सेवा दायित्व में काशी नगर में प्रवास का सौभाग्य पूरा हुआ। मई 2022 से प्रारंभ तीर्थवास आज पूर्ण हुआ। अब काशी आना तो होगा, परन्तु इस सेवाकाल से पूर्व वाले रूप में, अर्थात तीर्थयात्री के रूप में। बाहरी नगर काशी से भिन्न अविमुक्त नगरी काशी पहले भी भीतर थी, इस सेवा अवधि में आध्यात्मिक भाव और उद्दीप्त हुए, भीतर की काशी और प्रकाशमान हुई। इस पूरी यात्रा में सहभागी हुए सभी सज्जनों को अशेष धन्यवाद, यथोचित अभिवादन। महादेव के प्रति प्रत्येक दशा में अडिग आस्था बनी रहे बस यही प्रार्थना। भगवान विश्वनाथ सभी सहकर्मियों, साथियों, शुभेच्छुओं सहित सभी का कल्याण करें 🙏
।।श्री काशीविश्वनाथो विजयतेतराम।।
ब्राह्मणों के प्रति घृणा भरने के नरेटिव की डिकोडिंग करती एक लघु पोस्ट:–
अमेरिकी राजनय के ऐसे ही मूर्खतापूर्ण तर्कों द्वारा सदैव भारत देश एवं सनातन धर्म के हितों के विरुद्ध काम कर रहे शत्रुओं ने ब्राह्मण घृणा के अनेक नरेटिव अलग अलग काल खंडों में गढ़े हैं। आज से 100 साल बाद यह बयान आज की तारीख का एक दस्तावेज होगा और यदि यह भारत और सनातन तब भी अविजित गौरव के साथ खड़े रह सके और इनका एजेंडा चलता रहा तो उस समय के घृणादूत इस बयान को अनेक कपोल कथाओं के प्रमाण के रूप में उद्धृत करेंगे।
उदाहरण के लिए साल 2125 ई० में रोमिला थापर, इरफान हबीब गैंग के वंशवृक्ष वाले इतिहासकारों का तर्क होगा:–
अमेरिकी राष्ट्रपति के सलाहकार के बयान से भी यह प्रतीत होता है कि वर्ष 2025 में सारे रशियन तेल व्यापार का लाभ ब्राह्मण रख लेते थे और दलित अल्पसंख्यक मजदूरों को भूखा रहना पड़ता था।
या फिर:–
वर्ष 2025 ई० में रशियन तेल कुओं को खोदने के लिए ब्राह्मण लोग दलितों और अल्पसंख्यकों को मजबूर करते थे और विरोध करने पर महिलाओं के स्तन काट देते थे।
@brijeshsingnews विकास इतना ज़्यादा हो गया है कि आदमी पैसे कहाँ खर्चा करे ये समझ नहीं पा रहा है। और ऐसी असमंजस वाली स्थिति में गाड़ी ख़रीद ले रहा है। विकास ज़्यादा होने का पैमाना गाड़ी हो गया है। इसको विकास और खुशहाली की दृष्टि से देखा जा सकता है। दूसरा कारण है कि इंसान सड़क पर सुरक्षित भी है।
कतिपय समाचार माध्यमों में इस कथन के साथ कुछ फोटोग्राफ्स का प्रयोग किया गया है कि @ShriVishwanath धाम तक गंगा जी का जलस्तर बढ़ गया है। आज अधिकतम जलस्तर समयावधि के समय भी 20 सीढ़ियां भैरो द्वार से शेष हैं।
(चित्र – संलग्न)
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प्रेस विज्ञप्ति: 28 जुलाई 2025
विषय : श्री काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग एवं श्री रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग के मध्य पवित्र तीर्थ जल के पारस्परिक आदान-प्रदान के संबंध में।
सभी सनातन आस्था के अनुयायी जन को अत्यंत हर्षपूर्वक सूचित किया जाता है कि श्री काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग, वाराणसी तथा श्री रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग, तमिलनाडु के मध्य एक पावन नवाचार के रूप में पवित्र तीर्थ जल के पारस्परिक आदान-प्रदान की परंपरा का शुभारंभ किया जा रहा है। ध्यातव्य है कि शास्त्रोक्त परंपरा में संगम त्रिवेणी जल से रामेश्वरम तीर्थ ज्योतिर्लिंग में रामनाथस्वामी के अभिषेक तथा रामेश्वरम कोडी तीर्थम से प्राप्त जल द्वारा श्री काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग के अभिषेक की अति विशिष्ट महत्ता है। इसी प्रकार रामेश्वरम सागर तट की रेत को प्रयाग संगम की रेत में मिलाने का भी विशेष महत्त्व शास्त्रों में वर्णित है। इसी शास्त्रोक्त आचार को संस्थागत करने की दिशा में आज सनातन धर्म के एक ऐतिहासिक गौरवमय क्षण को श्री काशी विश्वनाथ धाम में चरितार्थ करने का पुनीत कार्य संपन्न किया गया।
यह पवित्र संगम जल दिनांक 28 जुलाई 2025 (श्रावण मास के पावन सोमवार) को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में भगवान श्री विश्वेश्वर से अवलोकित कराया गया। तत्पश्चात विशेष समारोह में उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री एवं गोरक्ष पीठाधीश्वर मा० योगी आदित्यनाथ जी के कर कमलों से यह पावन संगम जल एवं रेत, श्री रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग के देवकोट्टई जमींदार परिवार न्यास के प्रतिनिधि श्री सी०आर०एम० अरुणाचलम एवं श्री कोविलूर स्वामी को हस्तांतरित की गयी। इस अवसर पर कार्यक्रम में वाराणसी के सम्मानित मा० जनप्रतिनिधि