मुझे troll करने वाले भाइयों और भाइयों की बहनों,
तुम सबके trolling में sincerity को देखते हुए, तुमलोगों के trolling का जवाब एकसाथ तैयार कर दिया है ताकि सबकी मेहनत बचे!
अब आगे से trolls को यही लिस्ट दिखाई जाएगी! अपना-अपना जवाब खुद ढूँढ लेना👇
1. मुझे follow करने वाले भीमभक्त और समाजवादी:
-यार, तुमलोग bio क्यों नहीं पढ़ते?
फिर हम कह देंगे कि तुम पढ़ाई नहीं करते, तो बुरा लग जाएगा! वैसे भी मेरे पोस्ट समझने के लिए min IQ 90 होना अनिवार्य है! इसलिए तुम लोगों के पल्ले तो वैसे ही कुछ नहीं पड़ेगा!
2. मुझे ब्राह्मण बताकर मज़ाक उड़ाने वाले:
-Again, मूर्खों bio क्यों नहीं पढ़ते?
मैं ब्राह्मण नहीं!
3. मुझे EWS का low cutoff दिखा कर सवाल पूछने वाले/सुदामा कोटा कहने वाले:
A-मैं EWS में नहीं!
B-मैं किसी भी आरक्षण की समर्थक नहीं जिसमें quality के साथ compromise हो!
C-EWS आया 2019 में, Dr बनने में लगते हैं 5 साल! Maths आती है?
4. महिला आरक्षण पर सवाल पूछने वाले:
-Same as Point 3 (B)
5. 5000 साल के शोषण का रोना रोने वाले:
-5000 साल पहले ज़िंदा थे तुम? वैसे अक्ल ज़रूर तुम्हारी आदिमानव वाली है!
6. गटर की फ़ोटो दिखाने वाले:
-गटर साफ करने पर आरक्षण मिलता है? फिऱ तुम्हारे घर में कितने गटर साफ किये हैं? अगर नहीं, तो तुमको क्यों चाहिए आरक्षण?
7. दलित अत्याचार की खबर चिपकाने वाले:
-आरोपी की जाति देखी? 85% दलित अत्याचार के मामले में आरोपी बहुजन ही होते हैं! वैसे NCRB के हिसाब से देश के सिर्फ 1% अपराध SC/ST के ख़िलाफ़ होते हैं!
8. जाति खत्म करो बोलने वाले:
-85% वाले बहुजन बने फ़िरते हो, रोटी बेटी कर के खत्म करो जाति! तुमको किसने रोका है? हर काम दूसरों से ही क्यों करवाना है?
9. तुम्हें तो संविधान ने अधिकार दिलाया, वरना तुम बर्तन मांज रही होती बोलने वाले:
-भाइयों, अपने घर से तुलना मत करो!
हमारे घर की महिलाएं हमेशा से पढ़ रही थीं!1931 का सेंसस रिपोर्ट देख लेना!
वैसे संविधान सभा (1946) में भी 15 महिलाएं थीं!
10. जितनी आबादी उतना हक़ वाले:
-संविधान बनाने वालों ने सिर्फ minority सीट पर, कुछ समय के लिये ही आरक्षण का प्रावधान किया था! तुम कौनसा संविधान मानते हो?
11. मेरिट का मज़ाक उड़ाने वाले:
-यानी की तुम मानते हो कि तुम्हारे पास मेरिट नहीं है?
12. मुझे जातिवादी बोलने वाले:
-उल्टा चोर कोतवाल को डांटे?
जातिवादी नीतियों का विरोध करना जातिवाद नहीं! जाति के नाम पर आरक्षण और सुविधाएं मांगना जातिवाद है!
13. तुम हमसे जलती हो, तुमको बर्दाश्त नहीं कि हम तुम्हारे बगल में बैठ गए-बोलने वाले:
-क्यों भई, ऐसी क्या खूबी है तुममें की हम तुमसे जलें? और जब हम तुमको जानते भी नहीं तो हमको तुम्हारी बैठकी से क्या मतलब? हमको फर्क नहीं पड़ता, तुम ऊपर बैठो, नीचे बैठो, बगल में बैठो--बस अपनी मेहनत से बैठो!
14. रिश्तेदारी की डिमांड रखने वाले:
-शादी ब्याह सबका निजी मामला है, जबर्दस्ती या माँग कर नहीं होती! पहले ख़ुद अपने घर में रिश्तेदारी शुरू करो, फिर ज्ञान बांटो!
और सबसे ज़रूरी बात-जो लोग योग्यता (merit) में मानते ही नहीं, उन अयोग्य लोगों से वैसे भी कौन बेटी ब्याहेगा?
15. देवी-देवताओं, हिंदू धर्म का मज़ाक उड़ाने वाले/धार्मिक ग्रंथों के अंट-शंट अनुवाद दिखाने वाले:
-हमारा धर्म, हमारी मर्ज़ी की हम क्या माने, क्या नहीं! तुमको पसंद नहीं तो दूसरे किसी scientific धर्म में निकल लो! और अगर निकल लिये हो, तो पुराने धर्म में क्यों अटके पड़े हो?
