भारत में सत्तर के दशक में मुसलमान बड़े 'प्रोग्रेसिव' थे। इतने आधुनिक, कि उनके घर की महिलाएँ छोटे-छोटे बाल रख सकती थीं - बॉयकट वाला। इतने खुले विचारों वाले, कि लड़कियाँ बाहर जाकर नौकरी कर सकती थीं और देर रात को घर लौट सकती थीं। अपने कमरे पर बॉयफ्रेंड को बुला सकती थीं। और बहादुर इतनी कि बड़े आपराधिक मामलों में पुलिस की मदद कर सकती थीं।
किरदारों के पहचान बदलकर किस तरह खेल खेला जाता है, 'राख' वेब सीरीज़ इसका सटीक उदाहरण है। शायद तभी ऋचा चड्ढा के शौहर अली फज़ल को कहानी पसंद आई होगी।
अरोड़ा परिवार की 16 साल की गीता और उसके 14 साल के भाई संजय के हत्यारे सिख थे। उनके नाम थे - कुलजीत सिंह (रंगा) और जसबीर सिंह (बिल्ला)। सीरीज़ में दोनों को हिन्दू दिखाया गया है - राजिंदर और कुमार भिडे। ठीक है, हमारा कोई आग्रह नहीं है कि सिख को सिख ही दिखाओ, हत्या में जिस हथियार का इस्तेमाल किया गया वो कृपाण था फिर भी उसे कृपाण ही दिखाओ। बदल दो। कोई समस्या नहीं है।
मान लिया, अपराधी की कोई जात नहीं होती और कोई मजहब नहीं होता। वैसे भी सिख पंथ सनातन का ही अंग है। फिर भी, अब आते हैं असली समस्या पर।
सीरीज़ में किसी सलीम को घुसाने का क्या तुक था? हत्यारे जब बच्चों को लेकर जा रहे थे तब सलीम ने उन्हें रोकने की कोशिश की और घायल हो गए - ऐसा दिखाया गया है। जबकि असल में वो बाबूलाल नामक मजदूर था जिसने अपनी साइकिल फेंककर गाड़ी को रोकने की कोशिश की। जिन्होंने पुलिस को फोन करके सूचना दी उनका नाम था भगवान दास। फिर सलीम कहाँ से आया? अपनी स्कूटर से कार का पीछा करने वाले व्यक्ति का नाम था इंदरजीत सिंह।
#Raakh में एक और किरदार है - निसार रिजवी। सत्तर के दशक में बॉयकट बाल रखने वाली एक बहादुर महिला पत्रकार। दिखाने की कोशिश की गई है कि इस्लाम बड़ा ही प्रोग्रेसिव मजहब है। जब मैंने उस समय की महिला पत्रकारों के नाम खँगाले तो प्रभा दत्त और उषा राय जैसों के नाम मिले जिन्होंने इस केस की कवरेज की थी। कोई मुस्लिम महिला पत्रकार नहीं मिली।
अंतिम व प्रमुख तथ्य, आंबेडकर और जाति-व्यवस्था घुसाने के लिए केस के जाँचकर्ता पुलिस इंस्पेक्टर को जाटव दिखाया गया है। जबकि रंगा-बिल्ला को सैन्यकर्मियों द्वारा ट्रेन में पकड़े जाने के बाद इंस्पेक्टर VP गुप्ता ने हिरासत में लिया था। दिल्ली में इंस्पेक्टर विद्यासागर व RP कोचर जाँच का हिस्सा रहे। कहीं से कोई 'जाटव' नहीं मिलता। फिर भी, कोई न। दिखा दिया तो ठीक किया। जाटव भी हिन्दू ही हैं।
सलीम और निसार का क्या जवाब है?
15 जून को, श्री अकाल तख्त साहिब के भगवंत मान के खिलाफ आदेश के बाद, भगवंत मान ने लुधियाना के सीपी स्वपन शर्मा और एसपी जसनदीप को अपने पक्ष में एक फर्जी फॉरेंसिक रिपोर्ट तैयार कराने का काम सौंपा।
16 जून को स्वपन शर्मा और जसनदीप गुरुग्राम आए और 10 लाख रुपये की डील करने के लिए क्राउन प्लाज़ा, गुरुग्राम में एक फॉरेंसिक लैब के मालिकों से मुलाकात की।
यह क्राउन प्लाज़ा की सीसीटीवी फुटेज है, जिसमें स्वपन शर्मा, जसनदीप और लैब मालिकों के बीच हुई बैठक दिखाई दे रही है।
गुरुग्राम पुलिस द्वारा अब एफआईआर दर्ज कर दोनों लैब मालिकों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
"एक दुखियारी माँ का श्राप"
आज डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि है... कश्मीर की तत्कालीन शेख अब्दुल्ला सरकार की कैद में डॉ. मुखर्जी की रहस्यमयी मौत हो गई थी... नेहरू सरकार पर भी आरोप लगे थे... लेकिन कोई जांच न हुई...