गण, मा० मंत्रीगण, महापौर महोदय के साथ ही साथ प्रमुख सचिव धर्मार्थ कार्य एवं पर्यटन एवं संस्कृति श्री मुकेश कुमार मेश्राम, मंडलायुक्त महोदय वाराणसी, जिलाधिकारी एवं पुलिस आयुक्त महोदय वाराणसी एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्री काशी विश्वनाथ मंदिर वाराणसी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य श्रद्धालुजन एवं विभिन्न अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया। श्रावण के तृतीय सोमवार की पवित्र तिथि को संपन्न इस विशिष्ट आयोजन के ऐतिहासिक क्षणों के साक्षी भगवान् विश्वनाथ के प्रांगण एवं सुप्रसिद्ध त्रिशिखर की पृष्ठभूमि की दिव्यता ने यह नवाचार सदैव के लिए उत्तर दक्षिण की सांस्कृतिक समागम की परंपरा में अपना स्थान अंकित कर दिया है।
श्री रामनाथ स्वामी मंदिर रामेश्वरम के वंशानुगत ट्रस्ट AL. AR. KATTALAI ट्रस्ट के ट्रस्टी श्री सी. आर. अरुणाचलम द्वारा दिनांक 19 जून 2025 को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी को सम्बोधित पत्र प्रेषित किया गया। इस पत्र में यह अवगत कराया गया कि विगत कई शताब्दियों से त्रिवेणी संगम प्रयागराज के पवित्र जल से रामेश्वरम के प्रधान महादेव भगवान रामनाथस्वामी का शयन आरती में अभिषेक किया जाता रहा है। इस परंपरा की निरंतरता हेतु AL. AR. KATTALAI ट्रस्ट द्वारा यह प्रस्ताव दिया गया कि श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास इस परंपरा में प्रतिभागी बन त्रिवेणी संगम का जल उन्हें उपलब्ध कराये। उनके द्वारा यह भी प्रस्ताव किया गया कि प्रतिमाह रामेश्वरम कोडी तीर्थम का पवित्र जल भगवान् श्री काशी विश्वनाथ के अभिषेक हेतु AL. AR. KATTALAI ट्रस्ट द्वारा उपलब्ध कराया जायेगा। प्रतिउत्तर में श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास कार्यपालक समिति से अनुमोदन प्राप्त कर दिनांक 03 जुलाई 2025 को मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्री काशी विश्वनाथ मंदिर द्वारा प्रस्ताव पर सहर्ष सहमति AL. AR. KATTALAI ट्रस्ट को प्रेषित की गयी।
इस पावन उद्देश्य की पूर्ति हेतु दिनांक 27 जुलाई 2025 को प्रयागराज स्थित त्रिवेणी संगम से विधिवत पूजन उपरांत पवित्र जल एवं रेत का संग्रह, स्थानीय प्रशासन व अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति में समारोहपूर्वक संपन्न किया गया था।
श्री काशी विश्वनाथ धाम से प्रेषित जल का प्रयोग रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग के प्रधान महादेव श्री रामनाथस्वामी भगवान का श्रावण मास में अभिषेक-पूजन हेतु किया जाएगा। इसी प्रकार, रामेश्वरम से भेजे गए पवित्र जल से श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि पर श्री विश्वेश्वर का जलाभिषेक विधिपूर्वक संपन्न किया जाएगा I
यह विशेष सनातन नवाचार उत्तर भारत एवं दक्षिण भारत के तीन महत्वपूर्ण तीर्थ स्थलों—काशी, प्रयागराज एवं रामेश्वरम के मध्य आध्यात्मिक एकता, सांस्कृतिक समन्वय एवं राष्ट्रधर्म की भावना को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक अभिनव प्रयास है।
॥ श्री काशीविश्वनाथो विजयतेतराम ॥
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लौंडिया लंदन से लाएंगे... अंगना में बाबा दुवारे पे मां कैसे आए गोरी तोहरे घर मा.. चोलिया के हुक खोल दे राजा जी.. लखनऊ में @IPL को भोजपुरी नाइट बनाया है. मान लिया है कि लखनऊ और यूपी के लोग अश्लीलता और डबल मीन गीतों का ही आनंद लेते हैं. महिला विरोधी गीत बज रहे हैं. @LucknowIPL
गुरुग्राम और लखनऊ दोनों मेदांता का यही हाल है, मरीज इनके लिए पैकेज है, एडमिट होते ही मरीज को पैकेज बना देते हैं,डॉक्टर्स को डॉक्टर नरेश त्रेहन टार्गेट देते हैं,अधिक से अधिक लूटो,चूँकि त्रेहन का सिस्टम पर कब्जा है, इसलिए उनको किसी बात का न डर है, और न ही कोई संवेदना,
ये दो वॉर्ड भी बनवाते हैं तो CMs को बुला लेते हैं,दंभ इनके दिमाग़ में भर चुका है ,किसी के जान की कोई कीमत नहीं है, सिर्फ़ देश के चुनिंदा लोगों का इलाज मेदांता में सही होता है,बाक़ी सभी पैकेज हैं,
भारत में आम आदमी की कोई नहीं सुनता,इन निष्ठुर लोगों के लिए ईश्वरी न्याय ही एकमात्र विकल्प है !!
03 फरवरी 2025, बसंत पंचमी पर्व दिवस पर श्री काशी विश्वनाथ धाम में अविमुक्तेश्वर भगवान विग्रह पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के संकल्प अनुसार न्यास द्वारा सोमवार महा रुद्राभिषेक संपन्न।