@ParamveerS36404 जंतर मंतर से 2 किलोमीटर दूर से ही वापस लौट आया उसने सोचा लोग हमें कंधों पर उठाएंगे लेकिन वहां उसको किसी ने पहचान तक नहीं उल्टा लोग उसके पीछे खड़े लाल आइसक्रीम खा रहे थे देखा तक नहीं तो वापस आ गया बेज्जती करवा कर
@RLPKINGBMR@Annu_Rathore_ वह भी दिल्ली गया था लेकिन उसको किसी ने जाना तक नहीं तो आधे रास्ते से लौट आया लोगों को कोई मतलब नहीं था लाल आइसक्रीम खा रहे थे उसके पीछे खड़े लोग।
@Annu_Rathore_ हम नहीं कहते कि यह सिर्फ हनुमान बेनीवाल की वजह से हुआ है,,
लेकिन यह स्पीच और स्पीच के पीछे गूंजती उस हुजूम की वह आवाज हनुमान बेनीवाल जिंदाबाद इस बात का प्रमाण है कि हम खड़े थे,, वहां।।।
वरना कई सांसद विधायक गए जानते तक नहीं थे,लोग, एक निर्दलीय के पीछे लाल आइसक्रीम खा रहे थे लोग
सांसदों में सबसे पहले धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा की मांग 4 महीने पहले हनुमान बेनीवाल जी ने रखी थी
हनुमान बेनीवाल जी ने 4 महीने पहले 25 मई को ये बयान दिया था कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं होता है तब तक ये गंदगी साफ नहीं होगी.....
@raghu_bish9e आधे रास्ते से लौट आया, वहां गया कि लोग मुझे कंधों पर उठाएंगे और मेरी जय जय कार होगी लेकिन किसी ने पहचाना ही नहीं तो जंतर मंतर से 2km पीछे से ही लौट आया,एक वीडियो बना कर
एक तरफ देश के प्रधानमंत्री श्री @narendramodi कहते हैं कि "देश के युवाओं का हित हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है", वहीं दूसरी तरफ राजस्थान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद @madanrrathore दिल्ली में जंतर-मंतर पर अपने भविष्य और अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे युवाओं को "भाड़े का टट्टू" और "पत्थरबाज" कहकर संबोधित करते हैं। यह बयान केवल आंदोलनरत युवाओं का नहीं, बल्कि देश के करोड़ों बेरोजगार और संघर्षरत युवाओं का अपमान है। अपनी जायज़ मांगों के लिए आवाज़ उठाने वालों को अपमानित करना भाजपा की युवाओं के प्रति वास्तविक सोच को उजागर करता है।
लोगों को मर्यादित आचरण और नैतिकता का पाठ पढ़ाने वाले राजस्थान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष से मैं पूछना चाहता हूं कि क्या यही आपका आचरण और संस्कार है ?
लोकतंत्र में युवाओं की आवाज़ को सम्मान मिलना चाहिए, अपमान नहीं।
मैं मांग करता हूँ कि मदन राठौड़ को अपने अमर्यादित बयान पर देश के युवाओं से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए |
@BhajanlalBjp@PMOIndia
@dineshbohrabmr दो दिन पहले हनुमान बेनीवाल को भर भर कर गलिया देने वाले इस आंदोलन को गाली देने वाले मुगलों से ठुक ठुक कर बने ठाकुर आज मुंह से शहद टपकाएंगे।।