महामना मदन मोहन मालवीय और डॉ अम्बेडकर जी के बीच 1931 को लंदन के गोलमेज सम्मेलन में तीखी नोक झोंक चल रही थी। विषय था सेपरेट इलेक्टोरल। सम्मेलन ब्रिटिश प्रधानमंत्री रैम्जे मैकडोनाल्ड की अध्यक्षता में हो रहा था और मदन मोहन मालवीय जी डॉ अम्बेडकर जी के किसी भी तर्क से सहमत, संतुष्ट नहीं हो रहे थे। जो भी डॉ अम्बेडकर कहते, मालवीय जी हर चीज़ को झुठला रहे थे।
गाँधीजी के बदले इस सम्मेलन में मालवीय जी थे और मालवीय जी वही दोहराते जा रहे थे जो गाँधीजी रट लगाए रखते थे कि अछूत हमारे अभिन्न हिस्सा है। बीच सम्मेलन में अचानक मदन मोहन मालवीय जी खड़े हुए और कहने लगे हमारे धार्मिक मामलों में हम ब्रिटिश हुकूमत या किसी भी अन्य बाहरी लोगों का दखल नहीं चाहते हैं। जहां तक बात है डॉ अम्बेडकर की मांग का तो डॉ अम्बेडकर मेरे छोटे भाई हैं बात खत्म।
डॉ अम्बेडकर जी से उनके समकालीन नेता कोई कभी जीत ही नहीं पाये और अम्बेडकर जी बिना समय गंवाए उठ खड़े हुये और सामने रखी पानी की बोतल से एक गिलास पानी भरा तथा मदन मोहन मालवीय जी तरफ़ बढ़ाते हुए कहा मालवीय जी आप मेरे बड़े भाई हो कृपया मेरे हाथों से यह पानी पी लीजिए। भरी महफ़िल में और ऐसे नाज़ुक और जरूरी मोड़ में मदन मोहन मालवीय जी अपने धर्म के आगे इतनी सी हिम्मत नहीं कर सके कि वह पानी पी लें।
डॉ अम्बेडकर जी ने कहा कि मैँ दुनिया को बताना चाहता हूं कि यह कैसा भाईचारा जो एक भाई का छुआ पानी, दूसरा भाई पीने की हिम्मत नहीं कर सकता है? अपनी आत्मकथा में डॉक्टर अम्बेडकर जी ने लिखा है कि जब वे पढ़ते थे स्कूल में उनके लिए मटका छूना मना था। बड़ौदा रियासत में नौकरी करने गए, वहां पानी छूना मना था। जब डॉ अम्बेडकर प्रोफेसर बनकर पढ़ाने गये तब भी पानी छूना मना था और आज भी मना ही है।
महाड़ आंदोलन से लेकर अबतक कुछ नहीं बदला। मेरे अपने गांव में आज 21 वीं सदी में भी यह परंपरा ज्यूँ की त्यों कायम है। इसके लिए धर्म को दोष कैसे न दूँ क्योंकि आस्था के नाम पर लोग गोमूत्र पी लेते हैं लेकिन वही आस्थावान लोग दलितों के हाथों से गंगाजल पीने की हिम्मत नहीं कर सकते हैं। यह शिक्षा धर्म की देन है अन्यथा मदन मोहन मालवीय जैसे धर्म के जानकार लोग यदि अम्बेडकर जी के हाथों एक घूंट पानी पीने की हिम्मत जुटा पाते तो आज बात कुछ और होती
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77 वर्ष के PM मोदी की बॉडी लैंग्वेज का खुद आकलन कीजिए।
बेहद परेशान और नाखुश नजर आ रहे हैं। अपनी सीट बेल्ट तक खुद नहीं लगा पा रहे हैं।
सामने खड़े नितिन जी बार-बार नमस्ते करते रहे, लेकिन जवाब में एक बार भी नमस्ते नहीं मिला।
चाहे BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे जेपी नड्डा हों या नितिन नबीन—अपमान का यह घूंट शायद पद के साथ पीना पड़ता है।
बेचारे नितिन आखिरी वक्त तक एक बार फिर उनकी तरफ देखने, मुस्कुराने या विदा कहने का इंतजार करते रहे, लेकिन उन्हें कुछ नहीं मिला।
चेहरे के भाव ऐसे थे, मानो किसी खुशी या उत्सव में नहीं, बल्कि किसी अंतिम संस्कार में शामिल होने आए हों।
भारत एक कांटेंट प्रधान देश है।
बताया जा रहा है के इंदौर एक व्यापारी ने जब उज्जैन में सैंडविश की दुकान खोली तो उद्घाटन में रोबोट को बुलाया !