16. दास नाम का मज़ाक उड़ाने वाले:
-हे अपढ़ों,, दास होते हैं कायस्थ! और इस नाम पर हमको गर्व है! पढ़े-लिखे, आत्मसम्मानी लोग हैं, लालच में आकर तुम्हारी तरह पिछड़े नहीं बने हुए! वैसे भी सरकारी सुविधाओं के लिए हाथ फैलाये घूमने वालों के मुँह से, किसी और को नीचा दिखाना शोभा नहीं देता!
17. सारे स्क्रीनशॉट्स लगाने के बावजूद प्रूफ माँगने वाले:
-भाइयों, अपने आलसीपने का नमूना ना दो! थोड़ी मेहनत खुद भी कर लो! Google search करना भी नहीं आता?
18. मेरी डिग्री देखने की इच्छुक:
-मुझसे डिग्री माँगने की इच्छा है तो पहले अपने 10th/12th/graduation की मार्कशीट्स दाखिल करो! तभी कोई डिमांड रखो!
19. गालियाँ देने वाले:
-तुम्हारे संस्कारों का परिचय, तुम्हारी भाषा देती है! ख़ैर, गलती तुम्हारी भी नहीं, शायद तुम्हारे यहाँ यही सिखाया जाता है!
20. मैं इसपे क्यों लिखती हूँ, उसपे क्यों नहीं? बोलने वाले:
-मेरा एकाउंट, मेरी मर्ज़ी!
उम्मीद है तुम सबको अपने जवाब इस लिस्ट में मिल गए होंगे! अब इसके अलावा कुछ और trolling material है तो ही वापिस आना, वरना अपना जवाब समेटकर दफ़ा हो जाना!
धन्यवाद🙏😂
लोग विधायक, सांसद, मंत्री, मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, IAS, IPS, IFS बनने के बाद भी दलित हैं, तो सामान्य वर्ग में आने का दायरा क्या है...?
कृपया संविधान विशेषज्ञ बताएं।
जातिगत आरक्षण के विरुद्ध इस युद्ध में पहला चरण रख दिया गया है परिणाम की आशंका होते हुए भी यह पहल इसलिए की गई क्योंकि परिवर्तन की शुरुआत कहीं न कहीं से होना अनिवार्य था अब आगे परिस्थितियां जैसे भी बदलेंगी हमारी रणनीति उसी अनुसार कठोर होती जाएगी अपनी आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के प्रति सजग समाज के प्रत्येक व्यक्ति से केवल एक ही अत्यंत गंभीर आह्वान है इस लड़ाई में हमारा साथ दीजिए हमें सलाह मत दीजिए
अगर सोनम वांगचुक के लिए आँसू बहाए थे, तो एक बार महिपाल सिंह मकराणा के बारे में भी सोचिए।
वह पिछले 20 दिनों से नंगे पाँव, भूखा-प्यासा लगभग 650 किलोमीटर की पदयात्रा पर है। वह दावा करता है कि यह संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिए है।
#Reservationhatao#Reservationend
Requesting everyone to sign this petition
1000s of students are losing opportunities due to unfair age limits.
Many are reaching out to me for help. Your one signature can mean a lot to them.
#FixIBPSAgeCutoffTo1stJan#AgeRelaxation#EqualOpportunity
https://t.co/F97Ajim5lg
This is how Ambedkarites are beating a Brahmin Pujari in order to encroach the land of a Hindu Temple
After this incident they also booked the Pujari ji under a false case of the SC ST Act. As usual they are also bringing false moIestation charges against the Pujari.
Incident from Saharanpur, UP.
ओ तिवारी प्लेट उठा देना….होटल मालिक ने जब वेटर का काम करने वाले तिवारी जी को बुलाया तो गले में माला, हाथ में कलावा और कड़ा पहने, शिखा धारण किए तिवारी जी शालीनता से आए और अपना काम करने लगे।
चेहरे पर कोई शिकन नहीं, शोषण का कोई रोना नहीं, किसी के प्रति कोई पूर्वाग्रह नहीं, बस “कर्म ही पूजा है” की भाँति अपना काम करने लगे। पूछने पर बताया कि बच्चे को पढ़ाते हैं, इसलिए डबल ड्यूटी काम करके घर चलाना और बच्चे को पढ़ाना पड़ता है। होटल मालिक की भी तारीफ किए कि वो मदद करते हैं।
कोई भी काम, कोई भी करे, वो छोटा नहीं होता। इंसान मेहनत परिश्रम करेगा तभी विकसित होगा। लेकिन दुख और अफसोस इस बात का कि ऐसे गरीब परिवार भी क्या सरकार की नजरों में करोड़पति हैं? इनके बच्चों को पढ़ाई में स्कालरशिप क्यों नहीं मिलती?
