IIT Student cheats: SC/ST act on invigilator
Trainee pilot failed: SC/SC act on trainers
Bank loan issue: SC/SC act on Bank manager
This is going to kill our nation.
यशवंत वर्मा जी पर FIR करने की माँग को सुप्रीम कोर्ट ने यह कह कर मना कर दिया कि वो अब वाइल्ड विच हंट नहीं करना चाहते! साथ ही उन्होंने वकील से कहा कि आपको कोई और काम नहीं है?
सही बात है, अब वकील लोग ऐसे ही जज के भ्रष्टाचार पर कोर्ट में आने लगें तो सिस्टम कैसे चलेगा? अब क्या परिवार के सदस्यों पर लोग आपस में FIR करवाएँगे?
सुप्रीम कोर्ट का काम, वैसे भी ये सब है नहीं। मान लीजिए कि कल को पता चले कि किसी बहुत बड़े जज साहब के घर से वो जले नोट उड़ कर वर्मा जी के घर में आ कर जल गए, तो कितना बुरा लगेगा?
अब सुप्रीम कोर्ट का कितना समय व्यर्थ जाएगा यह पता करने में कि किसने बोरियों में नोट भर कर, हीलियम गैस से भरे बलून डाले, फिर GPS कॉर्डिनेट्स डाल कर स्मार्ट बोरी बना कर लैंड करवा दी।
लोगों का क्या है वो कुछ भी कहानी बना लेते हैं। किसी ने कहा कि गुड़गांव में किसी को घर खरीदना था, वाइट में पैसा दे दिया था, ब्लैक वाला बचा था वही जा गया। अब आप बताइए कि वो किस व्यक्ति का पैसा था, जले नोटों से कैसे पता चलेगा?
लोगों को ये सब मनोहर कहानियाँ नहीं बनानी चाहिए। एक कंटेम्प्ट का केस लगेगा, शांत हो जाएँगे। यशवंत जी एक भले मनुष्य थे, उनको किसी ने फँसा दिया है, यही असली बात है। बाक़ी सब मिथ्या है।
Varun Vihar, under “Mukhyamantri Shahri Yojna,” is a residential township being built in Lucknow.
And govt is giving Reservations in even housing:
SC- 21%
ST- 2%
OBC- 27%
MP/MLAs- 5%
There is nothing left for General Category in this country at this point!
मैने पहले भी कहा है कि बीजेपी की पहले के नेता अटल बिहारी वाजपेयी, मुरली मनोहर जोशी, सुषमा स्वराज, वेंकैया नायडू, हिंदुत्व की बात करते थे।
आज के नेता नरेंद्र मोदी,रामदास अठावले, चिराग पासवान साध्वी प्राची, उमा भारती जैसे लोग हिसाब चुकता के मंशा से सत्ता में आए हैं।
इन्हें हिंदुत्व के नाम पर वोट अब नहीं मिलना चाहिए़ है।
इटावा में पत्रकार असीत यादव ने एक नेताजी से सवाल पूछे जो सांसद हैं, सवाल पसंद नहीं आए तो पत्रकार पर SC/ST Act में मुकदमा दर्ज हो गया।
“भारत में यही हो रहा है।”
अश्विनी उपाध्याय, अधिवक्ता, सुप्रीम कोर्ट
आज एक समाचार देखा कि इंडिगो के पायलट पर ट्रेनी पायलट ने 'मोदी एक्ट' लगवा दिया क्योंकि उसे 'नॉट फिट टू फ्लाई' कहा गया था। ये तो चलिए बाहर आ रहा है हर दिन, पर एक ज्वालामुखी जो मोदी और भाजपा ने सरकारी कार्यालयों में बो रखा है, उसकी स्थिति और विकट है।
मोदी जी के प्रियजन ना काम करते हैं, हल्ला खूब मचाते हैं, समय से आने-जाने पर भी बहुत अधिक रोक आदि नहीं है, प्रमोशन भी समय से पहले इनका ही हों है, तो उनको बस एक काम ही बचता है: मोदी एक्ट लगा कर अपने विरोधियों (जिसे वो ऐसा मानते हैं) को नौकरी से निकलवाना या सस्पेंड करवा कर प्रताड़ित करना।
जब इंडिगो जैसी घटनाएँ होती हैं, तो स्पष्ट संदेश यह जाता है कि मोदी एक्ट लाभार्थियों को नौकरी पर रखने से पहले १० बार सोचो कि कार्यालय में ये क्या-क्या करेंगे। पौने तीन लाख केस पेंडिंग हैं इस एक्ट में। हज़ारों करोड़ कंपनसेशन दिया जा चुका है।
मोदी अपनी बंसी बजा रहा है:
मोदीया की बंशी पुकारे दलित नाम,
पीड़ित का भी काम करूँ, शोषित का भी काम!
मोदीया की बंशी को बजने से काम
वंचित का भी नाम मैं लूँ, दलित का भी नाम!
आदरणीय @myogiadityanath जी, क्या सामान्य वर्ग में निर्धन परिवार नहीं हैं? उनके लिए कोई कोचिंग, हॉस्टल, स्कॉलरशिप आदि क्यों नहीं है? मुसलमान तक के लिए आपका कोष खुला हुआ है, ब्राह्मणों के लिए नहीं?
ब्राह्मण-ठाकुरों के घर मिट्टी के हैं, सर पर छत नहीं, भिक्षा माँग कर खाने को विवश हैं, हर दिन ऐसे रिपोर्ट दिखता सुनता हूँ। आपको वो बच्चे नहीं दिखते?
मोदी सरकार में देश के संसाधनों की कैसे चौतरफा लूट मची हुई है,उसकी एक झलक देखिए
सरकारी कम्पनी NTPC Limited ने एक टेंडर निकाला है और इस टेंडर में 100% आरक्षण SC ST के लिए है
मतलब अगर कोई काम सवर्ण व्यक्ति या संस्था 5 करोड़ में करने के लिए तैयार है और उसी काम को अगर कोई SC ST वर्ग का व्यक्ति या संस्था 10 करोड़ में करे तो सरकारी कम्पनी 5 की जगह 10 करोड़ वाले से वह काम सिर्फ इसलिए कराएगी क्योंकि वह SC ST कम्युनिटी से आता है
जो व्यक्ति या संस्था इस काम को 5 करोड़ में कर सकती थी, वह इस टेंडर में अप्लाई ही नहीं कर सकती है
कोई कानूनी जानकर बताए कि सरकारी संसाधनों के खुल्लमखुल्ला दुरुपयोग की यह अनुमति संविधान के किस आर्टिकल में लिखी हुई है?