भाई @AnandAkash_BSP जी के इस ट्वीट की वजह से आकाश जी को पदमुक्त किया गया है।
हालांकि बाद में इस ट्वीट को डीलीट करवा दिया गया। इस ट्वीट के बाद रैपिडो ने कैब ड्राइवर प�� लगाए गए आजीवन प्रतिबन्ध को हटाया और कैब ड्राइवर ने भी भाई आकाश आनंद जी को वीडियो जारी करके धन्यवाद भी दिया।
बी.एस.पी. द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति-दिनांक 03.09.2026
(1) बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष बहन कु. मायावती जी द्वारा आज बी.���स.पी. की आल-इण्डिया की हुई बैठक में पार्टी व मूवमेन्ट से सम्बन्धित पिछले दिये गये कार्यो की समीक्षा व कमियों को दूर करने तथा आगे के हर वर्ष सालाना होने वाले कार्यों के बारे में भी पार्टी के सभी छोटे-बड़े पदाधिकारियों को दिये गये ज़रुरी दिशा-निर्देशों का पूरी ईमानदारी व निष्ठा से अनुपालन करने की सख़्त हिदयात।
(2)वैसे भी पार्टी के जन्मदाता एवं संस्थापक मान्यवर श्री कांशीराम जी के त्याग, तपस्या व समर्पण की तरह ही, मेरे लिये भी ’बहुजन समाज’ का हित, कल्याण व उसकी अस्मिता अर्थात बी.एस.पी. पार्टी व मूवमेन्ट द्वारा ’शोषित वर्ग को शासक वर्ग’ बनाने का मिशनरी लक्ष्य सर्वोपरि है जिसके लिए सत्ता भी ज़रूरी।
(3)इसके अलावा, आर.एस.एस. (RSS) प्रमुख श्री मोहन भागवत के अमेरिका द��रे में कही गयी बातों का भी संज्ञान लेते हुये बहन कु. मायावती जी ने कहा कि परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर ने जातिवाद व असमानता आदि के विरुद्ध आजीवन कड़े संघर्षों के बल पर एससी, एसटी व ओबीसी समाज के
(4)अर्थात् ’बहुजन समाज’ के करोड़ों लोगों के आत्म-सम्मान तथा उनके वास्तविक हित, कल्याण व उनके लिये आरक्षण के संवैधानिक अधिकार के साथ-साथ मुस्लिम व अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों के जान, माल एवं म��़हब की सुरक्षा तथा महिलाओं आदि के मामलों में भी आरएसएस की कथनी व करनी में ज़मीन-आसमान का भारी अन्तर होने से उनमें विश्वसनीयता का अभाव है। अतः आरएसएस, बाबा साहेब के मानवतावादी व समतामूलक संविधान पर खुद ईमानदारी व निष्ठा से अमल करे और अपने लोगों पर उसपर अमल भी कराये, यही पूरी तरह से देश व जनहित में होगा।
(5)साथ ही, पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष ने देश व दुनिया के ज्वलन्त मुद्दों पर भी पार्टी के लोगों का ध्यान आकृर्षित कराया।
लखनऊ, 03 सितम्बर 2026, वृहस्पतिवार: बहुजन समाज पार्टी (बी.एस.पी.) की राष्ट्रीय अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश की चार बार रहीं मुख्यमंत्री व पूर्व सांसद तथा ’बहुजन समाज’ के आत्म-सम्मान व स्वाभिमान की प्रतीक बहन कु. मायावती जी द्वारा आज बी.एस.पी. की आल-इण्डिया की हुई बैठक में पिछले दिये गये कार्यो की समीक्षा व उनकी कमियों को दूर करने तथा आगे के हर वर्ष के सालाना होने वाले कार्यों के बारे में भी पार्टी के सभी छोटे-बड़े पदाधिकारियों को दिये गये ज़रूरी दिशा-निर्देशों का पूरी ईमानदारी व निष्ठा के साथ अनुपालन करने की भी सख़्त हिदायत दी गयी।
