@ReporterVikrant लेकिन राम विरोधियों को को इसका अधिकार नहीं है जनता देख रही है सरकार क्या कर रही है, लेकिन सपाइयों और अपाइयों को बीजेपी विरोध का मुद्दा मिला है तो कहां छोड़नेवाले है हिंदू इसका जबाब देने में सक्षम है,जो हिंदू को हिंदुत्व से अलग कर दे वो शांत रहे।
@priyankagandhi अब ये रामविरोधी भी ज्ञान दे रहे हैं, जिन्होंने हर संभव प्रयास से मंदिर निर्माण रोका,जिनकी सरकारें दक्षिण में मंदिर की दुर्दशा की ,वो भी उपदेश दे रहे हैं,भाजपा सक्षम है इस प्रकरण को हल करने में मोहतरमा, तुम हुसैन का प्रशंसा करो नहीं तो वोट कट जाएगा।
@KraantiKumar मंदिर का सारा धन सिर्फ हिन्दुओं पर खर्च होने चाहिए,किसी भी बुद्धिष्ट और गैर धर्म के लोगों कर नहीं,जो भगवान राम को काल्पनिक कहते हैं और जो गाली देते हैं उन्हें बिल्कुल नहीं, हिन्दू लोगों को अब मंदिर में दान देने के बजाय प्रभु श्री राम जी का नाम लेकर स्वयं पात्र की मदद करनी चाहिए।
अभिषेक बनर्जी के विदेशी बैंक खातों में "एक लाख करोड़" रुपये जमा हैं!
ज़रा उस आंकड़े को फिर से सुनिए, "एक लाख करोड़" रुपये।
यह पैसा रूस, दुबई और थाईलैंड में रखा गया है।
उन्होंने तो एक पूरा द्वीप भी खरीद लिया है।
वह विदेश भागने की कोशिश कर रहे हैं; एक बार जब वह चले जाएंगे, तो उस पैसे का इस्तेमाल करके किसी दूसरे देश की नागरिकता लेने का उनका इरादा है।
उनके PA, सुमित, शायद पहले ही नेपाल के रास्ते विदेश भाग चुके हैं।
यह मैंने नहीं कहा—यह जानकारी श्रम और परिवहन मंत्री अर्जुन सिंह ने दी है।
साभार
@SanjayAzadSln@ArvindKejriwal भगवान राम जी की फोटो हर दुकान पर उपलब्ध है खरीद नहीं सकते? लेकिन तुमको नौटंकी करनी है, तुमको राम से प्रेम नहीं सिर्फ राजनीति के लिए ही दर्शन करने आए हो,बाकी जब मंदिर बना , करोड़ो लोग दर्शन करके चले गए।
@kharge इसके मालिक के पूवऀज ही मुसलमान थे तो यह तो सच्चाई पर कायम है बाकी हिंदुओं को तो ब्राह्मण लगता ही है,हर पुरुष अपने जीवन के मुताबिक ही आचरण करता है।
@AnilYadavmedia1 कमा ले रहा है, चूतियों के इस देश में, अच्छी गर्लफ्रेंड मिल गई है,ये ना तो स्टूडेंट है ना किसान,नीट अबकी बार सुरक्षित हो गई, पढ़नेवाले बच्चे परीक्षा देकर खुद का मूल्यांकन कर रहे हैं गड़मरे प्रोटेस्ट,वो दूसरी तैयारी में जुटेंगे और ये ओयो में,शाहीनबाग इसका उदाहरण है।
@JournoAshutosh तो युद्ध शुरू होने के बाद बढ़ाया कितना था ये भी जनता को बता,तब जनता खुद निर्णय लेगी कि मोदी बढ़िया है या पाकिस्तान,ऐसा करने तेरा एजेंडा सेट नहीं होगा ना,जापान का भी बता दें , ओमान का भी बता दें, चूतिए जनता को मूर्ख बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ते।
@RamaKRoy हां जी, आखिर टैक्सी वाले ने भ्रष्टाचार किया,वो भी लीजेंड के साथ, मोदीजी को इस्तीफा देना चाहिए था, लेकिन बीजेपी इस मामले को दबाने की कोशिश कर रही है।
@Jeetuburdak प्रियंका भी इन मूर्ख चमचों को मूर्ख ही बना रही है इससे ज्यादा कुछ नहीं,अरे वो नकल करके कांग्रेसियों को ये फील करना रही है कि मैं दादी के जैसी हूं और कांग्रेसी कर भी रहे हैं, इंदिरा जब प्रधानमंत्री थीं तब आधी से ज्यादा आबादी अनपढ़ जी,पर अब नहीं।
अभिजीत दीपके: इंस्टा युग की क्रांति के तीव्र-स्तंभन और समानुपातिक शीघ्रपतन का वैयक्तिकरण
दीपके ने आह्वान किया कि 20 जून तक प्रधान को हटा दें वरना... कुछ नहीं हुआ। ऐसे चूतियों के कहने पर कुछ होना भी नहीं चाहिए। फिर स्टेज से बोला कि किसान और मज़दूर जंतर मंतर पर पहुँचे। एक मक्खी नहीं पहुँची, गांडुओं का मेला लग गया सो अलग। (गांडू का प्रयोग समलैंगिकों के लिए नहीं कर रहा, इसे 'चूतिया' के समानार्थक के रूप में लिया जाए।)
फिर स्टेज से घोषणा हुई कि 'मेरा लिंग, मेरी मर्ज़ी'! किसने किसके पैंट में हाथ डाल कर वहाँ पेट्रोल सूँघा और कहा कि 'तुम्हारा लिंग, मेरी मर्ज़ी'? बिल्कुल तुम्हारी मर्ज़ी है कि तुम उस से मूतो, सेक्स करो, हस्तमैथुन करो, गुदा-मैथुन करो, कोई नहीं रोकता। और NEET या विद्यार्थियों की आत्महत्या से इस बात का क्या संबंध है?
