।
VACHAS VANI
@manojmuntashir राम नाम ही मंत्र है,
मन की रक्षा करने वाला।
(मुख के द्वार से
प्रकाश का आगमन हुआ,
“रा” से कंठ में स्पंदन हुआ,
“म” से मन मेरा शांत हुआ।
मुख के द्वार से
प्रकाश का आगमन हुआ,
राम नाम से मैं...
मैं रमने लगा।
जय श्री राम 🙏)
VACHAS VANI
@RajatSharmaLive वक़्त के सामने
किसका क्या चला।
वक़्त आया,
काम भी कर गया।
दुश्मन तेरा
दोस्त बन गया,
तुझे पता ही नहीं चला।
ठहर जाओ,
वक़्त का इंतज़ार कर।
तब तक नियमित चलना रख।
वक़्त ने बड़े-बड़े ज़ख्म भरे हैं,
तो तेरे अपमान का हल न देगा?
VACHAS VANI
@SheetalPronamo मुझे तो कोई समस्या नज़र नहीं आई।
शायद आपकी नज़र कुछ ज़्यादा तेज़ है। 😄
थोड़ा सा नज़र का स्तर कम कर दीजिए,
सब सही नज़र आने लगेगा।
दुनिया में लिखने के लिए बहुत-सी अच्छी बातें हैं।
आप अच्छा लिखती हैं,
बस विषय भी अच्छे चुना कीजिए।
आप भी स्टार बन जाएँगी। 😉
कुछ राहें आपके अनुरूप न हों,
डगर-डगर मुश्किलों से मुलाकात हो।
पर जब अपनी मंज़िल का सफ़र
सिर्फ़ उसी राह से हो,
तब क्या,
मुश्किल डगर या
मुश्किल सफ़र?
रास्ते सिर्फ़ रास्ते हैं।
VACHAS VANI