कल भाजपा प्रदेशाध्यक्ष की पत्नी की तबीयत बिगड़ी —
5 मिनट में हेलीकॉप्टर तैयार,
15 मिनट में पाली पहुँचा,
आधे घंटे में जयपुर इलाज शुरू।
और आज जैसलमेर में 30 से ज़्यादा लोग आग से झुलस गए —
50% से ज़्यादा जले हुए शरीर के साथ पाँच घंटे की सड़क यात्रा करके जोधपुर पहुँच रहे हैं।
आख़िर जनता के लिए वही तत्परता क्यों नहीं दिखी?
क्या सरकार की संवेदनशीलता अब चेहरे देखकर तय होती है?
@BhajanlalBjp@GajendraKhimsar
राजस्थान के जैसलमेर के पास यात्रियों से भरी बस में लगी भीषण आग के बाद गंभीर रूप से झुलसे लोगों को अब तक एयरलिफ्ट नहीं किया गया, जबकि इलाके में सेना के हेलिकॉप्टर मौजूद थे।
कल भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ की धर्मपत्नी को पाली से जयपुर हेलिकॉप्टर से लाया गया था, लेकिन आज आम नागरिकों के लिए वही संवेदनशीलता क्यों नहीं दिखाई गई?
क्या मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और सत्ताधारी दल के नेता केवल खास लोगों तक ही संवेदना सीमित रखेंगे?
यह घटना सरकार की प्राथमिकताओं और संवेदनशीलता दोनों पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।
🆘 मानवीय अपील 🆘
राजस्थान का युवक राहुल, जो मेडिकल की पढ़ाई हेतु कज़ाकस्तान में अध्ययनरत है, 8 अक्टूबर से गंभीर रूप से बीमार है और वर्तमान में वेंटिलेटर सपोर्ट पर बताया जा रहा है।
माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी एवं प्रदेश के मुखिया श्री @BhajanlalBjp जी से निवेदन है कि कृपया इस कठिन समय में संवेदनशीलता दिखाते हुए राहुल की सहायता हेतु आवश्यक कदम उठाएँ।
साथ ही विपक्ष के जनप्रतिनिधियों से भी अनुरोध है कि इस मानवीय विषय पर ध्यान दें ताकि शीघ्र सरकारी सहायता पहुँचे।
@DrSJaishankar@ombirlakota@RajCMO@hanumanbeniwal@ManvendraJasol
राजस्थान के विभिन्न जिलों के सरकारी अस्पतालों में ‘मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा योजना’ के अंतर्गत वितरित की गई कफ सिरप पीने से कई बच्चों की दु:खदायी मृत्यु होना और अनेकों बच्चों के गंभीर रूप से बीमार (किडनी फेल) पड़ने की खबर अत्यंत ही चिन्ताजनक है।
जिस कफ सिरप ‘डेक्स्ट्रोमेथोर्फन हाइड्रोब्रोमाइड’ से बच्चों की जान चली गई, वह ब्लैकलिस्टेड थी और कफ सिरप बनाने वाली कंपनी केयसंस फार्मा को भी फर्जी दवाएं बनाने के लिए बैन किया गया था।
हैरानी की बात है कि जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाली ऐसी कम्पनियों को सरकार और उसके अधिकारी बचाने में लगे हैं। संवेदनहीनता की सारी सीमायें लांघ कर प्रदेश भाजपा सरकार बच्चों की मौत के जिम्मेदार लोगों पर कार्यवाही करने की बजाय उन बच्चों की माँ को ही मौत का दोषी बता रही है।
दूसरी और ऐसी ब्लैकलिस्टेड और फर्जी दवा बनाने वाली कम्पनियों के बचाव के लिये प्रदेश के फूड सेफ्टी ड्रग कंट्रोलर डिपोर्टमेंट ने ड्रग एण्ड कॉस्मेटिक एक्ट-1940 की परिभाषा ही बदल दी। हद्द तो इस बात की भी है कि प्रदेश के फूड सेफ्टी ड्रग कंट्रोलर डिपोर्टमेंट ने पिछले 3 साल के आंकड़ों में हेरफेर कर लोकसभा व नीति आयोग में भी गलत तथ्य भिजवा दिए।
अब बड़े सवाल खड़े होते हैं कि:-
➖ जब Kaysons Pharma की दवाएं टेस्ट में फेल और बैन हुई थीं तो इस फर्जी कंपनी को दवा बांटने का काम क्यों दिया गया ?
