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'विशाल' लैंड डील! 'विशाल' सवाल!!
योगी के ताकतवर IAS पर, ये रिपोर्ट बवाल!!
यूपी के सुचना निदेशक विशाल सिंह की भदोही में एक के बाद एक कई लैंड डील।
ज़मीनों की ख़रीद-फरोख़्त के सारे कागज़ात 'टॉप सीक्रेट' पर।
बड़ी बात ये कि इन ज़मीनों की ख़रीद के विक्रय पत्र में उनका व्यवसाय "व्यापार" लिखा गया है,
जबकि विशाल सिंह व्यापारी नहीं हैं बल्कि वे 2015 बैच के IAS अधिकारी हैं।
खास बात यह भी है कि इन ज़मीनों का प्रकार कृषि है और जिस ट्रस्ट के नाम पर ये ज़मीन खरीदी गई है,
वो खेती नहीं करता है, बल्कि विशाल आवासीय स्कूल चलाता है।
स्वामी अतुलानंद सेवा न्यास के मुख्य ट्रस्टी के तौर पर विशाल सिंह ने जून 2023 में खरीदी कई ज़मीनें।
विशाल सिंह द्वारा ट्रस्ट के नाम पर खरीदी गई एक ज़मीन 15 करोड़, 27 लाख, 20 हज़ार की है,
जिसका क्षेत्रफल लगभग 4 हेक्टेअर में है।
विशाल सिंह द्वारा ट्रस्ट के नाम पर खरीदी गई एक और ज़मीन 1 करोड़ 72 लाख 80 हज़ार की है। इसका क्षेत्रफल 0.617 हेक्टेअर है।
उनकी पत्नी दिव्या सिंह के नाम से भी यहां ज़मीनें खरीदी गई हैं।
दिलचस्प बात ये भी है कि जून 2023 में यूपी के भदोही जिले में ये ज़मीनें खरीदी जाती हैं,
और विशाल सिंह फरवरी 2024 में इसी भदोही जिले के डीएम बन जाते हैं।
विशाल सिंह के डीएम रहने के दौरान ही इस ज़मीन पर ये विशाल आवासीय स्कूल बनकर तैयार होता है।
भदोही के खरगापुर स्थित इस विशाल स्कूल का नाम संत अतुलानंद रेजीडेंशियल एकेडमी।
इस विशाल आवासीय स्कूल के Mentor खुद विशाल सिंह हैं, जबकि उनकी पत्नी दिव्या सिंह इसकी डायरेक्टर हैं।
विशाल सिंह के Immovable Property Declaration (2024-25-26) में कहीं भी इस संपत्ति का जिक्र नहीं है।
हमने विशाल सिंह को ईमेल करके पूछा है कि क्या उन्होंने सरकार को अपने इस "व्यापार" की जानकारी दी है?
आखिर आय के इस स्रोत की गंगा कहां से निकली है?
पूरी ख़बर @TOPSecret24x7
क्या आप जानतें है कि –
हमारे देश में हेल्थ इंश्योरेंस भी इंश्योरेंस कंपनियों द्वारा पॉलिसी होल्डर्स के क्लेम रिलीज होने के समय तरह तरह के हथकंडे अपना कर तगड़ा स्कैम किया जा रहा है।
लोगों को लगता है कि हेल्थ इंश्योरेंस मुश्किल समय में सुरक्षा देता है। लेकिन हकीकत यह है कि असली परेशानी अस्पताल से निकलने के बाद शुरू होती है, जब क्लेम फाइल किया जाता है। पॉलिसी बेचते समय जो भरोसा दिया जाता है, वही भरोसा क्लेम के समय धीरे-धीरे टूटने लगता है।
कई मामलों में मरीजों के बिल ₹50,000 से ₹5,00,000 तक होते हैं। पॉलिसी लेते समय या अस्पताल में भर्ती होने से पहले एजेंट कहता है कि सब कवर हो जाएगा और चिंता की कोई बात नहीं है। इसी भरोसे पर लोग इलाज करवाते हैं, लेकिन बाद में पता चलता है कि कहानी कुछ और ही है।
सबसे पहले डॉक्यूमेंट का खेल शुरू होता है। कभी कहा जाता है कि ये बीमारी क्लेम में कवर नहीं होगी, डिस्चार्ज समरी नहीं मिली, कभी बिल, कभी डॉक्टर का नोट। हर बार जब मांगा गया कागज़ दे दिया जाता है, तो कोई नया बहाना सामने आ जाता है। इसका मकसद यह नहीं होता कि जानकारी चाहिए – बल्कि यह होता है कि ग्राहक थक जाए।
जब आखिरकार क्लेम प्रोसेस होता है, तो पूरा पैसा नहीं दिया जाता। उदाहरण के लिए, ₹80,000 के बिल पर ₹50,000 ही रिलीज़ कर दिए जाते हैं। जब पूछा जाता है कि बाकी ₹30,000 क्यों काटे गए, तो जवाब मिलता है कि “उस अमाउंट का प्रूफ नहीं मिला।” कुछ दिन बाद वही कंपनी कहती है कि पहले गलत अमाउंट कोट हो गया था और असली अमाउंट कुछ और है।
फिर “मेडिकल नेसेसिटी” का तर्क शुरू होता है। अटेंडेंट के लिए लिए गए बेड, नर्सिंग चार्ज या कुछ दवाओं पर सवाल उठा दिए जाते हैं – जैसे वे इलाज का हिस्सा ही न हों। स्पष्टीकरण देने के बाद भी हफ्तों तक कोई जवाब नहीं आता, और फिर कहा जाता है कि “वो डॉक्यूमेंट एक्सेप्ट नहीं हुआ, फिर से भेजिए।”
