कन्नड़ भाषा में काड शब्द का अर्थ है जंगल। आज इस मठ में खूब चहल-पहल रहती है लेकिन आज से सैकड़ों साल पहले संभवतः सातवीं शदी में जब स्वामी आदि काडसिद्धेश्वर जी ने यहां मठ की स्थापना की होगी तो यहां घना जंगल रहा होगा। इसलिए उनके नाम सिद्धेश्वर के आगे लोगों ने काड शब्द जोड़ दिया।
सिद्धेश्वर स्वामी जी की वसीयत पर साक्षी के तौर पर जिस एकमात्र संत के हस्ताक्षर हैं, उनका नाम है स्वामी अदृश्य काडसिद्धेश्वर। वे सिद्धगिरि मठ अर्थात कनेरी मठ के 49वें मठाधिपति हैं।
इस मठ के सभी मठाधिपतियों के आगे काडसिद्धेश्वर शब्द जरूर लगता है। यह इस मठ के पहले मठाधिपति स्वामी आदि काडसिद्धेश्वर जी का सूचक है। मान्यता है कि वे इस मठ के सभी मठाधिपतियों में विराजमान रहते हैं।
D2. It needs no rite; no ritual! You may just CREMATE it, and the ashes may be taken to a river or a sea for disposal. No kind of structure in my memory, please. I love to be forgotten completely. I leave my grateful and respectful greetings to ALL.