सवाल उनसे भी जो एक समाज पर अभद्र टिप्पणी कर ऐसे कामगारों का अपमान करते हैं।
> मिलिए उत्तर प्रदेश के सत्यम मिश्रा से
> पड़ोसी ने उनके आंगन का पेड़ काट दिया
> उन्होंने विरोध किया
> पड़ोसी ने SC/ST एक्ट में शिकायत दर्ज करा दी
सोचिए, इस कानून का दुरुपयोग किस स्तर तक पहुंच चुका है।
#StopMisuseOfScStAct
मेरा नाम अनुराधा तिवारी है ।
मैं उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गाँव के ब्राह्मण परिवार से आती हूँ। बचपन से हमेशा यही सुनने को मिला - “तुम ब्राह्मण हो, तुम्हारे पास तो सब कुछ होगा”, जबकि हमारी वास्तविकता संघर्ष और सीमित संसाधनों से भरी थी।
बिना किसी Reservation या govt scholarship के मैंने पढ़ाई की, सरकारी कॉलेज से इंजीनियरिंग की, खुद का startup खड़ा किया और विदेश में काम किया। TEDx speaker रही और कई सम्मान प्राप्त किए।
एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में मैंने हमेशा उन मुद्दों पर आवाज़ उठाई जो आम लोगों को प्रभावित करते हैं - poor infrastructure, food adulteration, freebies, caste-based politics ब्राह्मणों व सवर्णों के खिलाफ बढ़ती नफरत। मैंने कभी किसी समुदाय के खिलाफ नहीं बोला।
लेकिन समस्याओं का समाधान निकालने के बजाय अब मेरे 3-4 साल पुराने tweets खंगाले जा रहे हैं। @NCSC_GoI और Delhi Police द्वारा SC/ST Act के तहत कार्रवाई की कोशिश यह दिखाती है कि हालात कितने गंभीर हो चुके हैं।
क्या आज अपने विचार रखना भी अपराध है?
क्या आज के भारत में सवर्ण होना ही अपराध बन चुका है?
Today it is Anuradha, tomorrow it might be you.
Never think you are immune to the misuse of such one-sided laws.
Speak before it's too late.
Stop
#SCSTActMisuse for personal & political vendetta.
Anuradha Tiwari has consistently raised issues affecting the masses — from reservation and infrastructure to food safety, road safety, clean water, and civic issues. Despite years of abuse and targeting, she has never responded with casteist slurs or abusive language.
Fake screenshots were circulated against her, which she publicly clarified as fake, yet the same are now being weaponized. I have been reporting SC/ST Act cases for the last several years, and the same pattern of misuse and targeting is visible in this case too.
It’s time General Category communities stand in solidarity with @talk2anuradha. One for all and all for one is the only way forward.
कोई वरिष्ठ अधिवक्ता, पूर्व जज, BJP के मंत्री, विधायक या बड़े नेता कृपया मेरा मार्गदर्शन करें:-
इसमें ऐसा क्या है जिसके कारण SC/ST एक्ट में दर्ज हो? सोचिए जब वायरल वीडियोज में ये हालात हैं तो गांव-गरीब-किसान के क्या हाल होंगे?
सामान्य वर्ग के आत्मसम्मान की चिता पर बन रहे भीम राष्ट्र की बहुत-बहुत बधाई।
फीस कम करने की लगातार जिद के बाद इरिटेट होकर "shut up" बोलने वाली प्रिंसिपल ममता मिश्रा पर "SC ST एक्ट" लग गया है..
BJP की तानाशाही आपातकाल
BJP MLA एवं दिल्ली डिप्टी स्पीकर मोहन सिहं बिष्ठ ने अपने प्रतिनिधि सचिन शर्मा का UGC विरोध पर पार्टी या समाज चुनने की कहा। सचिन शर्मा ने उनके लेटर पर ही इस्तीफा लिखकर दें दिया और राष्ट्रीय सवर्ण परिषद् RSP join कर लिया दिल्ली मे जल्द सवर्ण महापंचायत होगी
‼️Attention GC‼️
Madhyapradesh 73% reservation case hearing will begin tomorrow in High Court.
Lawyers from our side are well-prepared.
Let's hope justice prevails.
Meanwhile this is the timeline of reservation increase in MP👇
ब्राह्मणों की जमीन को ग्राम पंचायत की बनाकर दलितों को पट्टा दे दिया गया।
अगर कोई सोचता है कि यह सिर्फ ब्राह्मणों के साथ ही होगा, तो वह गलतफहमी में है। यादव, कुर्मी, जाट, गुर्जर — सबका नंबर आयेगा .. और एक बार भूमि पर बाबा साहब की मूर्ति लग गई, उसके बाद किसी का बाप भी जमीन वापस नहीं दिला सकेगा।