योगी आदित्यनाथ सवालों सेव से ऊपर हो गए हैं क्या??? और प्रेसवार्ता का डेफिनेशन कब से ये होने लग गया कि आप अगर सवाल पूछोगे तो आपके घर बुलडोजर चलेगा और भाजपा के कार्यकर्ता आपको घेर लेंगे
प्रधानमंत्री जी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी हाईवे हेरिटेज हॉस्पिटल के पास एक लड़की को कुछ लड़के स्कॉर्पियो में अगवा कर ले गए !
उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरीके से वेंटिलेटर पर पहुंच चुकी है, "जीरो टार्लेंस" की बात करते है आप मुख्यमंत्री जी, आप तो कहते थे गुंडे, माफिया, अपराधी उत्तर प्रदेश छोड़कर भाग गए हैं, तो फिर यह कौन लोग है ??
UP Police
#जंगलराज
#reels #varanasi #crimenews #uttarpradesh
मो. समीर दिल्ली में ई-रिक्शा चलाते हैं.
उनका आरोप है कि 6 सितंबर को जब वो सड़क किनारे खाना खा रहे थे तो एक चोर उनका ई-रिक्शा लेकर भागने लगा.
उन्होंने एक दूसरे ड्राइवर की मदद से जब उस चोर को पकड़ा और उसे लिबासपुर पुलिस चौकी ले गए तो पुलिस वालों ने चोर के बजाए उन्हें ही बेरहमी से पीट दिया.
सुनिए 👇
नाम बदलनेवाले अब ‘प्रेस वार्ता’ का नाम बदलकर ‘प्रेस एकालाप’ कर दें क्योंकि जब सिर्फ़ बयान दिया जाना है और प्रेस को सवाल पूछने का अधिकार ही नहीं है तो बिना वार्तालाप ‘वार्ता’ शब्द का क्या अर्थ रह जाता है? माननीय सबका समय क्यों ख़राब कर रहे हैं, प्रेस रिलीज़ भेजकर ही काम चलाएं और दोनों का समय बचाएं।
सत्य ये है कि उप्र में सवालों की भरमार है लेकिन इनके पास जवाब ही नहीं हैं। मुँह मोड़ कर जाना, मैदान छोड़कर भागना भी कहलाता है।
ये शासन में पक्षपात करते हैं और प्रेस वार्ता में एकतरफ़ा बयानबाज़ी। अब क्या ये भी कहेंगे कि ‘प्रश्न सुनने के मूड में नहीं है।’
#प्रेस_एकालाप
बड़ी ख़बर-
योगी आदित्यनाथ की प्रेस कांफ्रेंस में ‘लोकतांत्रिक’ बवाल हो गया।
एक महिला पत्रकार ने योगी आदित्यनाथ से सवाल पूछ लिया।
योगी आदित्यनाथ अवाक रह गए।
अगले प्रधानमंत्री बनने की धुन में उनकी बिना कोई सवाल लिए प्रेस कॉंफ्रेंस करने की आदत हो गई थी।
महिला पत्रकार के सवाल से हतप्रभ योगी आदित्यनाथ तुरंत चलते बने।
इस बीच महिला पत्रकार चीखती रही,
"मुख्यमंत्री जी, प्रेस वार्ता के लिए बुलाया है तो सवाल तो लेते जाइए।
ये प्रेस वार्ता है। मुख्यमंत्री जी!
प्रेस का जवाब नहीं दे पा रहे हैं आप। फिर बुलाया किसलिए था?"
सूचना के 'विशाल' तंत्र के होश फाख्ता हो गए।
लखनऊ ने एक नई सुबह देखी।
बिना कोई सवाल लिए, बिना किसी जवाबदेही के,
सिर्फ पुलिस की लाठी के दम पर राज करने वाले तंत्र का ऐतिहासिक पर्दाफाश हुआ।
कलम बधाई की पात्र है।
Super Exclusive-
योगी से सवाल की ऐसी सज़ा दी!
महिला पत्रकार रो पड़ी!!
प्रेस कॉन्फ्रेंस में योगी आदित्यनाथ से सवाल पूछने वाली दिव्या श्रीवास्तव का इंटरव्यू।
सुनेंगे तो सिहर उठेंगे।
"मैने योगी आदित्यनाथ से एक सवाल पूछा था।
मुझे बीजेपी दफ्तर में घेर लिया। बहुत धमकाया।
कहा- बुलडोजर चलेगा घर पर।
LIU पीछे पड़ी है।
मुझे चैनल से भी निकाल दिया गया।
मैं अब कहीं नहीं हूं।
मैं बहुत डरी हुई हूं।"
डियर शाहीन और नफीसा डरना नहीं है आपके साथ हुई इस बर्बरता के खिलाफ पूरा देश आपके साथ खड़ा है!
एक मुख्यमंत्री से सवाल पूछने पर इतनी गंदी हरकत करने वालों से अब पूरा देश सवाल करेगा. डरो मत!
एक दंगाई महीनों से खुलेआम दूसरे का सिर फोड़ कर घूमता रहा तब FIR नहीं दर्ज़ हुई! एक बुज़ुर्ग आदमी ने नमाज़ पढ़ ली तो FIR दर्ज़ हो गई? क्या धाराएँ लगी होंगी? देशद्रोह का मुक़दमा तो नहीं चलाएँगे? ये कैसी सरकार है जिसे दंगाई नहीं दिखते लेकिन चुपचाप नमाज़ पढ़ता आदमी अपराधी दिखता है?
TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा कि सहारनपुर की मस्जिद 1911 में याकूब और वालिद खान की ज़मीन पर बनाई गई थी। बाद में उन्होंने डीएम कार्यालय के लिए अपनी ज़मीन दान कर दी। यानी सरकारी इमारत से पहले ही वहां मस्जिद मौजूद थी। इसके बावजूद मस्जिद को हाईकोर्ट में अपील का मौका दिए बिना गिरा दिया गया। यह बेहद शर्मनाक है।
सहारनपुर कलेक्ट्री मस्जिद दोबारा बनेगी ?
सहारनपुर मे कलेक्ट्री परिसर मे बनी मस्जिद के तोड़े जाने के बाद अब बड़ा खुलासा हुआ है , याकूब खान के पड़पोते फ़िरोज़ खान ने ज़मीन और मस्जिद पर अपना मालिकाना हक जताया है ,
अब मुस्लिम पक्ष हाईकोर्ट मे अपील करेगा ,