आरक्षण के गणराज्य भारत में आपका स्वागत है 🇮🇳
एम्स गोरखपुर के सीनियर रेजिडेंट लिस्ट को देखो।
Biochemistry – 0 जनरल सीटें
Radiology – 0 जनरल सीटें
Obstetrics and Gynaecology– 0 जनरल सीटें
🚨Trauma and emergency🚨 – 0 जनरल सीटें
कुल सीटों में से सिर्फ 26% जनरल कैटेगरी के लिए हैं।
74% सीटें आरक्षित हैं।
आप नीट-पीजी में रैंक 1 हो सकते हैं, बैच के टॉपर हो सकते हैं, कमरे में सबसे अच्छे डॉक्टर हो सकते हैं… फिर भी आपको अनुमति नहीं है।
ये पद उन लोगों के लिए आरक्षित हैं जिन्होंने कम स्कोर किया है, क्योंकि संविधान ने तय कर दिया कि जाति, स्किल से ज्यादा महत्वपूर्ण है।
ये न्याय नहीं है।
ये मेरिट के खिलाफ खुला भेदभाव है। भारत एक ऐसा देश बनता जा रहा है जहाँ प्रतिभा को सजा दी जाती है और mediocrity को इनाम।
आरक्षण भारत को दीमक की तरह खा रहा है ~ अंदर से खोखला कर रहा है, संस्थानों को कमजोर बना रहा है और योग्यता को चुपचाप मार रहा है।
I don't have job but still have to pay both LTCG/STCG from my investment withdrawal of my equity portfolio. This is the worst government. I am not able to fathom how to survive in this country.
Seats for General Category – 0
Dear General Category:
Do you have Indian citizenship ? Yes.
Do you pay taxes ? Yes.
Do you vote ? Yes.
Then why are you not allowed to write the exam in a democratic nation like India?
714 अंक लाने वाला छात्र अगर सीट के लिए संघर्ष करे और 1 अंक वाले अभ्यर्थी को सीट मिलने की खबरें सामने आएँ, तो सवाल उठना स्वाभाविक है…
लेकिन🪳गायब हैं?
क्या भारत में मेहनत, प्रतिभा और समान अवसर सर्वोच्च होने चाहिए या नहीं?
@narendramodi सरकार देश के युवाओं के इस सवाल का स्पष्ट जवाब दे।
हर गरीब को अवसर मिले, लेकिन चयन प्रक्रिया न्यायपूर्ण और पारदर्शी हो।
🚨Four IIT K professors are in jail under a fake SC ST case.
🚨Two IIT Roorkee profs have been booked under fake SC ST case .
🚨Director IIM Bangalore is also facing fake SC ST cases.
🚨IIT Jodhpur also.
Bros, this evil government has turned our world class institutions into hell holes.