इसी क्रम में उन्होंने यह भी कहा कि बी.एस.पी., परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के ’सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ के आदर्श सिद्धान्तों व उच्च आदर्शों को लेकर चलने वाली उनके ’आत्म-सम्मान व स्वाभिमान’ के कारवाँ को सत्ता की मंज़िल तक पहुँचाने के उद्देश्यों की पूर्ति हेतु समर्पित पार्टी एवं मूवमेन्ट है, जिसको लेकर मान्यवर श्री कांशीराम जी ने उच्च वैज्ञानिक पद की अपनी सरकारी नौकरी भी छोड़ दी थी।
और फिर अपने माँ-बाप का घर, परिवार, रिश्तों-नातों आदि ये सब कु�� त्यागकर अपना पूरा जीवन कड़ा संघर्ष करते रहे और मुझे भी ख़ासकर शोषितों को जागरुक करने के लिए देश के कोने-कोने में भेजकर इस योग्य बनाया कि मैं, उन्हीं के नक्शेक़दम पर चलते हुये, उनके अधूरे रहे कारवाँ को आगे बढ़ाने की पूरी त्याग व तपस्या में लगी रहूँ और अन्ततः उन्होंने मुझे बी.एस.पी. पार्टी व बहुजन मूवमेन्ट का राजनीतिक उत्तराधिकारी भी बनाया। और मैंने भी उनके जीते-जी ही काफी हद तक अच्छा रिज़ल्ट ��ाकर भी दिखाया है और उनके संघर्ष को विनम्र श्रद्धांजलि के रूप में यूपी में पूर्ण बहुमत की बी.एस.पी. सरकार बनाकर बहुजन मूवमेन्ट के मान-सम्मान को ऐतिहासिक व गौरवशाली भी बनाया है, जो सबकी ज़ुबान पर होने के साथ-साथ तथा यहाँ इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों में भी दर्ज है।
इसके साथ ही, आदरणीया बहन कु. मायावती जी ने यह भी बताया कि बहुजन समाज पार्टी के जन्मदाता एवं संस्थापक मान्यवर श्री कांशीराम ज��� के संकल्प व समर्पण की तरह ही, मेरे लिये भी ’बहुजन समाज’ का हित, कल्याण व उसकी अस्मिता अर्थात् बी.एस.पी. पार्टी व मूवमेन्ट द्वारा ’शोषित वर्ग को शासक वर्ग’ बनाने का मिशनरी लक्ष्य सर्वोपरि है और इस महान लक्ष्य की प्राप्ति के लिये निजी तौर पर मेरा ना तो कोई ��पना है और ना ही पराया। जो भी बी.एस.पी व बहुजनों के हित के काम करेगा उसका स्वागत व आभार भी है।
और इसीलिये जिस प्रकार मान्यवर श्री कांशीराम जी ने अपने परिवार के लोगों व अन्य रिश्तों-नातों आदि को पार्टी कार्य में सहयोग करने की छूट तो दे दी थी, किन्तु उन्हंे चुनाव लड़ाने या सरकार बनने पर कोई भी पद आदि देने के वे खिलाफ थे, उसी प्रकार से उस संकल्प पर मैं भी पूरी तरह से क़ायम हूँ। जिस पर अमल करते हुये ही ��ैंने श्री आकाश आनन्द को पार्टी में कार्य करने की तो इनको इजाज़त दी है, जो हक़ीकत आप सभी लोगों के सामने है, लेकिन इस मामले में श्री आकाश आनन्द को अभी और अधिक परिपक्व/मैच्योर होने की जरुरत है। तब तक इनको पार्टी की अभी बड़ी ज़िम्मेवारी देना उचित नहीं होगा, जो कि विरोधियों के साम, दाम, दण्ड, भेद आदि हथकण्डों को इस्तेमाल करके चुनाव में हानि पहुँचाने से बचने के लिये भी समय की ज़रूरत है।
