आज राज्यसभा में Paper Leak Bill पर चर्चा के दौरान एक बहुत दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति उत्पन्न हुई। नेता प्रतिपक्ष खड़गे जी ने गृह मंत्री माननीय श्री @AmitShah जी के लिये बहुत आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया। यह वैसी ही मिलती-जुलती अभद्र भाषा है , जैसी नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जी लोकसभा में करते हैं।
यह कांग्रेस की क्षुद्र मानसिकता, पराजित मानसिकता और फ्रस्ट्रेटेड होने के बाद उसकी कुंठा का परिचय है, जो प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और गृह मंत्री अमित शाह जी की प्रति पराजय की कुंठा दिखाई गई।
हम उनसे कहना चाहेंगे कि चुनावी मैदान में होने वाली अपनी शिकस्त का इंतकाम प्रधानमंत्री जी और गृहमंत्री जी के विरुद्ध इस ढंग के निंदनीय शब्दों से लेने की कोशिश सफल नहीं होने वाली है।
आप निरंतर जनता के द्वारा नकारे जा रहे हैं। उसके बाद यदि आप सोचते हैं कि इस ढंग की आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करके आपको कोई सफलता मिलेगी, तो मैं कह सकता हूं कि अभी तो आप सरकार से उतरे हैं, इस तरह की भाषा के द्वारा आप जनता की नजरों से भी उतर जाएँगे।
श्री राम जन्मभूमि के विषय के ऊपर, जिस प्रकार की राजनीति समाजवादी पार्टी करने का प्रयास कर रही है, वह अपने आप में बहुत निंदनीय है बहुत स्पष्ट रूप से सरकार पूरी संवेदनशीलता और सतर्कता के साथ उस विषय पर कार्य कर रही है। यह विषय सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार चल रहा है।
इसके उपरांत भी राजनीति करने वालों को मैं याद दिलाना चाहता हूं कि ये वही लोग थे, जो यह कहते थे कि अयोध्या तो यहां थी ही नहीं। ये वही लोग थे, जो कहते थे कि भगवान श्री राम तो हुए ही नहीं। ये वही लोग थे, जो मजाक उड़ाते थे कि राजा दशरथ के इतने महल थे, तो श्री राम यहां पैदा हुए थे या वहां पैदा हुए थे। और ये वही लोग थे, जिन्होंने रामभक्त कारसेवकों के खून से सरयू को लाल कर दिया था। क्योंकि इनका तो एजेंडा Eradication of Sanatan Dharma, यानी हिंदू धर्म का समूल नाश है। और ये वही लोग हैं, जो मात्र कुछ साल पहले श्रीरामचरितमानस की प्रतियां फाड़ते थे। जो यह कहते थे, “Eradication of Sanatan Dharma”, कि हिंदू धर्म कोरोना वायरस, डेंगू, एचआईवी, जाने क्या-क्या है। इसलिए हम पूरे देश की जनता के सामने स्पष्ट रूप से कहना चाहते हैं कि
जब अयोध्या रामभक्त कारसेवकों के खून से लाल हो गई थी।
सैकड़ों कारसेवक मारे गए थे, यद्यपि इन्होंने आधिकारिक रूप से सिर्फ 16 की संख्या स्वीकार की थी।
उस समय एक नारा लगा था:
“अब भी जिसका खून न खौला, खून नहीं वो पानी है,
और जन्मभूमि के काम न आए, वो बेकार जवानी है।”
तो आज मैं इन लोगों से कहना चाहता हूं:
“जिनका खून नहीं खौला था, खून नहीं वो पानी है,
और वही भक्त का स्वांग रचाते हैं। ये भक्ति नहीं, बेईमानी है।”
पहले मतदान फिर जलपान।
मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव के सभी मतदाताओं से अपील है कि दतिया के चतुर्दिक विकास के लिए एवं स्वर्णिम मध्य प्रदेश के निर्माण के लिए कमल का बटन दबाकर भाजपा प्रत्याशी श्री @Ashutosh4BJP जी को अधिक से अधिक मतदान कर दतिया के विकास के लिए अपना योगदान करें।
भारतीय जनता पार्टी, दिल्ली के सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप सभी संगठन की अपेक्षाओं पर खरा उतरते हुए समर्पण और कर्मठता के साथ इस महत्वपूर्ण दायित्व का सफलतापूर्वक निर्वहन करेंगे।
#BJP4ViksitBharat@BJP4Delhi
श्री अखिलेश यादव जी, आज आप किस अधिकार से पिछड़ों और महिलाओं की बात करते हैं? मैं पिछड़े पाल समाज से हूं, एक महिला हूं और आपकी ही पार्टी से विधायक भी रही।
मेरे पति का हत्यारा जब मिट्टी में मिला और मैंने माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ एवं उनकी सरकार को धन्यवाद दिया तो आपने मुझे पार्टी से निकाल दिया।
आपके चाचा राम गोपाल यादव जी ने कहा "अतीक अहमद को मारने वालों को सत्ता में लौटने पर सजा मिलेगी, हम वक्त का इंतजार कर रहे हैं"। आपने एक बार भी उनके इस बयान खिलाफ कुछ नहीं कहा, मौन रहे।
श्री अखिलेश यादव जी, सही मायने में कहूं तो आपको सिर्फ यादव और मुस्लिम की चिंता है। गैर यादव ओबीसी की किसी अन्य जाति के लोगों से आपका कोई लेना देना नहीं है। आप सिर्फ और सिर्फ हम गैर यादव पिछड़ी जातियों के शोषक हैं।
अंत में एक प्रश्न है आपसे!
मैंने जो झेला प्रभु श्रीराम न करें लेकिन फिर भी अगर वैसी ही घटना आपके परिवार के किसी महिला के साथ हो जाती तो आप क्या करते? सरकार अगर हत्यारों को मिट्टी में मिला देती तो आप क्या कहते?
श्री अखिलेश यादव जी आपके जवाब का इंतजार रहेगा।
@yadavakhilesh@samajwadiparty
श्री अखिलेश यादव जी, आप पूछ रहे थे कि मुझे क्या मिला?
आज आपके प्रश्न का जवाब देती हूं।
अखिलेश जी, मुझे गर्व है कि मैं पाल समाज की बेटी हूं और भाजपाई हूं। मैं उस पार्टी में हूं जहां चाय वाला भी प्रधानमंत्री बन सकता है। ये मेरी क्षमता पर निर्भर करता है।
अखिलेश जी, मैं उस पार्टी में हूं, जहां पाल समाज का बेटा या बेटी विधायक, सांसद, मंत्री, उपमुख्यमंत्री, मुख्यमंत्री, राज्यपाल, प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति बन सकता है।
सपा में अतीक, मुख्तार, आजम और सैफई परिवार के अलावा किसी का कोई भविष्य न पहले कभी था और ना होगा।
@yadavakhilesh@samajwadiparty