अपनी नफरतगिरी बिहार से दूर रखो!
आपका जहां जन्म हुआ है, महाराष्ट्र में वहां पर कभी आवाज उठाई बिहारियों के लिए?
आज देश के हर कोने में बिहारी मजबूर है, गाली खा कर रहने के लिए क्योंकि सरकार को बिहार से केवल मज़दूर चाहिए।
सरकारों ने जानबूझ कर बिहार को ऐसे छोड़ा हुआ है, क्योंकि आपको सस्ते में मजदूर चाहिए। अगर बिहार का विकास कर दिया तो पलायन रुक जाएगा, फिर आपको सस्ते मजदूर कहां से मिलेंगे?
और अगर कुछ संवैधानिक तौर पे गलत हो रहा है तो सरकारें क्या कर रही है?
जहां तक मुझे मालूम है विगत 21 सालों से बिहार में भाजपा गठबंधन की हीं सरकार है अब तो मुख्यमंत्री भी भाजपा के हीं हैं।
एवं 12 सालों से केंद्र में भी भाजपा की हीं सरकार है।
आपलोगों ने पुलिस को सिर्फ छात्रों, मजदूरों, लाचारों और गरीबों को मारने–पीटने एवं दोहन के लिए रखा है क्या?
जो आप बता रहे हो या तो गलत है और अगर सही है तो प्रशासन क्या कर रहा है?
आप यहां क्या चाहते लोग आपस में लड़े और आपके आकाओं को चुनावी मुद्दा मिल जाए?
कश्मीर बन रहा बिहार, मस्जिदों के स्पीकर से इलाका छोड़ने के लिए हिंदुओं पर बनाया जा रहा दबाव। छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक कर रहे हैं हिंदुओं पर हमले। बक्सर का है मामला।
अपनी नफरतगिरी बिहार से दूर रखो!
आपका जहां जन्म हुआ है, महाराष्ट्र में वहां पर कभी आवाज उठाई बिहारियों के लिए?
आज देश के हर कोने में बिहारी मजबूर है, गाली खा कर रहने के लिए क्योंकि सरकार को बिहार से केवल मज़दूर चाहिए।
सरकारों ने जानबूझ कर बिहार को ऐसे छोड़ा हुआ है, क्योंकि आपको सस्ते में मजदूर चाहिए। अगर बिहार का विकास कर दिया तो पलायन रुक जाएगा, फिर आपको सस्ते मजदूर कहां से मिलेंगे?
और अगर कुछ संवैधानिक तौर पे गलत हो रहा है तो सरकारें क्या कर रही है?
जहां तक मुझे मालूम है विगत 21 सालों से बिहार में भाजपा गठबंधन की हीं सरकार है अब तो मुख्यमंत्री भी भाजपा के हीं हैं।
एवं 12 सालों से केंद्र में भी भाजपा की हीं सरकार है।
आपलोगों ने पुलिस को सिर्फ छात्रों, मजदूरों, लाचारों और गरीबों को मारने–पीटने एवं दोहन के लिए रखा है क्या?
जो आप बता रहे हो या तो गलत है और अगर सही है तो प्रशासन क्या कर रहा है?
आप यहां क्या चाहते लोग आपस में लड़े और आपके आकाओं को चुनावी मुद्दा मिल जाए?
@RanvirShorey@PMOIndia@moefcc हां! सरकारों को तो हमने सिर्फ रोला जमाने के लिए और भ्रष्टाचार करने के लिए बनाया है।
सब तो नागरिक हीं करेंगे, दूसरा पक्ष ये भी है।
जो इन्होंने किया उसकी सराहना लेकिन सरकारों का निकम्मापन भी दिखाती है।
साहब! आपने अपना प्लेटफार्म सिर्फ नफरत फैलाने के लिए हीं बनाया है क्या?
दीपके से सवाल पूछने से अच्छा सरकार से सवाल पूछो ना।
जब दीपके अगर बचाव में आएगा तो उसकी पोल खुलेगी।
लेकिन सरकार से सवाल पूछने के बजाय आप दूसरी सरकार को बचाने के हिसाब से सवाल पूछ रहे हो।
यहां ना ज्यादातर को मतलब नहीं है किसकी सरकार है, मतलब बस यह है कि समस्याओं पर बात हो और सुधार हो।
माननीय पूर्व सांसद महोदया जी!
आप सरकार में हीं है ना या विपक्ष में?
इस तरह के सवाल पूछ कर आप खुद अपने और अपने सरकार का मजाक उड़वाती हैं।
मुझे तो आपके पिताजी का भी नाम नहीं मालूम है ना हीं जानने की इक्षा है ना हीं जानने की जरूरत होनी चाहिए।
क्या आप बता सकती हैं कि आपको किसी के पिताजी का नाम जानने की इतनी उत्सुकता क्यों है?
क्या आप इससे ये साबित करना चाहती है कि वो इस देश का नागरिक है या नहीं?
