राज्यपाल गुलाबचन्द कटारिया ने कहा- वो पूछते हैं कि आप बार-बार आ जाते हो। मैं डे टू डे जनवरी, फरवरी और मार्च का सारा कार्यक्रम लाया हूं। मै गारंटी से कह सकता हूं कि मैं जितना प्रवास चड़ीगढ़ करता, जितना पब्लिक से मिलता हूं। पब्लिक के काम काम करता हूं। #GulabchandKataria#punjab
आज जब हम दुनिया के अलग-अलग हिस्सों…यूनाइटेड Arab Emirates, Dubai, Bahrain और Israel के हालात देखते हैं, तो एक बात साफ़ समझ आती है कि सुरक्षा और स्थिरता केवल धन या आधुनिक इमारतों से नहीं आती, बल्कि दूरदर्शी नेतृत्व और सशक्त रक्षा व्यवस्था से आती है।
आज दुनिया के कई हिस्सों में अत्याधुनिक डिफेंस सिस्टम भी चुनौतियों के सामने कमजोर पड़ते दिखाई दे रहे हैं। ऐसे समय में यह संतोष होता है कि भारत ने ऑपरेशन सिन्दूर के दौरान अपनी सुरक्षा नीति और सैन्य रणनीति को आत्मनिर्भरता और संतुलन पर आधारित रखा है।
Indian Army की सजगता, अनुशासन और पराक्रम, तथा प्रधानमंत्री @narendramodi नेतृत्व में सशक्त होती रणनीतिक नीतियों ने देश को एक मज़बूत स्थिति में खड़ा किया है।
मैं भले ही विदेश नीति की बारीकियों का विशेषज्ञ न होऊँ, पर इतना अवश्य समझ सकता हूँ कि भारत आज विश्व मंच पर आत्मविश्वास से खड़ा है। यहाँ सुरक्षा केवल हथियारों से नहीं, बल्कि सैनिकों के साहस, वैज्ञानिकों की मेहनत और नागरिकों के विश्वास से निर्मित होती है।
वक्त ने यह सिखाया है कि सच्ची ताक़त शोर से नहीं, संयम और तैयारी से बनती है।
सारे जहाँ से अच्छा, हिन्दोस्ताँ हमारा।
जय हिन्द। 🇮🇳
जय सोमनाथ!
वर्ष 2026 में आस्था की हमारी तीर्थस्थली सोमनाथ ज्योतिर्लिंग पर हुए पहले आक्रमण के 1000 वर्ष पूरे हो रहे हैं। बार-बार हुए हमलों के बावजूद हमारा सोमनाथ मंदिर आज भी अडिग खड़ा है! सोमनाथ दरअसल भारत माता की उन करोड़ों वीर संतानों के स्वाभिमान और अदम्य साहस की गाथा है, जिनके लिए अपनी संस्कृति और सभ्यता सदैव सर्वोपरि रही है।
पढ़िए, इसी विषय से जुड़ा मेरा यह आलेख...
#SomnathSwabhimanParv
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देश की महान विभूतियों की विरासत के सम्मान और संरक्षण के लिए हमारी सरकार कृतसंकल्प है। इसी कड़ी में कल दोपहर बाद करीब 2:30 बजे लखनऊ में पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की 101वीं जयंती के अवसर पर ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ के उद्घाटन का सौभाग्य मिलेगा। यहां वाजपेयी जी के साथ ही डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की भव्य कांस्य प्रतिमाएं भी लगाई गई हैं। इसके साथ ही एक अत्याधुनिक संग्रहालय भी विकसित किया गया है, जहां राष्ट्र निर्माण में इन दूरदर्शी नेताओं के अमूल्य योगदान के बारे में जानने का अवसर मिलेगा।
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"अमित शाह ने कहा कि ईवीएम राजीव गांधी लेकर आए. इसका पहला प्रयोग 2004 में हुआ और तब ये जीत गए. 2009 में भी ये जीत गए. मशीन आप लेकर आए, उसी से 10 साल राज किया. अब हार रहे तो उसका भी विरोध...": अमित शाह, गृहमंत्री
#ATVideo#ElectionCommission#AmitShah#LokSabha | @AmitShah
श्री @roat_mla जी,
