दलित समाज के युवाओ को ग्वालियर आंदोलन के लिए भेज कर ख़ुद चंडीगढ़ की 5 स्टार होटल में ऐश कर रहा है ! अगर आज एक भी युवा पर मुक़दमा हुआ फिर देखना !!
इसको घमंड है बीजेपी के रहते कोई जेल नहीं भेज सकता इसका यह घमंड भी मैं ही तोड़ूँगी !!
बहुत नुक़सान कर लिया समाज का लेकिन अब नहीं !!
हाईकोर्ट में बाबासाहब की मूर्ति के समर्थन में बहुजन समाज पार्टी ने निकाली रैली, पुलिस ने रास्ते में ही रोक लिया
बाबासाहब के सम्मान में बीएसपी मैदान में
#जय_भीम_जय_बीएसपी#बहनजी_जिन्दाबाद
सड़क से लेकर संसद तक पूरी ईमानदारी से बहुजन समाज की हकों अधिकारों के लिए आवाज उठाने वाली एक मात्रा पार्टी बसपा है
ग्वालियर हाईकोर्ट में बाबा साहब की मूर्ति की स्थापना के लिए बसपा के द्वारा ज्ञापन दिया गया
बसपा जब सड़कों पर उतरती है तो सड़के जाम हो जाती है
भगवान बुद्ध के बुद्धत्व प्रति स्थल महाबोधि महाविहार के लिए बी टी एक्ट 1949 के विरुद्ध समय-समय पर बड़े-बड़े आंदोलन हुए हैं। इस बार बौद्ध आंदोलनकारी आकाश लामा के अगुवाई में 12 फरवरी 2025 को अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन का कार्यक्रम महाबोधि महाविहार की मुक्ति के लिए महाबोधि टेंपल के प्रांगण में प्रारंभ किया गया।
सोशल मीडिया के माध्यम से जब इस आंदोलन की खबर पूरे देश में फैली तो बाबा साहेब डॉ अंबेडकर के बौद्ध अनुयाई भारी संख्या में महाबोधी टेंपल के धरना प्रदर्शन स्थल पर जमा होने लगे। आंदोलन के पढ़ने के क्रम में विदेशी बौद्ध भिक्षु, भिक्षुणी, उपासक, उपक्षिकाएं भी भारी संख्या में आंदोलन को समर्थन देने के लिए उपस्थित होने लगे। आंदोलन की गति को देखकर बिहार सरकार नेआंदोलन को दबाने के लिए पुलिस बल का प्रयोग बड़ी ही बर्बरता पूर्वक किया। पुलिस ने आंदोलन को कुचलने व प्रदर्शनकारियों को तितर बितर करने के लिए लाठी चार्ज कर दिया। आंदोलनकारी भिक्षुओं, भिक्षुणियों, उपासकों व उपासिकाओं को मार-मार करके वहां से खदेड़ना शुरू कर दिया। आंदोलनकारी रुके नहीं बल्कि उन्होंने महाबोधी टेंपल से दूर बाहरी गेट की ओर अपना धरना स्थल सुनिश्चित किया। धरना प्रदर्शन का यह कार्यक्रम लगातार जारी रहा।
महाबोधि महाविहार मुक्ति आंदोलन के इस कार्यक्रम को बल देने के लिए, धारदार बनाने के लिए बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश जैसे बड़े सूबे की चार-चार बार रहीं मुख्यमंत्री माननीय बहन कुमारी मायावती जी ने 10 अप्रैल 2025 को प्रेस कांफ्रेंस करके इस आंदोलन को समर्थन किया और केंद्र व राज्य की सरकारों से यह डिमांड किया कि तत्काल प्रभाव से महाबोधी टेंपल प्रबंधन कानून 1949 को निरस्त किया जाए। महाबोधि मंदिर को मुक्त किया जाए। इसका प्रबंधन बौद्धों के हाथों में दिया जाए।
त्रिविध पवन बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर बहुजन समाज पार्टी के नेशनल कोऑर्डिनेटर राज्यसभा सांसद रामजी गौतम के साथ महाबोधि टेंपल में वंदना करने के लिए उपस्थित हुआ और तीर्थ स्थल की मुक्ति के लिए धरना प्रदर्शन में शामिल हुआ।
महाबोधि महाविहार का दर्शन करने व आंदोलन को समर्थन देने वाले लाखों बौद्धों की विशाल भीड़ देखकर ऐसे लगा की बाबा साहेब डॉक्टर अंबेडकर का दूसरा सपना साकार होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, भारत देश बौद्धमय होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
समस्त देशवासियों को बुद्ध पूर्णिमा की मंगल कामनाएं और ढेर सारी बधाइयां।
जाति जनगणना की मांग हमेशा मान्यवर कांशीराम और बसपा के नेतृत्व में बहन @Mayawati जी ने उठाई।
“कांशीराम तेरी नेक कमाई तूने सोती कौम जगाई”
“100 में 90 शोषित हैं 90 भाग हमारा है”
मैं नहीं जा रहा हूँ लेकिन यदि आप फुले फ़िल्म देखने जा रहे हैं, तो मत भूलना की बहन मायावती जी ने जिन ज़िलों के नाम महात्मा ज्योतिबा फुले किए थे उन ज़िलों के अखिलेश जी नाम बदल दिये थे।