This is real institutional murder. Deva Dwivedi trapped in SCST act and he couldn’t cope with it and committed suicide.
New day new victim of Modi Act .
Another meaningful life has been lost.
#ScrapSCSTAct
So excited to welcome @theworldlabs and @drfeifei to the @AMD family! I’ve always been a huge fan of Fei-Fei and her pioneering research in AI. Together, we’ll combine World Labs’ deep expertise in AI and world models with AMD’s compute leadership to power the future of AI and strengthen the open AI ecosystem. Can’t wait for all we’ll accomplish!
URGENT SUPPORT NEEDED.
I may be silenced forever in the next few days.
It means there won't be anyone to expose foreign toolkits for regime change.
An American citizen, Dinesh Thakur, has filed a case against me for exposing the truth about the CJP protest.
Please speak out against those who want to silence the patriot voices.
Use #ISupportVijayPatel and show your support.
I expect at least this from you guys🙏
Jai Hind.
Hello All,
A fake narrative has been pushed in media for decades that SC/ST students face maximum dropouts/suicides in educational institutions.
This is not the truth!
Data shows that maximum dropouts & suicides are happening in GC students.
This is the data presented by govt in parliament (2019-2023)👇
Total Dropouts: 33,979
GC: 16,777 (49.37%)
OBC: 8,602 (25.32%)
SC: 4,823 (14.19%)
ST: 3,777 (11.12%)
Total Suicides: 75
GC: 39 (52.00%)
OBC: 25 (33.33%)
SC: 10 (13.33%)
ST: 1 (1.33%)
Request everyone to spread this data, across all SM platforms, as much as possible.
And never believe any media report, politician or activists blindly.
In case you see someone making such claims, always ask for data to back their claims.
Never believe without proof.
दिल्ली उच्च न्यायालय ने आज मोदी एक्ट की धारा 18 और 18ए(2) के अ���तर्गत वैधानिक रोक को देखते हुए मेरी अग्रिम जमानत याचिका को निरस्त कर दिया। हायकोर्ट का यह निर्णय अपनी जगह है, पर मैं इस से सम्मानपूर्वक असहमत हूँ।
साथ ही, यह भी स्पष्ट है कि न्यायालय ने कहा है कि इसकी टिप्पणियाँ केवल जमानत आवेदन तक सीमित हैं और मेरी आपराधिकता इससे सिद्ध नहीं हो जाती। इस निर्णय को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष चुनौती दूँगा और आशा करता हूँ कि देश की न्यायिक व्यवस्था में सर्वोच्च विश्वास बना रहे।
मुझे एक नीच, अधम, पतित ट्रोल के विरुद्ध अपने परिवा�� के सम्मान की रक्षा करने के लिए, इस घटिया और दमनकारी मोदी एक्ट (जिसे SC/ST एक्ट भी कहा जाता है) के प्रावधानों के तहत एक आपराधिक मामले में झूठा फँसाया गया है।
मैं��े ऐसा कुछ नहीं कहा है जो किसी व्यक्ति या समुदाय का जाति के आधार पर जानबूझकर अपमान या अपमानजनक व्यवहार माना जा सके। मैं उन किसी भी निहित स्वार्थ वाली ताकतों से लड़ने के लिए तैयार हूँ जो इस देश में स्वतंत्र अभिव्यक्ति और सत्य कथन को दंडित करना चाहती हैं, भले ही इसके लिए मुझे जेल जाना पड़े।
एक नेता द्वारा अपनी राजनैतिक वोटबैंक को साधने के लिए, सामान्य जनता से बिना किसी सोच-विचार के, संशोधित किए ���ए इस पूरे कानून और इसके संशोधित नियमों का मैं तब तक विरोध करूँगा जब तक इसे पूरी तरह से निरस्त न किया जाए।
और हाँ, पुनः कहूँगा कि हमारी की माँ-बहनें सड़कों पर चलती-फिरती वस्तु नहीं है जिस पर कोई भी टिप्पणी करे और बच जाए। उनके सम्मान की रक्षा हेतु, सौ बार जेल जाना पड़े जाऊँगा और 101वीं बार वही करूँगा जो मैंने किया है।
PS: जो भी इस निरस्तीकरण पर स्खलित हो रहे हैं, तुम्हारी माँ-बहन पर भी हर दिन ऐसी टिप्पणी होती है। उस पर भी मैं ही स्टैंड लूँगा क्योंकि तुम अपनी कायरता में दो शब्द नहीं लिख पाओगे।
बिहार सरकार के लिए निर्धन और आवासहीन केवल SC/ST/OBC/EBC में हैं। यानी सामान्य वर्ग की जातियों से टैक्स लो और उनकी जातियों के लोगों को किसी भी स्कीम का लाभ मत दे। यही बकलोली इन्होंने हर योजना में कर रखी है। समाज को पूछना चाहिए कि हमारे पैसे का लाभ हमारी ही जाति के निर्धनों को क्यों नहीं दिया जा रहा? हर बात क्या जाति देख कर ही होगी?
