अभी ग़नीमत है सब्र मेरा,
अभी लबालब भरा नहीं हूँ…
वो मुर्दा समझ रहा है मुझको,
उसे बता दो…मैं मरा नहीं हूँ…
वो कह रहे हैं कुछ दिनों में,
मिटा कर रख दूँगा तेरी हस्ती…
है उसकी आदत डरा रहा है,
है मेरी फितरत, डरा नहीं हूँ…!!
#में_हूं_एमपी_का_शोषित_एनएचएम_संविदा@ChouhanShivraj
काला पानी की सजा से भी बढ़कर है एमपी में NHM की संविदा नौकरी करना।
जो लोग जीवन के महत्वपूर्ण 20 से 25 साल यहां दे चुके हैं वो अब कहां जाएं
@ChouhanShivraj जी आपने 15 दिन में आदेश करने का बोला था आज 15 दिन हो गए।
क्या आज 5 जून 2018 की नीति के आदेश NHM में लागू होंगे
#मामा_की_बात