क्या ऐसा नहीं लगता कि सेंट्रल बीजेपी स्वयं ही योगी आदित्यनाथ को हराना चाहती है?
अगर ऐसा नहीं है, तो मोदी, अमित शाह, सुनील बंसल, विनोद तावड़े समेत भाजपा के प्रबुद्ध नेताओं ने अभी तक यह अनाउंस क्यों नहीं किया कि योगी आदित्यनाथ ही अगले सीएम का चेहरा होंगे?
फिर केशव प्रसाद मौर्य का यह कहना कि “सबकी महत्वाकांक्षाएँ हैं, मैं भी सीएम बनना चाहता हूँ”, और “एक OBC भी सीएम बन सकता है”, क्या मैसेज देता है?
आखिर योगी जी के चेहरे को लेकर इतनी चुप्पी क्यों?
मंडल से ले कर भागवत तक को यह क्यों लगता है कि ये लोग ‘कानून’ शब्द पर हमें नचा लेंगे! हमें पता है कि वह कोई कानून नहीं था, नियमावली थी जो कि हर कॉलेज कैम्पस में लागू होने वाली थी। वो तो तुम्हें लगता है कि हमें लगता है कि कोई कानून बन गया था।
यह कोई बड़ा बयान नहीं है। दो कौड़ी का बयान है डायवर्जन के लिए।
आशुतोष रांका ये नहीं समझ पाये कि स्कूल,अस्पताल कुछ भी ठीक कराने निकलोगे तो एक ना एक दिन मार तो खाओगे ही,
पहले तुम्हें नोटिस से डराएँगे फिर FIR करायेंगे फिर आख़िरी में अपने चिलांडुवों को भेजकर मरवाएँगे।
पेट्रोल में इथेनॉल मिलाते मिलाते चीनी कब 65 रुपये किलो हो गई पता ही नहीं चला।
पेट्रोल तो सस्ता हुआ नहीं , गाड़ियां खराब हुई सो अलग, अब मिठाईयां और मंहगी हो गई।
अगर 10–15 हजार करोड़ रुपये की इस कथित रिकवरी की ईमानदारी और निष्पक्षता से जाँच हो, तो राजस्थान के हर बिजली उपभोक्ता को करीब 10,000 रुपये का रिफंड मिल सकता है। आरोप है कि एक निजी कंपनी लगातार बिजली की वास्तविक और उचित दर निर्धारित करने की प्रक्रिया में रोड़े अटका रही है।
विडंबना देखिए लगभग इसी अवधि में शुरू हुआ रिलायंस का सासन पावर प्लांट राजस्थान समेत 7 राज्यों के करीब 40 करोड़ उपभोक्ताओं को महज़ ₹1.54 प्रति यूनिट की दर से बिजली उपलब्ध करा रहा है। दूसरी ओर, जेएसडब्ल्यू बाड़मेर ₹4.25 प्रति यूनिट की दर के बावजूद बार-बार बिजली की दर बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।
सवाल सिर्फ बिजली की कीमत का नहीं, बल्कि उस पूरी व्यवस्था की पारदर्शिता और जवाबदेही का है। यदि इन आरोपों की निष्पक्ष जाँच होती है तो हजारों करोड़ रुपये की अनियमितता सामने आएगी और यह राजस्थान के इतिहास का सबसे बड़ा घोटाला हो सकता है।
योद्धा हैं झारखंड में छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो
16 दिनों की भूख हड़ताल के बाद अपना अनशन समाप्त करने की घोषणा कर दी
हेमंत सोरेन सरकार ने 2014 के बाद से TDPL द्वारा कराई गई सभी JSSC और JPSC परीक्षाओं को रद्द करने का बड़ा फैसला लिया है।
📌धरना स्थल पर पहुंचिए, भारी संख्या में पुलिस लगाया जा रहा। खाली कराने का प्लान है।
रद्द और CBI जांच का नोटिफिकेशन आने तक हटना नहीं है। शांतिपूर्ण विरोध संवैधानिक अधिकार है।
भूख हड़ताल के 16वें दिन सदर अस्पताल में मेरा BP 84/39 दर्ज किया गया। पिछले दो दिनों से BP लगातार कम बताया जा रहा है। इसके साथ सीने में दर्द, चक्कर, सांस लेने में परेशानी , जांच के दौरान शरीर में कीटोन की मात्रा भी पाई गई है और शरीर में बढ़ती कमजोरी की शिकायत है।