श्यामा प्रसाद मुखर्जी की मां जोगमाया देवी ने अपने बेटे की रहस्यमयी मौत के बाद नेहरू को जो पत्र लिखा था उसे आज विशेष तौर पर पढ़ा जाना चाहिए... क्योंकि इस पत्र में एक मां का करुण क्रंदन है... एक प्रतिज्ञा है... और एक “श्राप” भी है…
"नेहरू जी,
मैंने अपने बेटे की रहस्यमयी मृत्यु पर एक निष्पक्ष जांच की मांग की थी ना कि आपका कोई निष्कर्ष मांगा था। आखिर आपको एक खुली और निष्पक्ष जांच से दिक्कत क्या है? मेरे पास पक्के सबूत हैं जिनसे काफी कुछ साबित हो सकता है। लेकिन आपने उन्हें जानने या समझने की कोई कोशिश नहीं की। आप सबूतों का सामना करने से डरते हैं।
मैं जम्मू कश्मीर की सरकार को अपने बेटे की मौत का जिम्मेदार मानती हूं और ये आरोप भी लगाती हूं कि आपकी सरकार भी इसमें शामिल थी। मैं चाहती हूं कि भारत के लोगों को पता चले कि इस दुखद घटना के असली कारण क्या हैं, जिसे एक "स्वतंत्र देश" में अंजाम दिया गया और जिसमें आपकी सरकार ने भी एक भूमिका अदा की।
लेकिन एक दिन सच सामने आएगा, एक दिन आपको भारत के लोगों को और स्वर्ग में भगवान को भी जवाब देना होगा।"
- जोगमाया देवी (डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की मां)
दिनांक - 9 जुलाई 1953
SIR के धुर विरोधी प्रकाश राज के पास तीन वोटर कार्ड; तमिलनाडु, कर्नाटक और तेलंगाना की वोटर लिस्ट में दर्ज है नाम
चुनाव आयोग ने मांगा स्पष्टीकरण तो नहीं दिया कोई जवाब; अब जारी हुआ ग़ैर जमानती वारंट
क्या अपने वोटर कार्ड बचाने के लिए SIR का विरोध कर रहे थे प्रकाश राज? पूरा मामला समझा रहे हैं @Anurragmishra
यह रिपोर्ट सीधे-सीधे मुख्यमंत्री पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगा रही है। हालाँकि, मुख्यमंत्री @DrMohanYadav51 जी और उनका परिवार यह कह सकता है कि, हम तो ज़मीन के धंधे में बहुत पहले से हैं। किसी ने मुझे बताया कि, मुख्यमंत्री बनने से पहले ही मोहन यादव उज्जैन के रियल एस्टेट किंग जैसे कहे जाते थे और अब तो मुख्यमंत्री ही हैं।
न्यूजचैनलों पर, अपने अपने यूट्यूब चैनलों पर पत्रकार नेता और लेखक विचारक बुद्धिजीवी की नकाब में चंपत राय के चाटुकार पैरोकार 35 वर्षों से मंदिर आंदोलन में चंपत राय के योगदान का "आल्हा" पढ़ भी रहे हैं और गढ़ भी रहे हैं.... यह वीडियो विशेष रूप से उन सबके लिए ही है।
चीन में, निम्न जाति, शांग की महिला कूड़ेदान में से भोजन की तलाश कर के खा रही है। वैश्विक महाशक्ति होने के बावजूद, करोड़ों लोग अभी भी सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था से वंचित हैं। गरीबी छिपी हुई है, लेकिन वास्तविकता है।
लेकिन भारत के 57 बरस के अधेड़ और उसके पालतू कुत्तों सरीखे खैरातियों को यह कभी नहीं दिखा...
@myogiadityanath सर, सभी कमर्शियल बिल्डिंग्स का सेफ्टी ऑडिट सख़्ती से करवाइये। कुछ भ्रष्ट अधिकारी और व्यापारी मिलकर आमजन की सुरक्षा को दांव पर लगा देते हैं।
@yaduvanshians14@RohiniAcharya2 दशरथ शर्मा का नाम सुना है?
लालू परिवार की नौटंकीबाजी तुम जैसों की सोच से बहुत ऊपर है। तुम जैसों को C बनाकर ही तो इस परिवार का धंधा 36 साल से चल रहा है।
जेल में गौहत्यारे से हुआ झगड़ा तो जेलर साजिद खान ने रंकित गुर्जर के कलावा पर रखा बूट,
दूसरे जूते से पोंछ दिया माथे पर लगा तिलक,
बाद में कैसे थम गई पीड़ित युवक की साँसे ?
नीमका कारगार में हिंदू की हत्या के बाद सड़कों पर उतरे हरियाणा के सनातनी..
#Haryana#CowProtection@cmohry
अवैध मज़ार को बचाने पंहुचा था
सांसद चंद्रशेखर रावण का प्रतिनिधि....