फ़िर तो ग़ज़ब हो गया !
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#DrBRC
भगत सिंह जब लाहौर जेल में बंद थे तब जेल में एक बुजुर्ग सफाईकर्मी आता जिसका नाम बोघा था..!
बोघा दलित समाज से आता था उस दौरान में 1930 में जात पात छुआछूत बहुत ज्यादा हुआ करती थी..!
भगत सिंह बोघा को प्यार से "बेबे" कहकर बुलाते थे, पंजाबी में मां को प्यार से बेबे कहते है..!
जब ब्रिटानी अधिकारी ने भगत सिंह से फांसी के कुछ दिन पहले आखरी इच्छा पूछी तो भगत सिंह ने कहा "में बोगा के घर से बना खाना बोगा के हाथ से बना खाना चाहता हूं"
इस पर बोगा ने कहा आप इस देश राजकुमार हो आपका धर्म भ्रष्ट हो जाएगा इस पर भगत सिंह ने कहा मां से बढ़कर तुमने मेरी सेवा की आपसे मेरा धर्म कैसे भ्रष्ट हो सकता है..!
इस पर बोगा ने कहा भगत सिंह जी आपकी मां ने एक जिंदादिल शेर बेटे को जन्म दिया है, आपकी मां धन्य हैं...!
लेकिन जब बोगा खाना लाता उससे पहले ही ब्रितानियों ने भगत सिंह को तय समय से 12 घंटे पहले 23 मार्च 1931 को फांसी दे दी थी....!
भगत सिंह छुआछूत के घोर विरोधी थे, बोगा के लिए जो प्यार दिखाया वो सदियों तक याद किया जाएगा..!
गोंडा के ताजपुर में शिक्षा व्यवस्था का "डबल इंजन" मॉडल!
1 कमरा, 4 कक्षाएं और 1 से 8 तक के बच्चे... जरा सोचिए, बच्चे पढ़ेंगे या शोर सुनेंगे?
निजी स्कूलों के लिए मानकों का नियम और सरकारी स्कूलों में यह बदहाली?
@BJP4UP सरकार के शिक्षा में सुधार के सारे दावे हवा-हवाई हैं। शिक्षा कोई एहसान नहीं, बच्चों का अधिकार है!
गोंडा में AAP कार्यकर्ताओं ने बीजेपी सरकार को किया Expose
@myogiadityanath@CMOfficeUP@dmgonda2
#SchoolThikKaro
छात्राओं ने अधिकारियों से पूछा, क्या हम जानवर हैं जो बिना तेल मसाला प्याज की सब्जी खाते हैं, क्या तुम खा सकते हो??
स्कूल के क्लास रूम में पानी टपकता है, स्कूल में बाथरूम नहीं है, एक रूम में सभी को नहाना पड़ता है, छात्राओं के इन सवालों पर अधिकारियों की घिग्घी बंध गई थी।
यह वीडियो क्लिप ‘गागर में सागर’ जैसी है. इसी बात से राहुल गाँधी देश को बार बार आगाह करते रहे हैं : 👇
कंपनियों के भीतर भारत का “लापता मिडिल” क्लास कहाँ है?
शेयर बाजार की इस चमक और सेंसेक्स की नई ऊंचाइयों के पीछे एक कड़वा सच छिपा है, जिसे समझना बहुत जरूरी है. देश के रजिस्टर्ड MSMEs का 98% हिस्सा (97.92%) सिर्फ ‘माइक्रो’ यानी सूक्ष्म उद्योगों का है, जबकि मध्यम (Medium) कंपनियां कुल कॉर्पोरेट जगत का मात्र 0.01% हैं, यानि 100वां हिस्सा भी नहीं.
