गांव-ग्रामीण में स्थितियां और भयावह होती जा रह��� है। गोरखपुर के उनवल कस्बे में कुछ वक्त में 60 लोग मारे जा चुके हैं। यहां पीएचसी में एक डॉक्टर भी नहीं। बलिया के सोहाव गांव में 40 लोगों की मौत। गांव वाले बेचारे बेमौत मारे जा रहे। टेस्ट तो दूर दवा की गोली भी नही मिली। बेहद चिंताजनक।
पति की मौत के बाद महिला ने रोते हुए कहा कि डॉक्टर उसके साथ छेड़खानी करता था, लेकिन वो उसे इसलिए इग्नोर करती रही क्योंकि उसका पति वहां भर्ती था.
जान तो छोड़िये इज्जत बचाने के लिए संघ���्ष करना पड़ रहा अब.
पटना के राजेश्वर अस्पताल
भागलपुर के ग्लोकल अस्पताल
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सुना है सच्ची हो नियत तो राह खुलती है
चलो सफ़र न करे कम से कम इरादा तो करे ..!
सरकारी नौकरी की चाह छोड़ेंगे नही ।
एम��पी॰ के युवा माँगे रोज़गार ।
मास्क पहने ।
सुरक्षित रहे ।
स्वस्थ रहे ।
@MPStudentsUnity
ड्य��टी पर जाते समय एक बैंक स्टाफ को इस कदर पीटना कहाँ तक उचित है। दोषियों पर तत्काल कार्यवाही होनी चाहिए। सिस्टम को याद रखना चाहिए की कोरोना के बाद देश को आर्थिक मंदी से भी जंग लड़ना है उस समय बैंकर ही काम आएंगे पुलिस नहीं।
सिस्टम का ये रवैया हम भी याद रखेंगे।
@DgpKarnataka