बी.एस.पी. यूपी ��्टेट कार्यालय में आयोजित इस आल-इण्डिया की बैठक को सम्बोधित करने से पहले म���. बहनजी ने बी.एस.पी. सेन्ट्रल कैम्प कार्यालय में विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ पदाधिकारियों व अन्य ज़िम्मेदार लोगों से राज्यवार समीक्षा बैठक की और उनसे उनके राज्यों में पार्टी संगठन की मज़बूती एवं पार्टी के जनाधार को सर्वसमाज में बढ़ाने के बारे में पिछली आल-इण्डिया की हुई बैठक में दिये गये दिशा-निर्देशों की प्रगति रिपोर्ट ली और उल्लेखित कमियों को समयबद्ध तरीके़ से दूर करने की भी हिदयात दी। ख़ासकर यूपी, उत्तराखण्ड व पंजाब में ये कार्य चुनाव की घोषणा से काफी पहले ही पूरा करने के भी जरुरी निर्देश मा. बहनजी ने पार्टी के लोगों को दिये, जिसके लिए उन्होंने 25 अगस्त को पंजाब स्टेट की व 31 अगस्त को उत्तर प्रदेश स्टेट की अलग से पार्टी की बड़ी बैठक भी बुलाई, जिसकी जानकारी मीडिया बन्धुओं को भी है।
इसके साथ ही, बी.एस.पी. के जन्मदाता एवं संस्थापक मान्यवर श्री कांशीराम जी की अगले महीने दिनांक 9 अक्त���बर को पुण्यतिथि के अवसर पर यूपी मंे प्रदेश स्तर पर तथा बाकी राज्यों में ज़ोन-स्तर पर ’खुली संगोष्ठी के कार्यक्रम’ पूरी मिशनरी भावना से आयोजित करने के निर्देश देते हुये कहा कि इन कार्यक्रमों को बी.एस.पी. के प्रदेश व मुख्य ज़ोन प्रभारी आदि मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, जबकि बी.एस.पी. दिल्ली प्रदेश के सभी लोग नई दिल्ली गुरुद्वारा रकाबगंज रोड पर स्थित ’बहुजन समाज प्रेरणा स्थल’, जहाँ मान्यवर श्री कांशीराम जी की अस्थिकलश प्रतिष्ठापित है, वहाँ पुण्यतिथि के अवसर पर उन्हें अपने श्रद्धा-सुमन अर्पित करेंगे।
इसके अलावा, यूपी-दिल्ली सीमा पर बी.एस.पी. सरकार द्वारा स्थापित भव्य ’बहुजन प्रेरणा केन्द्र’ में रख-रखाव का वर्तमान में सरकारी कार्य चलने के कारण इस वर्ष पश्चिमी यूपी के लोग भी, यूपी के बाकी सभी मण्डलांे के लोगों के साथ ही लखनऊ आकर यहाँ वीआईपी रोड पर, वहाँ ’बौद्ध स्मृति उपवन’ के सामने, बी.एस.पी. सरकार द्वारा स्थापित विशाल गुम्बद आकार के भव्य ’मान्यवर श्री कांशीराम जी स्मारक स्थल’ पर अपनी विनम्र श्रद्धांजलि एवं अपार श्रद्धा-सुमन अर्पित करेंगे, जिस कार्यक्रम को पूरी मिशनरी भावना से सफल बनाना है। इसके साथ-साथ हर वर्ष की तरह बी.एस.पी. की रा���्ट्रीय अध्यक्ष के जन्मदिन के मौके पर पार्टी को आर्थिक सहयोग देने के लिए भी ज़रूरी दिशा-निर्देश दिये गये, जिस पर पार्टी के लोगों ने अपनी सहमति भी जताई।
इसके अलावा, आरएसएस प्रमुख श्री मोहन भागवत के अमेरिका दौरे के दौरान भारत की अनेकता में एकता ��दि सम्बंधी कही गयी बातों का संज्ञान लेते हुये बहन कु. मायावती जी ने कहा कि भारत में ख़ासकर जातिवाद व असमानता तथा परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के अथक संघर्षों से एससी, एसटी व ओबीसी वर्गों के अर्थात देश में ’बहुजन समाज’ के करोड़ों लोगों के वास्तविक हित, कल्याण और उनके आरक्षण के संवैधानिक अधिकार के साथ-साथ महिलाओं, मुस्लिम व अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों के जान, माल व मज़हब की सुरक्षा-स��्मान आदि के मामलों में आरएसएस की कथनी व करनी में ज़मीन-आसमान का भारी अन्तर होने के कारण ही उनमें विश्वसनीयता का अभाव है तथा यह संगठन काफी पुराना होने के बावजूद वह मान्यता/सम्मान अर्जित नहीं कर पाया है जो वे चाहते हैं।
