@talk2anuradha गरीबी किसी जाति या वर्ग को देखकर नहीं आती।मेहनतकश,प्रतिभाशाली,जरूरतमंद व्यक्ति हर समाज में हैं। ऐसे में यदि कोई छात्र या परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है,तो उसे अवसर मिलना चाहिए चाहे वह किसी भी जाति या वर्ग से हो।समय के साथ परिस्थितियाँ बदली हैं,इसलिए नीतियों में भी बदलाव जरूरी है।
दान चोरी हुई, लेकिन कुर्सी नहीं छूटी।
अगर ट्रस्ट चलाने की स्थिति नहीं है, तो अध्यक्ष बने रहने का नैतिक आधार भी नहीं है।
सवाल चोरों का ही नहीं, उन्हें नियुक्त करने वालों का भी है।
जवाबदेही चाहिए, बलि का बकरा नहीं। पूरे ट्रस्ट की जाँच और पुनर्गठन होना चाहिए।
प्रधानमंत्री के पास ऐसी बकलोली के लिए समय है, परंतु UGC, NEET और राम मंदिर जैसे राष्ट्रव्यापी विषयों हेतु एक वाक्य नहीं निकल रहा मुँह से।
मुझे इस से समस्या नहीं है कि अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष की सरलता पर PM लिखें, पर जब अन्य विषयों पर इनका मौन देखता हूँ तो विचित्र लगता है।
मनोज झा जी, राजनीति में परिवाद को आप कैसे देखते हैं?
... देखिए, मैं साउथ एशिया को अलग देखता हूं.. ..!
पूरी बातचीत यहाँ देख सकते हैं https://t.co/z2WA8ywfBL
"प्रतिभा हर जगह मौजूद है। मेरिट सिर्फ एक बहाना है जिसका इस्तेमाल विशेषाधिकार प्राप्त लोग हाशिए पर पड़े लोगों को अवसरों से वंचित करने के लिए करते हैं"
-पवन वर्मा
देखिये पवन जी,
पहले, अगर प्रतिभा होती तो आरक्षण मांगते नहीं!
दूसरे, मेरिट से नफरत वही करते हैं, जिनके पास होती नहीं!
चम्पत राय के इस्तीफ़े के साथ ही SIT ने 9 पेज की रिपोर्ट जारी की जिसमें चम्पत राय को क्लीन चिट दे दी गई है…
सबकुछ स्क्रिप्ट के मुताबिक ही हो रहा है।
अनिल मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रामाशंकर मिश्रा असली दोषी बताए गए हैं!!
चंपत राय के नेतृत्व में राम मंदिर में चोरी हुई,
चम्पत राय और अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दिया, और अब इस्तीफा मंजूर कर लिया गया।
लेकिन कार्यवाही क्या हुई - जीरो
क्या कोई गरीब ऐसा करता तो क्या होता?
बुलडोजर चलता?
इनकाउंटर होता?
तड़ीपार किया जाता?
लेकिन ऐसा क्यों नहीं हुआ?
> Work 10-12 hours daily
> Pay 30% tax on salary
> Pay 30–50% tax to buy car
> Pay tax on car insurance
> Pay road tax
> Pay tax on ethanol-blended fuel
After paying all this, cars worth lakhs are floating in sewage, gutter water.
Now will pay ₹15–20k in repairs. Shameful !
"अमीर बच्चे पैदा करेंगे तो अमीरी बढ़ेगी, गरीब बच्चे पैदा करेंगे तो गरीबी बढ़ेगी।" — माधुरी ग्रोवर
तो क्या गरीबी का असली कारण सिर्फ़ गरीबों के बच्चे हैं?
आप क्या सोचते हैं?
ये सज्जन सिंह बिहार में कहाँ से हैं?
इन्होंने इस बार अजीत भारती से ज्यादा अच्छे और तार्किक तरीके से बात को रखा है... और इसी तरह के discourse के सफल होने का ज्यादा chance है।
Atleast OBc is not a natural category... यह केवल एक लठैती मात्र है
क्या इस बात का डर है कि कल को चंपत राय सामने आकर कोषाध्यक्ष की भूमिका पर प्रकाश डाल सकते हैं?
क्या इसीलिए कोषाध्यक्ष लगातार उन्हें क्लीन चिट दिए जा रहे हैं?
कुछ तो है जिसकी पर्देदारी है!!!