How? By filing cases under the "Atrocious" Act against erudite professors in premier institutions for preventing "young talent" from cheating in examinations.
हम विकसित भारत बन गये.AI और CHIP में भी टॉप पर होंगे क्योंकि
IIT Bombay के प्रोफेसर सूर्यनारायण ढुल्ले को अब सस्पेंड कर दिया गया है .उन्होंने एक छात्र को चीटिंग करने से रोका था . बाद में उनपर छात्र के suicide मामले में SC ST Act में FIR पहले ही हो चुकी है गिरफ्तारी हो जाएगी तो हम तुरंत मंगल पर कॉलोनी भी बसा लेंगे .
@iitbombay@iit_alumni_news
#SCSTएक्ट
#बॉम्बायीट
No minister has come out in support of IIT Bombay professor.
Tells you how much they care about the education system. They can even sell the country for a few votes.
An absolute bunch of shameless people!
करणी सेना के जिलाध्यक्ष सचिन राघव समेत 13 नामजदों पर SC-ST एक्ट में मुकदमा।
मारा इन्हीं को गया, अपमानित इन्हीं को किया गया और FIR भी इन्हीं पर!
वाह लोकतंत्र, वाह बीजेपी सरकार।
स्वतंत्र भारद्वाज की जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पुलिस से पूछा कि क्या आरोपी ने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया था झड़प के दौरान..
पुलिस का जवाब था- पहले जब कंप्लेंट की गई थी तब शिकायतकर्ता ने जातिसूचक शब्द इस्तेमाल करने का आरोप नहीं लगाया था। बाद में दूसरी बार जब बयान हुआ तो जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल का आरोप लगाया इसलिए स्वतंत्र पर SC/ST एक्ट लगा दिया गया।
क्या ये संभव है कि शिकायतकर्ता को पूरी घटना याद रही लेकिन जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल भी हुआ था ये याद आने में 70 दिन लग गए?
अभी तक जितने वीडियो आए हैं उनमें से किसी में जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल का ऑडियो सुनाई दिया है क्या?
लेकिन कोई कुछ नहीं कहेगा.. SC/ST एक्ट के गलत इस्तेमाल पर कोई चर्चा नहीं होगी इस देश में। और SC/ST एक्ट लगवाने वाला भले खुद वीडियो में पीटता दिख रहा हो लेकिन उसपर कोई कार्रवाई नहीं होगी। भले वो वीडियो में खुद मान रहा हो कि उसने हालत बुरी कर दी थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होगी।
गजबे है। और ये गजब��� है चलता रहेगा, खत्म ना होनेवाला।
सिर्फ शब्दों को पढ़िए, और ब्राह्मणों के बारे में सोंच देखिए।
@Uppolice क्या कुछ कार्यवाही होगी? या फिर सिर्फ ब्राह्मणों पर चुन चुनकर कार्यवाही होगी?
