रूह कांप जाती है ये देख कर, हे! ईश्वर इस मन्ज़र को देख कर मन आकंशित हो उठा है। ये दृश्य मानवता, सरकारों और धर्म के ठेकेदारों के मुहँ पर जोरदार तमाचा है और एक सिख कि यहाँ जीने के लिये सोचना है मरने के लिये नहीं, इसलिए घर पर रहें- सुरक्षित रहें...🙏🏻🙏🏻🥺😢
जहां तक नज़र जाए, सिर्फ शव ही नज़र आए...
सोचिए...जब बरसात होगी तो क्या होगा?
देखिए प्रयागराज से @ShivendraAajTak की ये रिपोर्ट
#Shankhnaad (@chitraaum)
#I_the_First_voter👆
पत्थर को काट कर औज़ार बनाने वाले,
लोहे को पिघलाकर हथियार बनाने वाले,
हमको #बेकार समझते है ये सियासतेदार मगर,
हम है इस देश के #सरकार बनाने वाले...
हम चाहते है कि सरकार से सवाल पूछते रहे तो आईए #vote कीजिए और जाती, धर्म से ऊपर उठ कर, अबकी बार #vote_for_Bihar🙏
शायद ही कोई ऐसा होगा जो इनके महान व्यक्तित्व से प्रभावित नही होगा, राजनीती जैसे पंक मे कमल जैसे खिलने वाले, मेरे कवि कुल के सिरोमड़ी, जिनके बातों व कार्यों का विपक्ष भी लोहा मनता हो, वैसे आभायुक्त जीवन को जीने वाले भारत के ज़िल्ल-ए-इलाही (पूर्व- प्रधानमंत्री) को शत- शत नमन्..🇮🇳
है कैसा सफ़र ये, है ये कैसी थकावट,
ना मिली मंजिल अबतक, ना मिलने कि आहट,
पता ना कहाँ छुट गया अब बसेरा,
पता ना कहाँ खो गयी मुस्कुराहट !!!
By: विश्व विकास