@PKumar59 माननीय निवेदन है कि शिक्षक भर्ती का विज्ञापन 9जनवरी के शासनादेश के मुताबिक 68500 पदों पर निकाला जाए न कि 41556 पदों पर। ऐसी स्थिति में 41556 समस्त अभ्यर्थियों का भी चयन नहीं होगा, जो लिखित परीक्षा पास कर चुके हैं।
“उत्तर प्रदेश सरकार से निवेदन है कि BLO ड्यूटी से शिक्षकों को मुक्त किया जाए और उन्हें अपने मूल कार्य, बच्चों को पढ़ाने दिया जाए। इस विषय पर माननीय उच्च न्यायालय भी स्पष्ट टिप्पणी कर चुका है।”
#FreeTeachersFromBLO@UPGovt
#FreeTeachersFromBLO
1. 📚 "शिक्षक का काम – शिक्षा का प्रचार, न कि सर्वे का भार!"
2. ✋ "BLO नहीं, हम हैं शिक्षक – हमें पढ़ाने दो, देश को बढ़ाने दो!"
3. ⚖️ "BLO ड्यूटी से मुक्त करो – शिक्षा का स्तर उन्नत करो!"
4. 🧑🏫 "शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से हटाओ – बच्चों का भविष्य बचाओ!"
5. 🎓 "शिक्षक स्कूल में रहें, समाज का निर्माण करें – BLO की जिम्मेदारी प्रशासन निभाए!"
6. 📖 "पढ़ाने दो गुरुजनों को – मत बनाओ सरकारी नौकरों जैसा!"
7. ❌ "शिक्षकों से BLO का काम कराना – शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल!"
8. 🏫 "विद्यालय शिक्षकों से खाली, शिक्षा रह गई अधूरी!"
@ECISVEEP@UPGovt@basicshiksha_up
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@upbasic_shiksha#freeTeachersfromBLO
❌ "शिक्षकों से BLO का काम कराना – शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल!"
. 🏫 "विद्यालय शिक्षकों से खाली, शिक्षा रह गई अधूरी!"
बेसिक स्कूलों बच्चों के नामांकन में कमी का पहला कारण आयु 6 वर्ष होना है, दूसरा कारण आर टी ई के अंतर्गत प्राइवेट स्कूल में एडमिशन होना है।तीसरा कारण छात्र संख्या के अनुसार अध्यापक ना होना है।
#JusticeForSchoolsChildren@UPGovt@myogiadityanath@yadavakhilesh
उत्तर प्रदेश में हजारों सरकारी स्कूल बंद किए जा रहे हैं। सरकार मर्जिंग और पेयरिंग के नाम पर शिक्षा से दलित-पिछड़े-गरीब बच्चों को दूर कर रही है। स्कूल बंद होने से शिक्षक भर्ती भी रोक दी गई है। अभिभावक, शिक्षक और संगठन सड़कों पर हैं, विरोध कर रहे हैं। सरकार की मंशा निजीकरण और शिक्षा को व्यापार बनाने की ओर इशारा कर रही है। जो स्कूल 1 किमी में होने चाहिए, उन्हें 5 किमी दूर भेजा जा रहा है। यह शिक्षा का नहीं, पीढ़ियों को अंधकार में धकेलने का षड्यंत्र है।
पत्थर दिल के लोगों तक ये वीडियो पहुंचनी चाहिए 💯
इस बच्ची को अपने निकटतम विद्यालय में पढ़ने का अधिकार है 💯
क्यों बच्चों और अभिभावकों को ऐसे आदेशों से परेशान किया जा रहा है?
देखिए कितना मार्मिक है या वीडियो 😔
#justiceforschoolschildren@vipinUPPSS
#Justiceforschoolschildren
आजादी से अब तक तमाम सरकारों, जनसेवकों, माननीयों की कोशिशों और बड़ी मुश्किल से गांव- गांव तक विद्यालय पहुंचें हैं। अब कुछ संसाधन बचाने, कुछ धन बचाने के चक्कर में इन्हें बंद मत कीजिए। एक बार बंद हुए विद्यालय फिर दुबारा खोलने में बहुत मशक्कत होगी। बच्चे आज कम है उस गांव में, कल को हो सकता है बढ़ जाए।
इतना भीषण कदम मत उठाइए।
विद्यालय बंद करना कहीं से कोई समाधान नहीं है, समस्या का। ग्रामीणों, छात्रों और शिक्षकों के लिए यह विद्यालय एक स्थान नहीं बल्कि हजारों बाल स्मृतियों का कल्प- वृक्ष है। इसे न काटिए।
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#Justiceforschoolschildren
उत्तर प्रदेश में सरकारी संस्थानों पर अनुमानित रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में 60-70% लोग सरकारी स्कूलों और अस्पतालों पर पूरी तरह से निर्भर हैं। सरकारी संस्थान, विशेषकर अस्पताल और स्कूल, कम आय वर्ग के लिए सस्ती और सुलभ सेवाएँ प्रदान करने के लिए आवश्यक हैं, जो लोग निजीकरण पर ज़ोर डालने की बात करते हैं और कहते हैं कि कौन सरकारी संस्थानों का लाभ लेता है, उन्हें यह समझना चाहिए कि एक बड़ा वर्ग धराशाही हो जाएगा अगर संस्थान समाप्त अथवा कम किए गए। ये संस्थान शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी अधिकारों को सुनिश्चित करते हैं, जो सामाजिक-आर्थिक विकास या यूं कहें जीवन Survival के लिए महत्वपूर्ण हैं।
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विपिन बिहारी