इस पूरी प्रक्रिया में एजेंट, जो पॉलिसी बेचते समय रोज फोन करता था, क्लेम के समय या तो गायब हो जाता है या सिर्फ इतना कहता है, “मैं देख रहा हूँ।” जवाबदेही कहीं नहीं होती।
यह सब एक तय पैटर्न है। कंपनियों को पता होता है कि ज़्यादातर लोग महीनों ईमेल, कॉल और शिकायतों में नहीं पड़ेंगे। वे या तो कम अमाउंट मान लेंगे या पूरी तरह छोड़ देंगे। इसी मानसिक थकान पर यह सिस्टम चलता है।
अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है, तो समझिए कि आप अकेले नहीं हैं और आप गलत नहीं हैं। यह तरीका ही ऐसा बनाया गया है। लेकिन आपके पास विकल्प हैं – IRDAI, इंश्योरेंस ओम्बड्समैन और कंज़्यूमर कोर्ट। जब लोग शिकायत दर्ज करते हैं, तभी यह सिस्टम जवाब देने लगता है।
~ साभार: @NCIBHQ
देश में सबसे घटिया सेवा देने वाली Jio से अब तंग आ चुके हैं। हर महीने हजारों रुपये देने के बाद भी नेटवर्क और इंटरनेट बदतर है।
अब वक्त आ गया है कि हम सब मिलकर @reliancejio कंपनी का बहिष्कार करें, अगर आप Jio के विरोध में है तो रिट्वीट करके समर्थन करें।✊
#jio_एक_धोखा_है #BoycottJio 🚫
@UPPCLLKO@CMOfficeUP@EMofficeUP@aksharmaBharat@mduppcl Uppcl का घूसखोर जे ई रँगे हाथ पकड़ा गया है 30000 रुपया डिमांड था रिपोर्ट लगाने का। एक बाबू भी बाबतपुर कार्यालय में है काम नही करता है बिना पैसे लिये पूरी ऑफिस कर्मचारियों की आय और सम्पत्ति की जाँच हो । मुख्यमंत्री मंत्री जी GST कम होने के फायदे गिनाने में व्यस्त है
Uppcl का घूसखोर जे ई रँगे हाथ पकड़ा गया है 30000 रुपया डिमांड था रिपोर्ट लगाने का। एक बाबू भी बाबतपुर कार्यालय में है काम नही करता है बिना पैसे लिये पूरी ऑफिस कर्मचारियों की आय और सम्पत्ति की जाँच हो । मुख्यमंत्री मंत्री जी GST कम होने के फायदे गिनाने में व्यस्त है
पंचायत चुनाव आने वाले है राज्य चुनाव आयोग इस बार पंचायतो में विस्तृत सर्वेक्षण करे एवं आबादी के अनुपात के आधार पर सीटों का आरक्षण सुनिश्चित करे ताकि न्याय हो।कई वर्षो से सीटों का आरक्षण बदला नही गया है जिसके परिणाम में पंचायतों में हिंसा और भ्रष्टाचार जन्म लेती है@SECUttarPradesh
@UPPCLLKO@CMOfficeUP@EMofficeUP@aksharmaBharat@mduppcl उपखंड अधिकारी के ऑफिस में जाओ तो कहेंगे 2 घंटे इन्तजार करो । मीटर रीडर कहता है पैसे दो नही तो बिल ज्यादा बना देंगे इस महीने का बिल घर बैठे बनाके भेज दिया जबकि मीटर खराब है
जिसकी शिकायत पूर्व में दो बार की जा चुकी है मीटर अभी तक बदला नही गया
@EMofficeup@AmarUjalaNews
@UPPCLLKO@CMOfficeUP@EMofficeUP@aksharmaBharat@mduppcl UPPCL का आधिकारिक ट्विटर हैंडल शिकायत करता को केवल आश्वासन पोस्ट करता है । विद्युत उपकेंद्र पर जाओ तो कर्मचारी ठीक ढंग से बात नही करते कोई कहता है 1912 पर कॉल करो तो कोई कहता है प्रार्थना पत्र लिखो । पूर्व में कई शिकायत कर चुका हूँ कंप्लेन को डस्टबीन मे फेक दिया जा रहा है
@UPPCLLKO मेरा मीटर पिछले 1.5 साल से खराब है कई बार कंप्लेन दर्ज कर चुका हूं कोई सुनवाई नही है । अधिकारी कहता है 1912 पे कॉल करो वहा कॉल कनेक्ट नही होता
बिना मीटर रीडिंग के मनगढ़ंत यूनिट बढाकर बिल भेजा जा रहा है
#UPCM
To remember our constitution “declares India to be a Sovereign Socialist Secular Democratic Republic committed to Justice, Equality and Liberty for the people.”
To hold onto this.
To love it.
To honour it.
To resist for it.
To persevere for it.
To fight for it.
To fight for its dignity.
India that is for everyone. For you. For me. For those who are like us and who are different. For all of us.
Jai Hind