@Profdilipmandal अभी बिहार चुनाव के संदर्भ में आपने इंदिरा गांधी के बयानों को चार साल की मेहनत से ढूंढ निकला और अपनी पीठ थपथपाई। कुछ दिन पहले के आपके लिखे हुए ट्वीट डिलीट कर दिये। आप बदल रहे हैं तो अच्छी बात है। कोई दूसरा बदले तो उसके पाप गिनने लगते हो गुरुजी।
हिमालय की हार सोनम की कैद से कहीं बड़ी है। सुप्रीम कोर्ट तक ने कहा है कि हिमालय खतरे में है और हिमाचल हवा में गायब हो सकता है। कमोबेश यही हाल उत्तराखंड और अन्य हिमालयी राज्यों का भी है। ऐसे वक्त में जब देश को सैकड़ों सोनम जैसे लोगों की ज़रूरत है, उन्हीं हालात में लद्दाख के जनहित के मुद्दों पर अग्रणी सोनम को NSA जैसे कठोर कानून के तहत रातों-रात कैद कर लिया जाता है। उनकी वर्षों की अथक मेहनत को मिटाने का काम FCRA रद्द करने जैसी कार्रवाइयों से किया जाता है। असली नुकसान सिर्फ सोनम का नहीं, सिर्फ लद्दाख का नहीं बल्कि पूरे हिमालय का है, जहां सोनम जैसी आवाज़ों को दबाया जा रहा है, उनके योगदान को मिट्टी में मिलाया जा रहा है।
Ladakh’s amazing people, culture, and traditions are under attack by the BJP and RSS.
Ladakhis asked for a voice. The BJP responded by killing 4 young men and jailing Sonam Wangchuk.
Stop the killing.
Stop the violence.
Stop the intimidation.
Give Ladakh a voice. Give them the 6th Schedule.
नेपाल में सड़कों पर अराजकता चिंता का कारण होना चाहिए लेकिन यहाँ कुछ लोग इस इंतज़ार में बैठे हैं कि भारत में ऐसा कब होगा? सत्ता परिवर्तन का मार्ग लोकतांत्रिक होना चाहिए. यही कारण है कि आज़ादी के बाद से हमारे यहाँ स्थिरता रही है जबकि पड़ोसी देशों में उथलपुथल होती रही है.
जब अंग्रेजों को मारना था, उन्हें एक ढेला भी नहीं मारा, महात्मा गांधी को मार दिया।
जब ट्रंप से लड़ना है, उन्हें एक शब्द नहीं बोल पा रहे, राहुल गांधी से लड़ रहे हैं।
यही है इनका फर्जी राष्ट्रवाद।
चंद्रचूड़ के समय सुप्रीम कोर्ट में पेंडिंग केस की संख्या 80,000 है। क्यों न चंद्रचूड़ को उनके निकम्मेपन को देखते हुए बर्खास्त कर दिया जाए। #DismissChandrachud
@nitinmeshram_ मेश्राम जो आपको गम्भीर व्यक्तित्व का मानता था। लेकिन आपके अंदर तेजी आई गिरावट को देख रहा हूं। इतनी शीघ्रता के साथ आप नीचे गिरोगे और ट्रोल बनकर रह जाओगे सोचा न था। संविधान विशेषज्ञ से इस प्रकार के ट्वीट की उम्मीद नहीं की जा सकती। आपका एक्स अकाउंट हैक तो नहीं हो गया।
@Profdilipmandal श्रेष्ठ ब्राह्मण चिंतक मनीषी पण्डित प्रो दिलीप मण्डल जी भारत की महान संत परम्परा का उल्लेख करते हुए। निश्चित ही दोनों महान आचार्य संत परम्परा को निरंतर आगे अग्रसर करते हुए।🙏🏻
अमर उजाला को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इंटरव्यू दिया है। राजनाथ जी कह रहे हैं कि आरक्षण का आधार ग़रीबी होना चाहिए। क्या
वे आरक्षण के आधार को बदलने की बात कर रहे हैं?
आरक्षण विरोध की शुरुआत ही इस तर्क से होती है। बाक़ी आरक्षण के सिद्धान्त जानकार इस पर रौशनी डालेंगे ही। बताएँगे कि धर्म और ग़रीबी के बीच एक मुख्य आधार ग़ायब है और वो क्या है ।
राजनाथ सिंह का इंटरव्यू पेज दस पर छपा है। वरिष्ठ राजनेता हैं। कई बार चुनाव जीत चुके हैं। आज लखनऊ में मतदान भी है।
पिछले 5 वर्षों में 13,626 एससी, एसटी, ओबीसी छात्र-छात्राओं ने केंद्रीय विश्वविद्यालयों, IIT और IIM में अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी है। इन सबकी वजह जातिगत भेदभाव, परीक्षाओं में कम अंक देना, मौखिक परीक्षाओं में अनुत्तीर्ण कर देना और मानसिक उत्पीड़न है।