आज के समय में इस देश का सबसे ज्यादा शोषित और पीढ़ित ब्राह्मण समाज है जिसके हक में कोई बोलने को तैयार नहीं है? लेकिन यदि ब्राह्मण प्रतिक्रिया कर दे तो फिर कानून की बां���ें बड़ी बड़ी ��ो जाती हैं।
भीड़ तंत्र का तमाशा देखिए कि शिवम् नाम के सवर्ण लड़के को 2 वर्ष पुराने रैंडम वीडियो के कारण @bihar_police ने एक मुस्लिम अधिकारी को दिल्ली भेज दिया अरेस्ट करने को। यही बिहार पुलिस जातिवादी DJ गीत, वीडियो, पोस्ट आदि में टैग करने के बाद भी देखती रहती है कि क्या करें।
स्वतंत्र के साथ जो हुआ, वह भीड��� द्वारा प्रशासनिक प्रक्रिया को भयाक्रांत करने का उत्तम उदाहरण है। शिवम ने स्वतंत्र के समर्थन में पोस्टर उठाया, तो पुराना वीडियो निकाल कर अब इसका उदाहरण बनाना चाह रही है सरकार।
मुझे लगता है ये साले पगला गए हैं। इनको समझ में नहीं आ रहा कि एक और भीड़ भी है। यह वही भीड़ है जो तुम्हारे चूतड़ों से सर तक ��पने कंधे लगा कर तुम्हें खड़ा रखे हुए है। या भीड़ जिस दिन वहाँ से हट कर दूसरी भीड़ का सामना करने के लिए उतरेगी, तुम पीठ के बल धराशायी हो जाओगे।
हमारे साथ के लोगों ने यह तय किया है कि अब हमारे बच्चों, युवाओं, बहनों या नेताओं पर जो भी केस होगा, दिल्ली में हम 500 वकीलों और 2000 समर्थकों के साथ हम हमेशा तैयार रहेंगे। @BhaiPreetSingh जैसे लोग अपना सर्वस्व त्याग कर इसमें लगे हुए हैं।
मैं इन सारे ही लोगों को समर्थन देता रहूँगा। आने वाला समय भयभीत हो कर छुपने के नहीं है। अपनी माँ के नाम की गाली सुन कर उसे भी अपनी राजनीति के लिए प्रयोग करने वाले लोग हमारे लिया घंटा खड़े होंगे। हमें अपनी रक्षा स्वयं ही करनी होगी। तैयार रहिए, उचित समय पर आप सबकी आवश्यकता पड़ेगी।
आरक्षण, UGC, मोदी ��क्ट, सब पर सरकार को बात करनी होगी, नहीं करेंगे तो उचित मार्ग हमें पता है।
जय परशुराम!
स्वतंत्र भारद्वाज ने गलत किया तो 70 दिन बाद भी SC/ST लगा दिया जाएगा और वो जेल जाएगा लेकिन उसको पीटनेवाले वीडियो में दिख रहे हैं पर उनपर कोई कार्रवाई नहीं होगी।
अजीत भारती को गाली देनेवाले का बाल भी बांका नहीं होग��� लेकिन अजीत के जवाब पर SC/ST एक्ट भी लगेगा और उसको एंटीसिपेटरी बेल भी नहीं मिलेगी।
ये सिर्फ दो उदाहरण नहीं हैं.. यही आज की डेट में हमारे समाज की सच्चाई है।
सवाल बस इतना है कि जब किसी के गलत पर होनेवाला कानूनी एक्शन उसकी जाति देखकर होता है तो वो प्रक्रिया बटेंगे तो कटेंगे की कैटेगरी में आती है या नहीं?
जब देश की व्यवस्था ही हमें एक नहीं मान रही तो काहे का एक हैं तो सेफ हैं फिर? आज कोई और है.. कल को हमम��ं से कोई होगा। बस अपनी बारी का इंतजार कीजिए।
I resigned from Anthropic today. I spent the last three years doing pretraining research at both OpenAI and Anthropic. Neither company is acting responsibly. They are racing straight to self-improving superintelligence and gambling with our lives. More thoughts below.