इनके प्रोटेस्ट से आज़ादी के नारे वाले SFI के भी लोग आए हुए थे, AISA वाले भी थे और AAP वाले भी पानी और केला बाँट रहे थे। इनमें से किसी को भी NEET से मतलब नहीं था, ये केवल अपनी विजिबिलिटी के लिए आए थे।
एक झँटुआ QR कोड ले कर घूम रहा था कि दहिया और दास से DM में बात करने का ₹50 और वीडियो कॉल का ₹500/15 मिनट! साला अलग OnlyFans चल रहा है इधर। ये लोग विद्यार्थियों के लिए तो नहीं आए हैं। वैसे, दिल्ली के श्रमिकों का मिनिमम वेज भी इस से अधिक है।
फिर दीपके फ़र्ज़ी का चिल्लाने लगा कि उसे अरेस्ट किया जा सकता है, पानी बंद कर दिया, लड़कियों के साथ कुछ घटना घट सकती है, टॉयलेट में पानी नहीं है! जब अनुमति ही 5 बजे तक की थी तो अपना पानी, जनरेटर ले कर आते।
कुछ नहीं चला तो हाथ जोड़ कर पुलिस से बोल रहा है कि लोगों को आने दो! अरे नरगधे, लोग हैं कहाँ बे जो आएँगे? केवल अपनी ब्रांडिंग चल रही है कि यार जेल में डाल दो जल्दी से तो मैं भी अगला कन्हैया कुमार बन जाऊँ! कन्हैया बकलोल था, लेकिन उसको बकलोली में भी १ घंटा बोलना आता था, तुम साले पाँच मिनट में बह जाते हो और कहने लगते हो कि खाना बंद कर दिया, हग नहीं पा रहे, लाइट ऑफ हो गई है!
इसकी पूरी इच्छा है कि केवल 20 दिन में ये नेता बन जाए। केजरीवाल को 10 वर्ष घिसाई में लगे, तीन आंदोलन में। कन्हैया जेल गया, JNU में घिसता रहा और BJP ने उसे हीरो बना दिया। फिर बाद के दो आंदोलन देख लीजिए, आपको समझ में आ जाएगा कि CAA वाले जेल में हैं UAPA के साथ और किसान वाले प्रयास पूरा कर रहे हैं लेकिन उन्हें कोई पूछ नहीं रहा।
दीपके इतना इन्सिग्निफिकेंट है कि सरकार इसे आउट ऑफ़ द वे जा कर अनुमति दे रही है कि दिखाओ कितने लोग ला सकते हो। जंतर मंतर पर 500 से अब 1000 पर पहुँचा है, और वो भी रात होते-होते 50 बच कर रहे गए।
ये क्रांति का T20 खेलना चाह रहा है, पर समस्या यह है कि इसे ना बैटिंग आती है, ना बॉलिंग और इसके साथ के खिलाड़ी अपने कन्विनियेंस के हिसाब से आते हैं। यदि आपके प्रवक्ता और कोर ग्रुप केवल दिल्ली में आएँ, लखनऊ-जयपुर-पुणे-अमृतसर-बंगलौर में वो नहीं दिखें, तो समझ जाओ कि दीपके कितने डीप-शिट में है।
अब ये डिजिटल शहादत खोज रहा है कि किसी तरह से कुछ इसके साथ ऐसा हो जाए कि ये स्वयं को महान बता सके। पुलिस इसको ट्रिविअल से ऊपर का होने नहीं दे रही है। ये बेचारा एयरपोर्ट से ही अरेस्ट हो कर हीरो बनना चाह रहा था, और अमित शाह हैं कि बोल रहे हैं इसे भटकने दो, देखते हैं कितना आदमी जुटा लेता है।
अभिजीत दीपके वर्तमान क्रांति के तीव्र-स्तंभन और समानुपातिक शीघ्रपतन का वैयक्तिकरण है। अनुभवहीनता और नल्लेपन के बीच अपनी राह खोजता दीपके राजनीति को एक मार्ग मान कर चल रहा है, पर जब तुम्हारे वैचारिक पिता मिररलेस DSLR के बोके से अब एंड्रॉयड फ़ोन के फ्रंट कैमरा तक गिर चुके हैं, तो तुम तो कहाँ पहुँचोगे, वह लिखा हुआ है।
चूतियों के चक्कर में ना पड़ें।