अगर ऐसा है तो आप सरकार में हैं वो करें जो संवैधानिक है ये बेफिजूल की मुद्दे फैला कर असली मुद्दों को कमतर करने की कोशिश ना करें। शुक्रिया।
सर! मुझे बहुत दुःख होता है।
जब किसी सैनिक या उनके लिए कुछ बोलना हो लेकिन क्या करें मजबूर कर देते है आप जैसे।
आपने जो चार नाम लिए हैं और जो आरोप लगाएं हैं इससे क्या साबित हो रहा है।
या तो आप कुंठित है और आपको सरकारों से किए जाने वाले सवाल से एतराज है।
या यह सरकार इतनी निकम्मी है कि आपने जो आरोप लगाएं वो सही है और एक व्यक्ति एक राष्ट्रीय पार्टी बना कर हर राज्य में चुनाव लड़ रहा है, दिल्ली का मुख्यमंत्री भी रह चुका है, पंजाब में अभी भी सरकार इसी पार्टी की है। बाकी बचे हुए तीन इस देश में घूम रहे है।
तो क्या ऐसी सरकार हमारे देश के लिए खतरा नहीं है?
बहुत आसान है ना कि जो भी सवाल पूछे उसपर आरोप लगा कर उससे बदनाम करके उसकी विश्वसनीयता कम कर दो।
और अगर आपको सब मालूम है तो आप FIR करके इनको जेल में भेज कर हमें इनसे मुक्त क्यों नहीं कर रहे एवं सब मालूम होते हुए भी अगर आप मूकदर्शक बन कर हमें छले जाने दे रहे हो तो क्या आप देशद्रोही नहीं हुए?
Seriously @SauravDassss there is no one dumber than you. If you think with a few days of media coverage you and your foreign funded joker pals @abhijeet_dipke and @AshutoshRanka can pose a challenge to the incumbent leadership, despite your foster father @ArvindKejriwal guiding you, you are mistaken. It is just a matter of time, before you are put in your place.
सर! मुझे बहुत दुःख होता है।
जब किसी सैनिक या उनके लिए कुछ बोलना हो लेकिन क्या करें मजबूर कर देते है आप जैसे।
आपने जो चार नाम लिए हैं और जो आरोप लगाएं हैं इससे क्या साबित हो रहा है।
या तो आप कुंठित है और आपको सरकारों से किए जाने वाले सवाल से एतराज है।
या यह सरकार इतनी निकम्मी है कि आपने जो आरोप लगाएं वो सही है और एक व्यक्ति एक राष्ट्रीय पार्टी बना कर हर राज्य में चुनाव लड़ रहा है, दिल्ली का मुख्यमंत्री भी रह चुका है, पंजाब में अभी भी सरकार इसी पार्टी की है। बाकी बचे हुए तीन इस देश में घूम रहे है।
तो क्या ऐसी सरकार हमारे देश के लिए खतरा नहीं है?
बहुत आसान है ना कि जो भी सवाल पूछे उसपर आरोप लगा कर उससे बदनाम करके उसकी विश्वसनीयता कम कर दो।
और अगर आपको सब मालूम है तो आप FIR करके इनको जेल में भेज कर हमें इनसे मुक्त क्यों नहीं कर रहे एवं सब मालूम होते हुए भी अगर आप मूकदर्शक बन कर हमें छले जाने दे रहे हो तो क्या आप देशद्रोही नहीं हुए?
@spvaid सर! आमनागरिक के तौर पर एक सवाल था। क्योंकि आप तो खास हो तो ये सवाल आपके जहन में नहीं उठता होगा।
क्या हमारा काम बस 5 साल में सरकार चुनना है?
बाकी उसके बाद मंत्री और पुलिस आपस में गठजोड़ करके इस देश को लूटते रहे।
और आमनगरिक अपने जीवनयापन के लिए हीं जूझता रहे।
सर! आपसे आदरपूर्वक कहना चाहता हूं।
कभी अफसरों वाली जीवनशैली छोड़ कर आयें आमनागरिक की तरह फिर इन बातों में से अगर एक भी आप बोल पाओ।
आज अगर देश की सभी समस्याओं की जड़ कोई है तो हमारे देश का भ्रष्ट होता या कहूँ तो भ्रष्ट हो चुका पुलिसिया तंत्र है।
क्योंकि जिस तंत्र की जिम्मेदारी संविधान को बचाने की और देश के नागरिकों को संविधान के राह पर चलाने की थी वहीं आज संविधान नहीं मान कर नेताओं और पूंजीपतियों की रखे..... बनी हुई है।
बाकी आप तो खुद इसका अंग रहें है, कभी बाहरी आवाज को छोड़ शीशे में खुद यहीं सवाल पूछ लीजिएगा उत्तर मिल जाएगा।
Both The Government of India and Supreme Court have surrendered before the Cockroach Janta Party. The consequences of this capitulation will be serious in the days ahead.
As always, the police are left with no one willing to stand by them. If this is the message being sent, then perhaps, during the next riot, the police should simply step aside and let rioters and criminals do as they please. After all, why should the police risk their lives when the system refuses to stand behind them?
Is this really the message we want to send?