इसीलिये आरएसएस के लोग, परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के मानवतावादी, कल्याणकारी व समतामूलक संविधान में अपनी पूरी आस्था व निष्ठा रखते हुये उस पर खुद ईमानदारी से अमल क���ें और उसी के हिसाब से अपने लोगों को उस पर अमल करने को बाध्य भी करें तो यह पूरी तरह से देश व जनहित में होगा और देश अवश्य ही अपार ग़रीबी, बेरोज़गारी, अशिक्षा को दूर करके विकास की ओर तेज़ी से अग्रसर होगा जो कि संविधान का मुख्य उद्देश्य भी है और जिसके लिये बी.एस.पी. की स्थापना की गयी है और सरकार में रहते हुये व सरकार में नहीं रहने पर भी लगातार संघर्षरत है, और यही देश की जातिवादी व जनविरोधी पार्टियों के खिलाफ बी.एस.पी. की अम्बेडकरवादी पहचान है।
जबकि अन्य पार्टियों की तरह कांग्रेस पार्टी तो हर मा��ले में जबरदस्त दलित व अम्बेडकर विरोधी पार्टी है, जिसका इतिहास किसी से छिपा नहीं है। ऐसी स्थिति में अब पार्टी ने पूरे देश में सभी छोटे-बड़े चुनाव अकेले ही लड़ने का फैसला लिया है।
इसके साथ ही, पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष ने यह भी कहा कि इस समय दुनिया के कई भागों में जारी जंग तथा उसके फलस्वरूप तेज़ी से बदलते हुये संगीन हालात व सुरक्षा उपायों आदि में भी भारत की अपनी नीति/रणनीति मज़बूत होनी चाहिय���।
और अब फिर से देश में आएदिन बढ़ रही महंगाई व कुदरती हो रही मार भी काफी चिन्ताजनक है। साथ ही, वर्तमान में जेन-जी (Gen-Z) व जेन-अल्फा (Gen-Alpha) आदि की भी चल रही गम्भीर समस्याओं को दूर करना बहुत ज़रूरी है। राज्यों के साथ-साथ खासकर केन्द्र सरकार भी इन सब मामलों को ज़रूर गम्भीरता सेे ले, तो यह देश व जनहित में उचित होगा।
जारीकर्ता:
बी.एस.पी. यूपी स्टेट कार्यालय
12 माल एवेन्यू,
लखनऊ-226001
बसपा यूपी में कितनी बड़ी ताकत है समझिए
00 विधायक है
00 सांसद है
2014 में 00 सांसद जीते थे
2017 विधानसभा में 19 विधायक जीते थे
2019 में 9 सांसद सपा संग गठबंधन में जीते थे
2022 विधानसभा चुनाव में 01 विधायक
2024 लोक सभा में 00 सांसद जीते थे
और 1.5% ट्विटर वाले समर्थकों को लगता है बहन जी मुख्यमंत्री बन रही है
बसपा समर्थकों से अपील है चश्मा निकालिए और मनुस्मृति विचार वाले को हराओ
राहुल गांधी की अगुवाई वाली इंडिया गठबंधन का समर्थन करिए
बसपा 2027 में 00 सीट के साथ खत्म हो जायेगी
1. उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अगले छह महीने में (अर्थात विधानसभा आमचुनाव तक) एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने की घोषणा हालाँकि विलम्ब से उठाया गया सही किन्तु चुनावी क़दम ज़्यादा लगता है, फिर भी वे नियुक्तियाँ पेपरलीक व भ्रष्टाचार आदि के अभिशाप से मुक्त समय से पूरा हो जायें तो यह सही होगा ताकि यह चुनावी छलावा ना साबित हों, जबकि इसके साथ ही एससी, एसटी व ओबीसी समाज के आरक्षित पदों के बैक��ाग पर भर्तियों के बारे में भी सरकारी घोषणा की लोगों को उत्सुकता से प्रतीक्षा है।
