Dear @TRAI,
Imagine your recharge plan is going to expire in 2 days.
Imagine someone is following your sister late at night, and she is trying to call you for help.
Imagine you are injured on the road and desperately trying to call a family member.
But before the call even connects, telecom companies play long warnings like “your plan is expiring soon, please recharge” in two languages. During this warning, the actual call does not connect, and valuable time gets wasted.
In emergency situations, even a few seconds matter. These repeated recharge reminders are extremely frustrating.
We already know when to recharge. Customers should not be forced to listen to long, nonsensical warnings.
Please order all telecom companies to immediately stop these nonsense warnings before calls, or allow the call to connect while the warning plays in the background.
Be serious.
I am not able to understand what is happening with the internet and network of airtel. So, I have a 5G phone, I have unlimited 5G recharge and network and so much data but my internet is just working like I'm in 2G or 3G generation. At present I am typing this tweet.....
फेसबुक पर एक शिक्षिका हैं, उन्होंने पोस्ट किया है:
पता नहीं हर जिले में ऐसा है या केवल अमेठी में छह महीने से यह हो रहा है कि तीन तीन महीने तक एमडीएम का कन्वर्जन कास्ट नहीं आता है...
130 बच्चों में प्रतिदिन 122/125 बच्चे तक उपस्थित रहते हैं,परीक्षा में तो शत प्रतिशत उपस्थिति रहती है..उन्हें गुणवत्ता पूर्ण भोजन कराने का खर्च कितना है अंदाज़ा लगाइए ..फल,सब्जियां,दाल,तेल,मसाले की कीमत तो जाने दें नमक की कीमत भी ग्रांट पास करने वालों को पता नहीं होगी...
साथ ही भोजन बनाने में एक महीने में लगभग चार गैस सिलेंडर का खर्च होता है और सिलेंडर तथा दूध का एक रुपया सरकार नहीं देती है..( सिलेंडर मुफ़्त न दें तो उसपर सब्सिडी ही दे देते,लेकिन नहीं जी मास्टर उसे अपनी जेब से दें या एमडीएम में एडजस्ट करें,अब जिनके यहां अधिक नामांकन और कम उपस्थिति है वह तो एडजस्ट कर भी लें पर जिनके यहां नामांकन और उपस्थिति लगभग प्रतिदिन समान हो वह क्या करें?)
लोकल होने के कारण हमें बनिया से लेकर सब्जी,फल वाले सामान उधार दे देते हैं पर आख़िर कितने महीने वह उधार दें और अगर मास्टर अपने पास से लगाए तो कितना लगाए और कब तक लगाए क्योंकि महीने में पांच दस हज़ार नहीं बीसों हज़ार रुपए भोजन में खर्च होते हैं..
मास्टर चोर हैं,निकम्मे हैं,भ्रष्टाचारी हैं मान लिया किंतु बड़े साहब लोग आप लोग एक महीने ही बिना ग्रांट के गुणवत्ता पूर्ण भोजन बनवा कर बच्चों को खिला दें ताकि हम लोग आपसे सीख सकें कि बिना पैसों के कैसे नियमों का पालन होता है..
बाक़ी रसोइयां लोगों की इतनी कड़ी मेहनत,काम के घंटों के हिसाब से महीने में मात्र दो हज़ार रुपए मानदेय है और वह भी हर महीने रेगुलर न आकर तीन चार महीनों में मिलता है उसकी तो कोई सुधि ही नहीं लेने वाला है(काश इन्हें मनरेगा से जोड़ देते तो भी कुछ बेहतर होता)
स्कूल में अपने बच्चों का मुँह देखकर हर समस्या भूल जाने वाले मास्टर किससे गुहार लगाएं, कहां जाएं?
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@CMOfficeUP से आग्रह है कि इसका संज्ञान लें और निदान करें। साथ ही, यह भी देखें कि क्या यह समस्या व्यापक है?
