#LIVE l #RepublicSummit2026 में अपने संबोधन में प्रधानमंत्री @narendramodi ने कहा- "अभी मैं फ़्रांस में VivaTech में गया था। करीब डेढ़-दो लाख नौजवान वहां होंगे। मैं और फ्रांस के राष्ट्रपति अलग-अलग स्टॉल्स पर जाकर युवाओं के काम को देख रहे थे। हम Zoho के स्टॉल पर गए। मैं हैरान था और गर्व भी होता था कि जोहो के स्टॉल पर यूरोप के नौजवानों की जो भीड़ लगी थी और वे समझना चाहते थे कि यह क्या है। दुनिया में यह एक नई चीज है, लेकिन भारत में शायद उतनी चर्चा नहीं हुई जितनी मैंने फ्रांस में देखी। "
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@PMOIndia
@old_cricketer बच्चे तो बहुत सारे होने चाहिए
जिनके पास पैसो की कोई समस्या नही है उनके तो @elonmusk की तरह बहुत सारे बच्चे होने चाहिए
जिनके पास कम पैसे भी हो2-4बच्चे तो उनके भी होने ही चाहिए
बड़े स्कूल मे भले ना पढ़ा सको,ना ब्रांडेड कपड़े पहना सको,एक प्यार भरे घर मे प्यार करना तो सिखा ही सकते ह
@Baliyan_x इस मामले में अगर लड़का सही राह पर नहीं आता है तो खाप पंचायत बैठानी चाहिए और ऐसे लड़कों को पारिवारिक संपत्ति से बेदख़ल कर देना चाहिए
ये मामला नज़ीर बनना चाहिए सभी के लिए जो ऐसी हिम्मत कोई दुबारा ना करे
संपत्ति ना मिलने की स्थिति में आगे इस राह पर कोई नहीं चलेगा ।
@satyagodara एक ज़िद पाल ली है अभिभावको ने कि सबसे अच्छे स्कूल मे ही अपना बच्चा पढ़ाना है
अपनी पहुँच से बढ़कर महंगे स्कूलो मे बच्चो के दाख़िला दिला बड़े सपने पाल लेते है,खुद के साथ बच्चे को भी दबाव मे रखते है
इसलिए बच्चे भी कम पैदा करते है लेकिन वो नही जानते महंगे स्कूल सफलता की गारंटी नही है
@satyagodara NCR में अब ये चलन थोड़ा ठंडा पड़ रहा है
बच्चे माँ बाप से विमुख हो जाते हैं और भी अन्य साइड इफ़ेक्ट सामने आ गए हैं पिछले कुछ सालों में इसलिए अब इस मामले में माँ बाप ज़्यादा सतर्क है
बच्चा अगर जाना चाहता है तो ग्रेजुएट होने के बाद ही भेजना पसंद कर रहे है ।
@ajeetbharti बहुत सही कहाँ है अमीरों से जलने की नहीं प्रेरणा लेने की ज़रूरत है
मेरे पिता एक किसान के बेटे थे वो डॉक्टर बने अपनी मेहनत और संघर्ष से,उन्होंने अपनी बहनों को पढ़ाया पढ़े-लिखे लड़कों से शादी की,
ऐसे ही अपनी संतानों के साथ किया,
एक रुतबा बनाया
उन्होने जो मुक़ाम पाया अपने दम पर पाया
@sumantkabir टैगोर, बंकिम चन्द्र,परमहंस, विवेकानंद,लाहिड़ी महाशय, कृष्णदत्त, योगानंद…… आदि मैं लिखती चलो जाऊगी लेकिन नाम खतम होने का नाम ना लेंगे
इतना समर्ध प्रदेश होने के बावजूद ऐसा क्या है जिसने इस प्रदेश को इसकी जनता को ऐसी दशा में ला खड़ा किया ?
@scribe9104 अनुपम जी जनता तो भरोसे के साथ बदलाव करती है
ममता पर भरोसा किया वो करने लायक़ लगती भी थी कोई गलती नहीं की थी वहाँ की जनता ने लेकिन ममता ने भरोसा तोड़ा और अपने से पहले शासक से ज्यादा शोषण किया जनता का
अब फिर जनता ने भरोसा जताया है भगवान इनके भरोसे को बनाए रखे
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बंगाल के दर्द के हम भारतवासी साक्षी रहे है
संदेशखाली ने दहला दिया,
डाक्टर बेटी की मौत पर जो हुआ उसने डरा दिया,
पिछले चुनावों से पहले और बाद मे जो होता रहा वो देख देश लाचार महसूस करता रहा
आए दिन कुछ ना कुछ ऐसा सुनने मे आता बंगाल से कि डर बढ़ जाता
प्रभु ने सुनी जनता जागी,जया हो