➖ यह ब्लैकलिस्टेड कफ सिरप राजस्थान के सरकारी अस्पतालों तक कैसे पहुंची ?
➖ प्रदेश भाजपा सरकार जन स्वास्थ्य का ख्याल रखने की बजाय ब्लैक लिस्टेड कम्पनियों के साथ क्यों खड़ी है ?
➖ क्या केन्द्र सरकार ऐसी कम्पनियों पर कार्यवाही कर और प्रदेश भाजपा सरकार से जवाब तलब करने की मंशा रखती है ?
पूछता है राजस्थान!
@PMOIndia@JPNadda
”@HM_Punjab
📌 PCMS MO Exam – 3rd June 2025
📌 DV List Released – 19th June 2025
📌 DV Conducted – 24th June to 4th July 2025
➡️ Today it’s been 46 days since DV ended but still NO FINAL RESULT.
@BhagwantMann@AAPbalbir@HMPunjab
Respected @BhagwantMann ji, the PCMS exam was held on 3rd June & DV on 24th June.The list of deficient documents was released on 29th July,but the joining list has still not been released.Hundreds of us are sitting unemployed & in uncertainty.Kindly expedite the process.#PCMS2025
राजस्थान पुलिस की "त्वरित" कार्रवाई ! वर्ष 2022 के मुकदमे में महज 3 साल में निवर्तमान राजस्थान विश्वविद्यालय अध्यक्ष निर्मल चौधरी को हिरासत में ले लिया! इस कार्रवाई को लेकर पुलिस ने निर्मल को खूब ढूंढा होगा, लेकिन वह न तो इतने समय मे राजस्थान विश्वविद्यालय में मिला, न ही डिफेंडर में सैर करता दिखा, शहीद स्मारक सहित विभिन्न धरना स्थलों पर भी निर्मल पुलिस की आंखों से बचा रहा! SMS अस्पताल की मोर्चरी के बाहर करीब एक सप्ताह के धरने में भी निर्मल पुलिस की पकड़ में नहीं आ सका ! तब भी शायद 2022 के मुकदमे की जांच पूरी नहीं हुई होगी, जब इसी जगह निर्मल व एक पुलिस अधिकारी में बहस हो रही थी।कल शाम को हनुमान बेनीवाल जब बड़े पुलिस अधिकारियों के साथ बात कर रहे थे, तब भी वहाँ सफेद शर्ट में निर्मल जैसा कोई था, शायद पहचान नहीं सके ! अब राजस्थान विश्वविद्यालय में परीक्षा केंद्र पर निर्मल के आने की "गुप्त" सूचना पुलिस को मिली, तो जाबांज पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की ! निर्मल ने गलती की, तो कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन यह पुलिसिया तरीका तो कौन सही ठहरायेगा ?
@NirmlChoudhary@hanumanbeniwal
⛔ Dying declaration 😭
एक पीजी रेज़िडेंट ने आत्महत्या कर ली।
लेकिन ये सिर्फ आत्महत्या नहीं थी – ये उस मानसिक उत्पीड़न का नतीजा थी जो उन्हें अपने ही विभाग के एचओडी से झेलना पड़ा।
वो टूट चुका था… लेकिन हम सब चुप रहे।
उसकी आवाज़ को हमने अनसुना किया।
और आज वो हमारे बीच नहीं है।
जो लोग आज भी उस एचओडी के पक्ष में खड़े हैं –
कृपया एक बार अपने ज़मीर से पूछिए –
क्या आपकी चुप्पी किसी की मौत की साझीदार नहीं है?
क्या किसी की ज़िंदगी से बढ़कर आपकी नौकरी, आपकी चापलूसी, या डर ज़्यादा मायने रखता है?
आज ज़रूरत है खामोश रहने की नहीं,
सच के साथ खड़े होने की।
हमारे साथी की मौत बेकार न जाए –
हमारी चुप्पी अब और किसी ज़िंदगी की क़ीमत ना बन जाए।
अब भी अगर नहीं जागे, तो कब?