केन्द्र सरकार द्वारा राज्यों के पुनर्गठन के लिए ‘राज्य पुनर्गठन अधिनियम 1956’ पारित किया किया था जिसके तहत ही राजस्थान सहित देश के विभिन्न राज्यों का गठन हुआ। साथ ही भारतीय संविधान का अनुच्छेद 3 संसद को नए राज्यों के निर्माण और मौजूदा राज्यों के क्षेत्रों, सीमाओं या नामों में परिवर्तन करने का अधिकार देता है। संसद को मिला यह अधिकार राजनीतिक नारेबाजी या भावनात्मक उकसावे की पूर्ति के लिए नहीं बल्कि राष्ट्रीय हित, प्रशासनिक आवश्यकता और जनकल्याण के आधार पर दिया गया है। आखिरी बार वर्ष 2014 में भी तेलंगाना को आंध्र प्रदेश से अलग करके एक नया राज्य बनाया गया था जो एक लंबी लोकतांत्रिक प्रक्रिया और व्यापक विमर्श के पश्चात हुआ था।
पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी द्वारा किए गए राज्यों के पुनर्गठन का आधार संवैधानिक प्रक्रिया की पालना के साथ देश की एकता, प्रशासनिक आवश्यकता और क्षेत्रीय संतुलन था। उन्होंने यह कार्य संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार संसद में पूर्ण चर्चा और सहमति से किया था। भारत की विविधता ही हमारी एकता की सबसे बड़ी ताकत है और कोई भी विचार जो देश या राज्यों की एकता को खंडित करता हो वह किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं होना चाहिये।
लेकिन यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ लोग संविधान की भावना, ऐतिहासिक संदर्भ और राष्ट्रीय एकता को दरकिनार कर ‘भील प्रदेश’ जैसे भ्रामक और विभाजनकारी विचार को बढ़ावा दे रहे हैं। बिना किसी विधायी प्रस्ताव या संवैधानिक प्रक्रिया के सीधे नक्शा जारी करके स्वयं को लोकसभा, राज्यसभा और संविधान से ऊपर मानना क्या उचित है ? आप कैसे स्वयंभू हो गए जो संसद को दरकिनार कर नक्शा जारी कर रहे हो?
आदिवासी समाज हमारे देश की आत्मा है जिनकी परंपरा, संस्कृति और संघर्ष को मैं पूरा सम्मान देता हूं। भील समाज का गौरवशाली इतिहास है और उनके सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए केंद्र और राज्य सरकार लगातार प्रयासरत हैं लेकिन इसके नाम पर ‘राज्य तोड़ने’ की कोशिश संविधान और लोकतंत्र दोनों के साथ अन्याय है।
राजस्थान एक है, अभिन्न है और अटूट है। हमारे मतभेद विचारों में हो सकते हैं लेकिन बयानबाजी करते समय हमें उस संसदीय गरिमा का भी ध्यान रखना चाहिए जिसकी रक्षा करना हम सभी जनप्रतिनिधियों का नैतिक कर्तव्य है।
#Rajasthan
गरीब हिंदुओं पर हाथ उठाने वालोंने नलबजार और मोहम्मद अली रोड पर जाकर जिहादियों को पीटने की भी हिम्मत दिखानी चाहिए! क्योंकि उनके मुंह से कभी मराठी सुनने में नहीं आती !
Day2: #KailashmansarovarYatra
ल्हासा से पुरांग के हवाई यात्रा में अद्भुत नज़ारे
जहाज़ से दिखा कैलाश पर्वत
मानसरोवर झील के ऊपर से निकला जहाज़
रो पड़े भारतीय तीर्थयात्री
बेस कैंप के रास्ते में कई बार हुए दर्शन
Full report on @TheRedMike Youtube channel
पाकिस्तान का उप प्रधानमंत्री इसाक डार कह रहा है कि जब भारत ने नूर खान एयरबेस पर हमला किया था तब सबसे पहले सऊदी प्रिंस ने उसे फोन कर के कहा कि आप कहो तो मैं एस जयशंकर से बात करता हूं कि पाकिस्तान युद्धविराम करना चाहता है तो मैंने कहा कि जरूर करिए, और उन्होंने बात करके मुझे फोन किया।
पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री की यह सार्वजनिक स्वीकृति ट्रंप के झूठ और भारत में मोदी विरोधी कांग्रेसियों और खैरातियों के भारतंविरोधी नंगनाच को चीथड़ा कर रहा है, उसकी धज्जियां उड़ा रहा है।