इस देश में बेरोजगारी की हालत देखनी हो तो कल का KBC एपिसोड जरूर देखिए। यह आपको सोचने पर मजबूर कर देगा।
हॉट सीट पर पहुंचा विवेक दिहाड़ी मजदूरी करता है। उसके पिता और मां भी मजदूरी करते हैं। विवेक के ₹1 लाख जीतने पर अमिताभ बच्चन ने उसके पिता से पूछा—“अब तो खुश हैं?”
पिता ने हाथ जोड़कर कहा—“अगर यहां बैठे किसी व्यक्ति के पास मेरे बेटे के लिए छोटी-सी भी नौकरी हो, तो दे दीजिए। जिंदगी भर दुआ करेंगे।”
यह अपील सुनकर अमिताभ बच्चन ने भी दर्शकों से विवेक को नौकरी देने की अपील की।
पूरे संवाद के दौरान विवेक सिर झुकाए बैठा रहा।
सोचिए, जो युवा अपने ज्ञान के दम पर KBC की हॉट सीट तक पहुंच सकता है, उसे इस देश में एक छोटी-सी नौकरी के लिए भी अपील करनी पड़ रही है। यही तस्वीर हमारी बेरोजगारी की हकीकत दिखाती है।
. @JPNadda जी, यह सिर्फ़ मिलावट या कालाबाज़ारी का नहीं, बल्कि इंसान की ज़िंदगी से खिलवाड़ है।
एक Cancer patient और उसका परिवार लाखों रुपये जुटाकर जिस Injection को जिंदगी की उम्मीद समझकर खरीदता है, अगर उसमें दवा की जगह सिर्फ़ पानी निकलने का आरोप सामने आए, तो सोचिए कितने परिवारों ने अपनी जिंदगी की जमा-पूंजी, उम्मीद और शायद अपनों को खो दिया होगा।
उन Cancer patients और उनके परिवारों को न्याय कैसे मिलेगा जो इस कथित धोखाधड़ी के शिकार हुए?
आज हर छात्र कह रहा है, पुलिसवाले कह रहे हैं, पूरा देश कह रहा है - मोदी सरकार को जाना पड़ेगा।
विपक्ष के नेता के रूप में मेरी ज़िम्मेदारी हर भारतीय की आवाज़ बनना है - और उसके लिए हर कीमत छोटी है।
SSC-GD की परीक्षा व्यवस्था में इतने बड़े स्तर पर गड़बड़ी होना यह दर्शाता है कि सरकार को छात्रों की नाम मात्र की परवाह नहीं है, सड़ चुके सिस्टम के लिए कोई जिम्मेदारी तय नहीं है, न ही इसे सुधारने की सरकार की मंशा है। छात्रों का यह आक्रोश इस सरकार को उखाड़ फेंकेगा।
प्रयागराज में एक एग्जाम सेंटर पर ख़राब हुए सिस्टम को ठीक करते SSC GD के अभ्यर्थी
इस सरकार में सारी परीक्षा एजेंसियां भ्रष्ट हो चुकी है क्योंकि ये सरकार ही भ्रष्ट है ।
कोई ऐसा एग्जाम नहीं हो रहा है जिसका पेपर रद्द न हो रहा हो,
SSC GD के पेपर रद्द होने पर छात्रों ने उत्पात मचा दिया।
बाकी बच्चे परेशान न हों, दोबारा एग्जाम करा दिया जाएगा,
लेकिन शिक्षा मंत्री का इस्तीफा नहीं होगा।
मरे हुए विपक्ष में से .@VinodJakharIN आपको अक्सर सड़क पर दिखेंगे।
कभी शिक्षा पर कब्जा करते RSS के ख़िलाफ़ तो कभी NEET से दुखी छात्रों के पक्ष में।
ऐसा क्यों? विनोद तो सेट है ना?
