बिहार में सभी परीक्षाओं के पेपर लीक होने के कारण पेशेवर धां��लीबाज़ी का एक नया रोजगार सृजित हुआ है!
ये सत्ता पोषित लोग हर पेपर पैटर्न के अनुसार इस तरह के पन्ने प्रिंट करवाकर पैसे देनेवाले अभ्यर्थियों को बाँट देते हैं जो पेपर लीक होते ही उन खाली पन्नों में स��ी उत्तर भर लेते हैं!
सरकार बताए, अगर ��ह सच है तो ऐसा क्यों और किसके इशारे पर हो रहा है? इसका दोषी कौन? क्या सरकार एक परीक्षा पारदर्शी तरीक़े से नहीं करा सकती? हर परीक्षा का पेपर लीक क्यों होता है?
केंद्रीय चयन पर्षद द्वारा आयोजित बिहार पुलिस सिपाही भर्ती का दोनों पेपर कथित रूप से आउट कर वायरल किया जा चुका है। सरकार बताए ��्या यह सही है? सरकार का यह नालंदा मॉडल कब तक चलेगा? कब तक बिहार की प्रतिभाओं के साथ खिलवाड़ होता रहेगा?
जब-जब इंसान को गुस्सा आता है तब-तब उसकी कमजोरी का एहसास दिलाता है
जो समस्या का हल ढूंढते है वो क्रोध नही करते जो क्रोध करते है वो समस्या का हल नहीं ढूंढते।
जदयू और भाजपा के राज में रोज़गार मांगने पर लाठियां, आसू गैस, और वाटर केनन चलाये जाते हैं।
शिक्षा और रोज़गार मांगना गुनाह है क्या? वोट क्या नून रोटी खिलाने के लिए मांगे थे?
@RJDforIndia@yadavtejashwi
बेरोजगारी और विकल्पहीनता का दंश सह रहे बिहार के युवाओं में गुस्सा और असंतोष उफ़ान पर है। ���ीतीश कुमार जी ने 15 साल के अपने शासन में नौकरी और रोजगार सृजन का एक भी उल्लेखनीय कदम नहीं उठाया।
आज युवाओं द्वारा #1_मार्च_विधानसभा_घेराव के दौरान फिर से हिटलरशाही का भद्दा रूप दिखा।