शठे शाठ्यम् समाचरेत!
जन्म से जाति का निर्धारण जाति व्यवस्था है।
इसे बदलना ही लक्ष्य है,
ताकि कर्म से जाति का निर्धारण करके वर्ण व्यवस्था पुनर्स्थापित हो।
यद्यपि दलित हिंदू या बौद्ध या सिख या आदिवासी है।
पर, कुतर्क के लिए, @samajwadiparty का मुस्लिम नफरती प्रवक्ता #अमीक_जमेई यदि यह कहे कि अरजाल मुस्लिम नहीं हैं, तब वह कहे कि दलित हिंदू नहीं है।
@yadavakhilesh यदि आतंकी का धर्म इस्लाम कहें, तो अपराध की जाति देखे।
@News18India
कि मुस्लिम और हिंदू दो अलग विचारधारायें हैं और साथ नहीं रह सकते, फिर से भारत का धार्मिक बंटवारा करायेगा यदि सम्पूर्ण आबादी का आदान-प्रदान नहीं होता।
सारे सनातनियों को @INCIndia से शरिया की जिद कर रहे @AIMPLB_Official@ArshadMadani007 के कुकर्म के लिए जबाब मांगना ही होगा।
@BJYM
जिन मुस्लिम नफरतियों के पूर्वजों ने, महात्मा गांधी+नेहरू के घोर साम्प्रदायिक मुस्लिम तुष्टीकरण के बाद भी पाकिस्तान के लिए वोट करके देश बांटा, पर पाकिस्तान गये नहीं; उन्हीं नफरतियों की वर्तमान नफरती औलादें भारत में संविधान के प्रावधान UCC से +जिस वंदेमातरम गान को गाते हुए देश के
क्रांतिवीर फांसी पर झूल गये, उससे पीड़ित होने के नफरती डर का विक्टिम कार्ड खेलने के लिए जंतर-मंतर पर साम्प्रदायिकता का नंगा नाच करने पर आमादा हैं।
इससे डा भीमराव अम्बेडकर और लौहपुरूष सरदार बल्लभ भाई पटेल की यह आशंका सही सिद्ध होने वाला है कि धार्मिक बंटवारे के लिए दिया गया यह
दिमागी-नक्सल #Satish_K_Singh, @INCIndia@samajwadiparty आदि मुस्लिमपरस्तों को लालकृष्ण आडवाणी द्वारा जिन्ना के मजार पर जाना याद है;
पर, इन लम्पटों को पीढ़ी दर पीढ़ी धर्म-जाति-संस्कार बदलने वाले लव-जिहादी #नेहरू_गांधी_परिवार का आक्रांता बाबर की मजार पर नाक रगड़ना याद क्यों नहीं
@SupriyaShrinate अच्छे से पता है कि यह विदेशी भ्रूण @RahulGandhi "विविधता में" इस्लामीकरण के लिए प्रेरित करने वाले तथा सनातन के विनाश को "एकता" मानता है।
जबकि सनातन में "विविधता" सर्वधर्मसमभाव के लिए प्रेरित करने वाली "एकता" है।
पर,इस्लाम की दलाली में अंधें, तुमलोगों की समझ शरिया में खोया है।
@DrMohanBhagwat मानने वाला मुस्लिम सनातन का शत्रु क्यों नहीं है? ऐसी नफरती मूल के रहते केवल हिंदुओं को ज्ञान देना अत्याचार है। लगता है @DrMohanBhagwat अपने पूर्ववर्ती गुरू गोलवलकर का विश्लेषण+शुत्र-बोध भूल गये।
@RSSorg को गलत दिशा देकर सनातनियों के साथ विश्वासघात सनातनी को स्वीकार्य नहीं है।
@DrMohanBhagwat वही गलती कर रहे हैं,जो किसी समय लालकृष्ण आडवाणी ने किया था। 99.99% मुस्लिम कभी भी सर्वधर्मसमभाव वाली विविधता में एकता को स्वीकार नहीं कर सकता, अपितु उसके लिए विविधता का इस्लामीकरण ही एकता है।
713ई से आरम्भ हुआ गजवा-ए-हिंद यानी इस्लामीकरण आज भी "धर्मनिरपेक्ष" नामक
@DrMohanBhagwat विदेशी विचार कर पर्दे में जारी है। जब कुरान साफ साफ कहता है कि एक भी गैर-मुस्लिम के जीवित रहते उसके अल्लाह का हुक्म पूरा नहीं होगा; गैर-मुस्लिमों का दीन करो- यानी या तो उनको मुस्लिम बनाओ या मार दो; ऐसे में सनातन का वास्तविक शत्रु यह विचारधारा क्यों नहीं है? ऐसी विचारधारा को
हिंसा+नफरत का विक्टिम कार्ड खेलने वाले विदेशी मजहबी इस्लामिक राक्षसों का गुरू @KapilSibal, अमेरिका में @DrMohanBhagwat का भाषण नहीं समझ पा रहा है?
विविधता में इस्लामीकरण से सनातन का विनाश वाला @RahulGandhi-ज्ञान;और
विविधता में सर्वधर्मसमभाव के लिए प्रेरित करने वाला सनातनी एकता
@INCIndia मुस्लिम-पहले का नारा लगाने वाला मनमोहन-सोनिया एंटोनियो माईनो काल विविधता में इस्लामीकरण के लिए प्रेरित करने वाला सनातन के विनाश का काल था;
जबकि मोदी-काल विविधता में सर्वधर्मसमभाव के लिए प्रेरित करने वाला सनातनी एकता का काल है।
पर,इस्लाम की दलाली में अंधों की समझ शरिया तक ही है।
@BoltaHindustan जिंदगी को नर्क बनाने वाला राक्षस वह है, जिसने तुम्हें गाली-गलौज करना सिखाया?गाली-गलौज करके विक्टिम कार्ड खेलने का क्या मतलब?
तुम्हे कोई गाली देगा, तो क्या तुम फूल-माला पहनाओगी?
@jhoothkigoonj में सच बोलने पर @RahulGandhi ने 20 साल की बच्ची पर FIR करवा दिया।
तुमने तो पाप किया।
राहुल गांधी के बयान पर चाय विक्रेताओं का करारा जवाब — चाय की टपरी पर सब बराबर! ☕
राहुल गांधी के चाय की दुकानों पर जातिगत भेदभाव संबंधी बयान के बाद कई चाय विक्रेताओं और ग्राहकों ने उनकी बात को गलत ठहराया है। विक्रेताओं का कहना है कि चाय की दुकान पर न किसी की जाति पूछी जाती है और न ही जाति के आधार पर अलग कप या कुल्हड़ रखे जाते हैं। यहाँ हर ग्राहक को एक समान सम्मान के साथ चाय परोसी जाती है।
दुकानदारों ने राहुल गांधी के बयान को भ्रामक और राजनीति से प्रेरित बताया... सुनिए। ⬇️