सदर अस्पताल में एक्स-रे, रक्त जांच, शुगर जांच सहित अन्य मेडिकल जांच लगातार चल रही हैं।
JPSC-JSSC अभ्यर्थियों के न्याय और अधिकार की लड़ाई को लेकर मेरी भूख हड़ताल जारी रहेगी। मेरी कोशिश सिर्फ आज की लड़ाई तक सीमित नहीं है। मैं चाहता हूँ कि शिक्षा व्यवस्था में ऐसे ठोस सुधार हों, ताकि आने वाली पीढ़ी को अपने अधिकार और बेहतर शिक्षा के लिए इस तरह का संघर्ष न करना पड़े।
#DevendraNathMahato
#JharkhandStudentProtest
#JharkhandProtest
14 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे मेरे साथ आज पुलिस द्वारा धक्का-मुक्की और बलपूर्वक रोकने की कोशिश की गई। मेरे साथ मौजूद साथियों के साथ भी पुलिस द्वारा मारपीट की गई।
कई दिनों से भूखा होने के बावजूद मैं अपने अधिकार और जनता की आवाज़ के लिए खड़ा हूँ। हमें इस तरह रोककर हमारी आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता।
#devendranathmahto
#JharkhandProtest
#JharkhandStudentProtest
आज में जोधपुर से बीकानेर के ग्रामीण क्षेत्र के सफ़र पर गया था…
एक तरफ़ का रास्ता था 280 किलोमीटर का…
मतलब कुल सफ़र लगभग 550 किलोमीटर का…
रास्ते में 7 टोल प्लाज़ा आए…
आते वक़्त भी वही 7 टोल आए…
आने जाने का मिलाकर कुल टोल लगा…. 680 रुपये
एक बार के लिए इतना टोल नज़रअंदाज़ कर भी दे…
तो आइए सड़कों की हालत की बात करते हैं…
550 किलोमीटर के सफ़र में 290 किलोमीटर का नेशनल हाइवे था…
नेशनल हाइवे की सड़क बेहद शानदार थी…
लेकिन बचे हुए 260 किलोमीटर की सड़क स्टेट हाइवे था…
स्टेट हाइवे की सड़क इतनी ज़्यादा ख़राब थी जिसकी कोई सीमा नहीं है…
दुनिया भर के स्पीड ब्रेकर… दुनिया भर के गड्ढे…
सही हिसाब से देखा जाए तो इतनी ख़राब सड़क पर चलने का पैसा मिलना चाहिए….!!!
कुल मिलाकर बात इतनी सी है…. अगर सुविधाएँ शानदार हैं, तो हमें पैसा देने में कोई दिक़्क़त नहीं है…
लेकिन बेहद घटिया सड़कों पर चलने का टोल देना पड़े
ये हर गाड़ी वाले को चुभता हैं…!!
> ब्रो का नाम राधाकृष्णन किशोर है
> ब्रो झारखंड कॉंग्रेस का बड़ा नेता है
> ब्रो झारखंड का वित्त मंत्री भी है
> ब्रो ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि उनके खिलाफ कार्यवाई करो जिन्होंने बाहर से आकर झारखंड मूवमेंट को कवर किया
> ब्रो के हिसाब से जिन्होंने झारखंड मूवमेंट को देश भर तक पहुंचाया उन्होंने मूवमेंट को बदनाम किया है
> कॉंग्रेस पार्टी दूसरे राज्य में पत्रकारिता के हित की बात करती है, बड़का लिबरल बनती है,
>लेकिन कॉंग्रेस जहां सत्ता में है वहाँ आवाज को दबाने की पूरी कोशिश करती है,
> कॉंग्रेस दूसरे राज्यों में मोहब्बत की दुकान खोलने की बात करती है, जहां सत्ता में है वहाँ दुकानों की पगड़ी भी चुरा लेती है,
> ये दीमक चाहता तो छात्र हित के सुझाव भी दे सकता था, लेकिन इसने मीडिया के ऊपर कार्यवाही करने का सुझाव देना उचित समझा
> ये हैं असली डिक्टेटर, अब सबको सांप सूँघ जायेगा कोई कुछ नहीं बोलेगा