सुप्रीम कोर्ट के जज खासतौर से सीजेआई सूर्यकांत न्याय के मूल सिद्धांतों का उल्लंघन कर रहे हैं। अभी एक देश एक चुनाव विधेयक अस्तित्व में नहीं आया है लेकिन उन्होंने उससे संबद्ध कमेटी के साथ बैठक कर ली।
वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल @KapilSibal कहते हैं कि सीजेआई ने न केवल कमेटी के साथ बैठक कर ली बल्कि अन्य जजों के साथ ब्रीफ के भी आदेश दे दिए जिससे यह पता लग सके कि इस बिल को पारित होने में क्या क्या संवैधानिक अड़चनें आ सकती है।या घोर अनैतिक है। कोई कानून बना नहीं उसके गुण दोष को आप कोर्ट के साथ कैसे एनालाइज कर सकते हैं?
सुप्रीम कोर्ट को अंदाजा नहीं है कि देश कितना भरा हुआ है। कोई भी जनविरोधी करतूत अगर विधायिका करती है तो वह नाकाबिले बर्दाश्त होगा। देश को इस किस्म की राजनीति में उलझने से बचाना और न्यायपालिका की गरिमा को बनाए रखना सीजेआई की जिम्मेदारी है।
"वॉट्सएप यूनिवर्सिटी पर हमें पढ़ाया गया कि सोनिया गांधी दुनिया की सबसे अमीर महिलाओं में से एक हैं। समय के साथ सामने आया कि पूरे गांधी परिवार के पास अपना घर तक नहीं है। राहुल गांधी का घर खाली करवा लिया तो उनके रहने को घर नहीं था। गांधी परिवार को छोड़कर, स्विस बैंक में सबके खाते मिल रहे हैं।"
- शीतल पी सिंह, वरिष्ठ पत्रकार
कपिल सिब्बल - 2023 में कानून बनाया कि चुनाव आयुक्तों को पूरे जीवन की कानूनी सुरक्षा दी जाएगी। ये राष्ट्रपति को भी है। यह असंवैधानिक है। आपके हिसाब से इसका मकसद क्या था?
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस दीपक गुप्ता - मकसद तो सामने आ ही गया कि क्या मकसद था। लोकतंत्र की रक्षा के लिए बनी एक संस्था का अपना कार्यक्रम ही अलोकतांत्रिक है तो उनसे क्या उम्मीद कर सकते हैं।
बंगाल में 40 लाख लोगों को लिस्ट से हटा दिया। एक लाख पर फैसला हुआ, 93% बहाल हुए। यानी 93% पर हुई कार्रवाई अवैध थी। 40 लाख अपील पर सुनवाई में 14 साल लगेंगे। पूरे देश में यही करेंगे तो 140 साल लगेंगे।
यूट्यूब पर मौजूद इस बातचीत को हर किसी को ध्यान से सुनना चाहिए। एक सुप्रीम कोर्ट का जस्टिस, दो पूर्व चुनाव आयुक्त और कानून के जानकार कपिल सिब्बल... चारों इस बात पर सहमत हैं कि चुनाव आयोग पूरी तरह से असंवैधानिक और लोकतंत्र के खिलाफ काम कर रहा है।
सत्ता में बैठी वोट चोर पार्टी आयोग के इस कुकृत्य का खुलकर बचाव कर रही है। इसका सीधा अर्थ यही है कि बीजे पार्टी इस देश को बर्बाद करने का रैकेट चला रही है।
“अपना ई-रिक्शा दे रहा हूँ आकर चलायें फिर पता चलेगा कि कितना कमाई हो रही है”
यूपी के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक के ई-रिक्शा चलाने वाले बयान पर प्रतिक्रिया आ रही हैं
Video: @ravirajprayagi
कुछ दिन पहले IAS से त्यागपत्र दिया था और आपके मन में कई सवाल छोड़ दिए थे। अपनी बात इस वीडियो में कह दी है। अगर आपको लगे कि ये आपकी भी बात है, तो 9198956957 पर whatsapp मैसेज करिए।
बड़ी ख़बर-
IAS से इस्तीफा देने वाली दिव्या मित्तल ने योगी आदित्यनाथ की सरकार में भ्रष्टाचार की सारी परतें उधेड़ दी हैं।
आप उनकी बात को सुनिए । एक एक शब्द में इस सरकार के प्रचंड भ्रष्टाचार की गवाही है।
दिव्या राजनीति में आ रही हैं।
उनका स्वागत है।
इस भ्रष्ट व्यवस्था को आंखे दिखाकर राजनीति में आना,
बिना डरे, बिना घबराए, मंजिल की ओर कदम बढ़ाना,
मुश्किल तो है, मगर असंभव कतई नहीं।
नियति कुछ ऐसे ही फैसलों का इंतज़ार करती है, जमकर परीक्षा लेती है और जमकर साथ देती है।
दिव्या मित्तल को इस नई पारी की असीम शुभकामनाएं।
CJP chief अभिजीत दीपके के इसी बयान जारी करने के बाद ही आनन फानन में आशुतोष व अन्य सभी लोगों को असम पुलिस ने छोड़ दिया है,
अन्याय के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा।
“सीईसी थे, वो आज देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक HDFC के चेयरमैन कैसे बन गए?”
चुनाव आयोग की साख पर प्रशांत किशोर ने उठाए सवाल. पूर्व CEC राजीव कुमार के HDFC Bank के चेयरमैन बनने पर भी सवाल खड़ा किया.
🚨Breaking:
"Bihar में जंगलराज है, मुझे शर्म है ऐसी सरकार को समर्थन देने में"🔥
- कैबिनेट मंत्री, चिराग पासवान
पहले सत्यपाल मलिक
फिर जगदीप धनखड़
अब चिराग पासवान
एक-एक कर सब बोलने लगे हैं — BJP का असली चेहरा सबके सामने है।
पूरी सड़क हाथ से उखड़ रही है। आज तक दिल्ली में ऐसी घटिया सड़क नहीं बनी। कल इसी भ्रष्टाचार का वीडियो बनाने पर मंत्री प्रवेश वर्मा ने बौखला कर एक लड़के को थप्पड़ मारा।
तुम Gen Z को थप्पड़ मारोगे और Gen Z तुम्हारा साथ देगा? हमारी मांग है प्रवेश वर्मा को बर्खास्त करो, माफी मांगो, और भ्रष्टाचार करने वालों को जेल भेजो।
रितिका चोपड़ा मेरे लिए हीरो हैं। आज के माहौल में सरकार के खिलाफ बोलना Suicidal है। Indian Express ने सबूतों के साथ देश के सामने रखा कि कैसे वोटर लिस्ट में घोटाला करके लोकतंत्र की हत्या की जा रही है।
Cockroaches को मेरा message…
पहले आपने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा। अब आप ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांग रहे हैं। मैं कहता हूँ आप सीधा बॉस का इस्तीफा मांग लो। सब उन्हीं के इशारे पर हो रहा है।
अब आंदोलन नरेंद्र मोदी के इस्तीफे के लिए होना चाहिए।