यही कारण है कि अर्थव्यवस्था में एक तरफ कुछ बड़े घराने हैं और दूसरी तरफ लाखों छोटे दुकानदार, और बीच का हिस्सा पूरी तरह गायब यानि ‘मिसिंग मिडिल’ है।
भारत की टॉप 20 कंपनियां आज पूरे देश का 80% मुनाफा कमाती हैं, जबकि 10 साल पहले यह आंकड़ा सिर्फ 40% था.
जीडीपी में मैन्युफैक्चरिंग का हिस्सा बीते दो दशकों से महज 14% पर अटका हुआ है. दूसरी तरफ, देश के कुल बैंक कर्ज का लगभग 45% हिस्सा सिर्फ 5 करोड़ से ऊपर के बड़े कर्जदारों के पास जाता है, और टॉप 10 कॉरपोरेट समूह अकेले कुल बैंक कर्ज का 13% ले जाते हैं.
जब सारा मुनाफा, सारे बैंक कर्ज और सारा बाजार कुछ ही हाथों में सिमट जाएगा, तो देश के छोटे कारखाने बंद होंगे, युवा सालों-साल नौकरी ढूंढते रह जाएंगे और अर्थव्यवस्था का आधार खोखला होता चला जाएगा.
कोई भी देश अपनी सबसे ऊंची इमारतों से नहीं, बल्कि अपने आम आदमी और मजबूत मध्यम वर्ग की समृद्धि से महान बनता है 🎯👍
कांग्रेस सरकार चाहे जैसी भी थी लेकिन तानाशाह नहीं थी।
महंगाई बेरोजगारी पर कंट्रोल था।
हमारे देश की मीडिया कांग्रेस की छवि खराब की है,उसमें मेरा भी योगदान कम नहीं था।
- बाबा रामदेव
H1N1 का संक्रमण बढ़ रहा है, लेकिन बचाव हमारे हाथ में है🦠💉
इन्फ्लुएंजा वैक्सीन गंभीर बीमारी और जटिलताओं के जोखिम को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है 🙏🏾
सतर्क रहें, जानकारी रखें और डॉक्टर से सलाह लेकर फ्लू वैक्सीन पर विचार करें❤️ #H1N1
गोधरा कांड सत्ता के लिए साजिश थी
गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री शंकर सिंह बाघेला का आरोप है कि 2002 का गोधरा कांड सत्ता में वापस आने के लिए भाजपा द्वारा रची गई एक राजनीतिक साजिश थी
एक साक्षात्कार में उन्होंने आरोप लगाया अगर गोधरा में ट्रेन का डिब्बा ना जलाया जाता और दंगे ना होते ना तो भाजपा सत्ता में नहीं आ पाती
भाजपा चुनाव जीतने के लिए इस तरह नफरत और घटनाओं की राजनीति का सहारा लेती है
बच्चों की सर्दी-जुकाम की दवाओं को लेकर जरूरी सावधानी -भारत सरकार ने Chlorpheniramine Maleate + Phenylephrine के संयोजन वाली दवाओं के लिए 4 साल से कम उम्र के बच्चों में इस्तेमाल पर रोक लगाई है 👏🏾
हर खांसी-जुकाम में दवा जरूरी नहीं होती - बच्चों के इलाज में “ज्यादा दवा” नहीं, “सही दवा” जरूरी है 🙏🏾
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"इतना जूता मारूंगा..मादर**... भो#$... तेरी मैया का %दूं... ह₹!मी की औलाद"
डीडी न्यूज पर कभी ऐसी भाषा सुनी है?
DD News UP का लाइव शो चल रहा था.
कांग्रेस प्रवक्ता मछली भोज पर सफाई दे रहे थे.
हनुमान गढ़ी के महंत राजू दास ने टोका
कांग्रेस प्रवक्ता ने उन्हें चुप रहने को कहा.
इसके बाद राजू दास भूल गए कि वो महंत हैं.