लेकिन CO धामपुर अंजनी चतुर्वेदी ने ऐसा रगड़ा
ऐसा रगड़ा कि प्रतिनिधि का मूत निकल गया 🔥
कसम से ऐसा पेला है कि अब कभी मुर्दोँ क्या
जिंदो के लिये भी पुलिस से नहीं भिड़ेगा ✍️
संतकबीरनगर में 30 वर्षीय दलित हिन्दू आनंद टाइल्स लगाने का काम करते थे.
6 जून को एक शादी समारोह में आनंद की भांजी से नासिर अली ने छेड़खानी की तो आनंद से उससे बहस हो गई.
कल आनंद कुछ सामान खरीदकर देर रात घर लौट रहे थे इसी दौरान घात लगाए बैठे 18 वर्षीय नासिर अली ने अपने 4-5 साथियों के साथ तलवार से आनंद की गर्दन काटकर हत्या कर दी.
हिन्दू कानून संविधान से चल रहा है और भाई जान शरिया से
और हमेशा की तरह इस घटना पर राहुल गांधी अखिलेश यादव सहित पूरा विपक्ष चुप रहा
यहां तक की चंद्रशेखर भी चुप रहे क्योंकि दलित युवक आनंद की हत्या मुसलमान ने की
कांग्रेस का काला अध्याय
97. 21 जून 1972 आज के दिन अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय केवल मुस्लिम के लिए है या भारत के रहने वाले सभी नागरिकों के लिए है के नाम पर देश भर में दंगा भड़क गया ।लगभग 400 लोग सप्ताह भर के दंगे में अलग-अलग स्थानों पर मारे गए ।1967 में सुप्रीम कोर्ट ने यह फ़ैसला दिया कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय बहुसंख्यक समुदाय का है,इसपर इंदिरा गांधी जी ने 1971 में सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड मुख्य न्यायाधीश गजेन्द्र गड़कर जी के नेतृत्व में कमिटि बनाई जिसके आधार पर 15 जून 1972 को विश्वविद्यालय क़ानून में संशोधन हुआ,इसके विरोध में दंगा भड़का,क़ानून रोक दिया गया,मुस्लिम वोट बैंक के लिए नेहरु गांधी परिवार कुछ भी कर सकता है,1992 में सोनिया जी के कहने पर अर्जुन सिंह जी ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का 1920 का क़ानून दुबारा लागू किया ।2005 में बिहार में मुस्लिम विश्वविद्यालय बने यह क़ानून पास किया ।नेहरु गॉंधी परिवार को मुस्लिम वोट बैंक के लिए सुप्रीम कोर्ट,संविधान सभी को बदलने का अधिकार है
#CongressDarkHistory
अति आवश्यक सूचना :
योग करना स्वास्थ्य के लिये अत्यंत लाभदायक होता है इसलिए कल यानि 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर योग अवश्य करें और विभिन्न सोशल मीडिया पर अपनी फोटू चिपकाना न भूलें अन्यथा आपका योग करना व्यर्थ समझा जायेगा !
कल परीक्षा देने वाले सभी छात्रों को शुभकामनाएँ और यह आग्रह भी कि, राहुल गांधी के उकसावे में आने से बचें। राहुल गांधी एक बार फिर से अफवाह फैलाते दिखे। नागपुर के एक छात्र का परीक्षा केंद्र आबू धाबी होने पर हम सबने चिंता जताई थी। @NTA_Exams ने जानकारी होने पर तुरंत उस छात्र का परीक्षा केंद्र नागपुर कर दिया, लेकिन अब यह जानकारी आना कि, छात्र के लॉगिन से परीक्षा केंद्र बदला गया, कई बड़े प्रश्न खड़े करता है। मैं किसी तरह के साजिशी सिद्धान्त को हवा नहीं देना चाहता, लेकिन यह स्पष्ट दिखता है कि, छात्रों के जरिये सत्ता के विरोध में वातावरण बनाने के लिए झूठ, अफवाह का भरपूर उपयोग किया जा रहा है। भला है कि, देश का युवा जल्द से सच जान लेता है और किसी भी अराजक गतिविधि का हिस्सा नहीं बनता। बेहतर होता कि, नेता प्रतिपक्ष इस बहाने सरकार को कठघरे में खड़ा करने से पहले पूरा सच जान लेते। https://t.co/IvrSRVRnDC
जहाँ डॉक्टर बेटी का हुआ था रेप-मर्डर
वहीं मिली ममता बनर्जी के भतीजे की मोबाइल लोकेशन
कोलकाता RG कर कांड में पीड़िता की MLA माँ का दावा
https://t.co/mviClUE9Je
जिसका हम दूध पीते हे वो हमारी मां हे गौमाता
और उसकी रक्षा करना हमारा धर्म
मुस्लिम जज द्वारा 14 हिंदू गौरक्षकों को उम्र कैद सजा
ऐसा लगा फ़ैसला भारत में नहीं पाकिस्तान में हो रहा
हिंदुओं आज शांत रहे तो इतिहास में कायर कहलाएंगे या अगला नंबर हमारा होगा आवाज रुकनी नहीं चाहिए