हाँ। सेट तो है लेकिन बिल्कुल गरीब परिवार से आने वाला विनोद ग़रीब और परेशान लोगों की चिंता बहुत अच्छे से समझता है। AC में पैदा हुआ होता तो AC में बैठकर राजनीति करता।
जब लाखों युवा सड़क पर हों, 22 लाख बच्चों का भविष्य दांव पर हो और PM चुप हो - तो सरकार जवाब देने नहीं, बचने में लगी है।
जब तक धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं होता और NEET जैसे पेपर लीक रोकने के लिए foolproof सिस्टम नहीं बनता - हम रुकेंगे नहीं।
थलपती विजय ने जो कहा सो किया, देखिए 👇
CM विजय ने आदेश दिया है कि मंत्री, मुख्यमंत्री या VVIP के लिए ट्रैफिक जाम नहीं किया जाएगा।
आज CM विजय का काफिला सड़क के साइड से निकल रहा है, कहीं कोई ट्रैफिक नहीं रुका, आम पब्लिक भी साथ में निकल रही है।
@TVKVijayHQ
मुख्यमंत्री Vijay का बड़ा फैसला यदि कोई सरकारी कर्मचारी 1000 रूपये भी रिश्वत मांगा तो होगी बड़ी कार्यवाही।
शिकायत करने वाले को मुख्यमंत्री के तरफ से एक लाख रुपए का इनाम दिया जायेगा।
विजय ने तमिलनाडु के जनता से वादा किया है अगले तीन महीने में भ्रष्टाचार खत्म।
@TVKVijayHQ
🚨 इतिहास में पहली बार 😳
जो CMO मीटिंग्स हमेशा बंद कमरों में होती थीं…
उसे इस शख्स ने LIVE दिखा दिया 🔥
CM Vijay को इससे कोई दिक्कत नहीं हुई,
क्योंकि जो नेता पारदर्शिता में विश्वास रखता है, उसे जनता से कुछ छुपाना नहीं पड़ता ⚡
Transparency > Secret Politics 👀
ये फर्ज़ी डिग्रियां दी किसने?
सवाल ये है कि सिस्टम में बैठे लोग उसे पकड़ क्यों नहीं पाए?
जांच कौन करेगा?
अगर सालों तक लोग नकली डिग्रियों के सहारे नौकरी, पद और सिस्टम में घुसते रहे,
तो आगे आने वाला भारत क्या होगा ?
हर जगह नक़लीness - नकली अंडा पनीर दूध घी पानी हवा डिग्री डॉक्टर नेता मंत्री etc
अब Supreme Court सिर्फ “अफसोस” जताएगा तो कार्रवाई कौन करेगा ?
ये सुबोध कुमार सिंह
2024 में जब NEET का पेपर लीक हुआ था, तब ये NTA के DG थे.
जब छात्रों का गुस्सा बढ़ने लगा तो मोदी सरकार ने इन्हें अपने पद से हटा दिया. इसके बाद मामला ठंडा हुआ.
अब सुबोध जी छत्तीसगढ़ में BJP सरकार के मुख्यमंत्री के Principal Secretary हैं.
वैसे, NTA से हटाने के 4 महीने बाद ही मोदी सरकार ने इन्हें Steel Ministry में Additional Secretary के तौर पर पोस्टिंग दे दी थी.
लोकतंत्र का उतना लोड भी मत लो यारो,
जिनको लगता है कि नेता लोग जनता के हितों की रक्षा करेंगे वो सब ना समझ हैं।
1- मुलायम जी ने अपना बेटा सेटल किया
2- अमित शाह जी ने अपना बेटा सेटल किया
3- राजनाथ जी ने अपना बेटा सेटल किया
4- ममता बनर्जी ने अपना भतीजा सेटल किया
5- मायावती जी ने अपना भतीजा सेटल किया
6- ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपना बेटा सेटल किया
7- नितिन गडकरी जी ने अपना बेटा सेटल किया
बाकी लोगों के बच्चे विदेशों में पढ़ रहे हैं।
90 % विधायकों सांसदों के बच्चे विदेशों में पढ़ रहे हैं, या फिर सेटल हैं।
इसलिए भारत की रोड, बिजली व्यवस्था, स्वास्थ्य व्यवस्था नागरिक अधिकार कभी सही होंगे, ऐसा सोचना बेईमानी है।