आपमें से किसी की भी कोई पहुँच हो शिक्षा विभाग तक तो इसे आगे बढ़ाएँ।
‘संचार साथी’ एप्प का मुख्य लक्ष्य है IMEI स्पूफिंग से फोन की रक्षा, यदि खो जाए तो ट्रैक कर सकें। सरकार का यही क्लेम है और इसके लिए सरकार ने हर फोन कंपनी को इसे फोन में ब्लॉटवेयर की तरह डालने कहा है, जहाँ:
१. यह एप्प किसी भी तरह डिलीट नहीं हो सकता
२. इसे आपके फोन, कैमरा, माइक, कीबोर्ड, अन्य एप्स को देखने, सुनने की अनुमति चाहिए, आप इसे ऑफ नहीं कर सकते
३. यह आपका लोकेशन ट्रैक करता रहेगा, जो उचित है क्योंकि फोन को बचाना है
४. यदि आपने एप्पल के ‘रिक्वेस्ट टू ट्रैक’ को ऑफ कर रखा है तो वह स्वतः ऑन रहेगा, यानी हर एप्प आपको पुनः ट्रैक कर सकेंगे
जो बातें अनुचित हैं, वो यह हैं कि मैं इस सुविधा का लाभ लूँ या नहीं, यह वैकल्पिक होना चाहिए। चुराए गए फोन को पाने के लिए एप्पल में पहले से ही फोन ऑफ करने के उपरांत भी ट्रैकिंग की सुविधा होती है, उसे आपके कैमरे, माइक की अनुमति नहीं चाहिए।
जो लोग यह कुतर्क कर रहे हैं कि विदेशी कंपनियों को हम यही अनुमति दे देते हैं, उन्हें यह बता दूँ कि वह वैकल्पिक है और वो कंपनी पुलिस के साथ मिल कर मेरे मैसेज पढ़ कर मुझे ट्रैक नहीं कर रही। मैं केवल एक स्विच बंद कर के ‘ट्रैकिंग ऑफ’ कर सकता हूँ। यह विकल्प सरकार नहीं दे रही।
‘आपके फोन में ऐसा क्या है जो आप डर रहे हैं’, यह भी एक कुतर्क आता है। मेरे फोन में कुछ हो या न हो, सरकार मेरे फोन को बचाने के लिए झूठ बोल कर एप्प नहीं डाल सकती। यह दो कौड़ी के बहाने हैं। सरकार प्रभावी तौर पर आपका बैंक, आपकी बातचीत, आपके मैसेज आदि सब आधिकारिक तौर पर एक्सेस कर सकती है।
एक बार सोचिए कि ‘सरकार’ का अर्थ कोई एक व्यक्ति नहीं होता, यह डेटा हर पुलिस स्टेशन में किसी एक की निगरानी में होगा। वो चाहे तो किसी को लगातार ब्लैकमेल कर सकता है, उसके बैंक से पैसे निकाल सकता है, ओटीपी पढ़ सकता है।
क्या सरकार ने यह बताया है कि इसका बैकएंड क्या है? कौन इसे पढ़ेगा? सरकार आने वाले अपडेट में क्या-क्या माँग लेगी? राज्य सरकार और पुलिस इसे किस तरह का टूल बना सकती है उसका अंदाजा आपको नहीं है।
@DoT_India@PMOIndia यदि यही सब करना है तो स्वयं को पोलित ब्यूरो घोषित कर के चीन बन जाओ। इस एप्प को केवल और केवल लोकेशन ट्रैकिंग की अनुमति होनी चाहिए जो कि इसका मुख्य कार्य है, इसके अलावा हर परमिशन केवल पुलिसिंग के लिए बैकडोर एंट्री है।
संभव है कि विपक्ष इस पर खानापूर्ति करने को दो ट्वीट कर के चुप हो जाएगा क्योंकि उनकी भी सरकारें कई जगह पर हैं और वो भी चाहते हैं कि ऐसा कुछ हैंडल उनके पास भी हो।
“हाथ में पोस्टर पॉल्यूशन के नाम के
और मुंह में नारे देश विरोध और लाल सलाम के और नक्सलियों का समर्थन” 🤦♂️
टुकड़े-टुकड़े गैंग की देश के खिलाफ जहर घोलने की आदत अब पुरानी हो चुकी है।
कभी विरोध के नाम पर अराजकता, तो कभी अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर राष्ट्रविरोध। इनके नापाक मंसूबे और चालें अब नहीं चलने वाली। देश की जनता इनके दोहरे चरित्र को पहचान चुकी है
🚨This is Adina Mo$que of Malda (WB) !
🚨 As per claim it was made by Sikandar Shah during 14th century !
🚨What are Hindu symbols, Hindu idols doing in this mo$que Until it was not built by demolishing Adinath Mahadev Temple !
🚨 Every Hindu must act like a lawyer in protecting our Dharma !
🚨 There is no other Option !!
🚨 If there is no Dharma there will be no Bharat !
Probably for first time, I will praise Pakistan and ask India to learn from it.
Pakistan threw out 13 lakh illegal immigrants in just 2 years, bluntly showing the middle finger to UNHCR.
While India is providing shelter, food and school to 46,000 Rohingyas on orders of UNHCR
Yesterday I asked our gardener how much he pays for a recharge. He said ₹199/- Airtel pack. I told him that the minimum price will be higher from next month.
He said, A few years ago, with a ₹40-50/- recharge, I could easily manage for months. Why doesn't the government help people like us?
People like him don't use any data but forcefully pay for things they don't use, there are millions of people like him, but who'll listen to them? They are not on social media to raise their voice like the rich and powerful dog lovers.
ये आरफा खानम है,
इसने कल बकरीद पर हिन्दुओं की धार्मिक भावना का मजाक उड़ाते हुए एक पोस्ट किया।
मामला जब तूल पकड़ने लगा तो इसने माफी मांग ली।
लेकिन ये वही नफरती कांग्रेस नेता है जिसने नूपुर शर्मा और शर्मिष्ठा पनोली के माफी मांगने के बावजूद गिरफ्तारी की मांग करी थी।
अब पूरे देश के लोग आरफा खानम की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
When your trains are stoned, burnt and derailed; these Bangladeshis just work from home!
Please act now @AshwiniVaishnaw ji and free Railway land from these parasites!