ज़मीर को जगाइए। अन्याय के खिलाफ खड़े होइए।
क्योंकि कल को कोई और चला गया – तो अफ़सोस भी नहीं बचेगा कहने को।
एसएमएस में पीएसएम के एक एचओडी ने यूजी पीजी स्टूडेंट्स का जीना मुश्किल कर दिया था, स्टूडेंट्स ने जंग लड़ी और उसे हटाकर माने.. हालांकि सबके लिए ऐसा कर पाना पॉसिबल नहीं हो पाता, लेकिन प्रयास करें कि कोई इतना भी ना सर पर चढ़े!
फार्मा जैसे सब्जेक्ट में अगर एक रेजिडेंट को प्रताड़ित किया जाता है तो इस से दुःखद क्या ही होगा, यहां कौनसी इमरजेंसी हैं या कौनसा काम है? बस ईगो है और क्या!
जोधपुर में पीएसएम में भी एक महाशय हैं जो छात्रों को प्रताड़ित करने में सबसे आगे रहते हैं।
With deep sorrow, we share the heartbreaking news that our beloved colleague, Dr. Rakesh Vishnoi, who was bravely fighting for his life has sadly passed away today at 8:03 PM He fought till his last breath with immense courage and strength. Despite all medical efforts, we lost a dedicated resident, a kind soul, and a true fighter.
Let us remember him not just for this tragic moment, but for the compassionate doctor and wonderful human being he was. His absence has left an irreplaceable void among us.
May his soul find peace, and may we all find strength in this difficult time.
💐 Om Shanti 💐
@8PMnoCM@GajendraKhimsar@Rajsthanikaka@VishnuRajgadia@Xpress_edex@VidhayakINDIA@drshikhameel@zeerajasthan_
Urgent attention required!
The Goa Minister's actions towards a GMC doctor, including suspension without enquiry and public humiliation, are appalling..
Is this acceptable behaviour with a Senior Doctor ?
@DrPramodPSawant and @goacm#MedTwitter#medX
क्या हो रहा है यह ?
😳
*राजस्थान में अब डॉक्टर्स की सैलरी आधी:*
56 हजार की जगह अब मिलेंगे 28 हजार रुपए।
🫢
“रामचंद्र कह गये सिया से ऐसा कलियुग आएगा …”
आ गया लगता है 🤦🏻♂️
This is so unfortunate that why NBE can’t understand that two shift exam is not for anyone’s benefit. Let’s do an open poll and identify who wants two shift exam. Pleading with folded hands please convert it into single shift @JPNadda@MoHFW_INDIA@PMOIndia
The NMC (@NMC_BHARAT) should issue a final notice based on all previous notices regarding FMGs. Over the years, multiple notices have been issued for FMGs, leading to confusion among various state councils and implicating different rules in different states.
The document should encompass details regarding the internship, stipend, FMGL regulations, and eligibility criteria.
These regulations may be referred as THE FINAL NOTICE for FMGs, based on all prior notifications.
If @NMC_BHARAT needs help with this, I can summarize all of this in just 5-6 hours, which will save time and effort for FMGs students and state councils, ultimately leading to a better future for FMGs & health care.
@educationtimes@Aayushi_996@Xpress_edex@MoHFW_INDIA@OfficeofJPNadda
Dear @NbeIndia , conducting NEETPG in two shifts raises serious concerns about fairness and transparency. Normalization of scores can never fully account for varying difficulty levels, leaving aspirants at a disadvantage. A single-shift exam ensures equal opportunity for all.
Two shifts create unnecessary stress for aspirants where one marks can push your rank by 50-100.
Past single-shift exams were conducted efficiently don't change it now.
#SayNoToTwoShifts
@JPNadda@OfficeofJPNadda@MoHFW_INDIA@DrDhruvchauhan@DrMeet_Ghonia@FordaIndia@FAIMA_INDIA_@Indian__doctor@autopsy_surgeon
NEET PG 2025 on June 15th in 2 shifts?
When 1 mark can shift ranks by thousands, how can you guarantee the same level of difficulty and a fair evaluation across shifts?
If fairness is the goal, the solution is simple—one shift, one exam, a level playing field for all. @NMC_IND