2. इतना ही नहीं बल्कि यहाँ 69,000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण के नियमों को लेकर इन वर्गों के 6,800 अभ्यार्थी अपनी नियुक्ति के लिये भूखे-प्यासे लगातार आन्दोलनरत हैं, उनके बारे में भी सरकार को पूरी सहानुभूतिपूर्वक ज़रूर सोचना चाहिये, क्योंकि उन्हें वास्तविक राहत सरकार ही दे सकती है।
3. इसके साथ ही, बी.एस.पी. यूपी सहित पूरे दे�� भर में स्कूली शिक्षा की बदहाल व्यवस्था को समुचित तौर पर बेहतर बनाने की माँग लगातार करती रहती है, किन्तु संभवतः ’जेन-जी’ व ’जेन-अल्फा’ के दबाव में जो थोड़ी अनचाही हलचल सरकारी स्तर पर देखने को मिल रही है वह मामूली ही सही परन्तु स्कूली शिक्षा में सुधार करने की सही नीयत से हो तो यह उचित होगा और इस क्रम में यहाँ लगभग 30 ह��़ार जो सरकारी स्कूल बंद कर दिये गये हैं उन्हें दोबारा अच्छे तरीके से सक्रिय करने की व्यवस्था सरकार अविलम्ब करे तो यह भी जनहित में होगा।
4. इसके अलावा, बुजुर्ग महिलाओं को बसों में निशुल्क यात्रा आदि की व्यवस्था से कहीं अधिक महिलाओं को हर क्षेत्र में शोषण, अत्याचार, उत्पीड़न आदि से बचाने के साथ ही महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान व आत्मनिर्भरता के बारे में भी सरकारों को सही नीयत व नीति से कार्य करने ���ी ज़रूरत है।
1. जैसाकि सर्वविदित है कि परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर ने मानवतावादी, कल्याणकारी व सभी जाति-धर्मों के मानने वालों को एक-समान समतामूलक अधिकार देने वाला सेक्युलर संविधान देकर पूरे देश को एक कड़ी में जोड़ कर सशक्त भारत बनाने की गारण्टी सुनिश्चित की है और इसके तहत् सभी धर्म के ग्रंथों व उनके धार्मिक रीति-रिवाज व मान्यताओं के आधार पर शान्त एवं सुखी जीवन जीने का अधिकार है, जिसकी अनदेखी करने व उसमें दख़ल देने के बजाय सभी को उसकी पवित्रता का सम्मान करना चाहिये।
2. इस क्रम में महिलाओं की अस्मिता, सम्मान व पर्दा आदि के ज़रिये अपने आत्म-सम्मान व स्वाभिमान की रक्षा जैसे मामलों को उसकी उसी संवेदनशीलता से देखना चाहिये और जहाँ तक स्कूलों में यूनीफार्म, पर्दा, चादर, हिजाब आदि पहन्ने का मामला है, तो इन मामलों को ज़्यादा तूल देकर कोर्ट-कचहरी में विवाद का क़ानूनी मुद्दा बनाने के बजाय, उन्हें स्थानीय स्तर पर स्कूल प्रबंधन व शासन-प्रशासन की आपसी समझ व सूझबूझ से सुलझा लेना चाहिये ताकि किसी को भी इसकी आड़ में संकीर्ण राजनीति करने का मौक़ा ना मिल पाये।
3. जबकि ��ी.एस.पी. सर्वसमाज के सम्मान व उनके जान-माल व मज़हब की सुरक्षा की गारण्टी वाली अम्बेडकरवादी पार्टी है और यही मानना है कि किसी भी धर्म, धार्मिक ग्रंथ व धार्मिक प्रचलन/मान्यताओं के संवेदनशील मामलों पर सभी लोग टीका-टिप्पणी करने से बचें तो यह देश व जनहित में होगा।
4. इसके साथ ही, यूपी के ज़िला बदायूँ में भारतरत्न परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर जारी विवाद व तनाव की स्थिति को शासन-प्रशासन तुरन्त इसका शान्तिपूर्ण व उचित समाधान निकाले तो यह उचित होगा।
@VirendraChahal8@raviadi7793 सांसद रामजी गौतम साहब के सारे भाषण की वीडियो अपलोड है इस चैनल पर तो आकाश आनंद भाई के भाषण की क्यों नहीं?
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